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DGMS स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुईं श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, सुरक्षित माइनिंग पर जोर, नए लेबर कोड पर कही ये बात

धनबाद में डीजीएमएस का 125वां स्थापना दिवस मनाया गया. समारोह में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने शिरकत की.

Minister Shobha Karandlaje At DGMS
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे. (फोटो-ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : January 7, 2026 at 4:33 PM IST

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धनबाद: केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे बुधवार को डीजीएमएस यानी खान सुरक्षा महानिदेशालय के 125वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुईं. उन्होंने दीप प्रज्वलित कर समारोह की शुरुआत हुई. इस दौरान मंत्री ने मजदूर हितों की बात करते हुए उनकी सुरक्षा, सामाजिक उत्थान के साथ-साथ कठिन परिस्थितियों में माइनिंग कार्य की सराहना की.

मंच से अपने संबोधन में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि माइनिंग का कार्य आजादी के पूर्व से चला आ रहा है. उस वक्त मजदूर अपने हाथों से पत्थर को काटा करते थे. लेकिन अब टेक्नोलॉजी आ गई है. हालांकि अब तक कई लोगों ने माइनिंग के दौरान अपनी जान गंवा दी है. इसलिए भारत सरकार सुरक्षित माइनिंग पर जोर दे रही है.

बयान देतीं केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे. (वीडियो-ईटीवी भारत)

देश के विकास में मजदूरों का योगदानः शोभा करंदलाजे

उन्होंने कहा कि भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है. इसमें मजदूरों का योगदान काफी महत्वपूर्ण है. उन्होंने इस दौरान अपने प्राण और परिवार को संकट में डालकर माइनिंग कार्य करने वालों लोगों को सिर झुकाकर प्रणाम किया. मंत्री ने कहा कि मजदूर देश के विकास के बारे में सोचते हैं. काम करने के लिए तो कई विभाग हैं, लेकिन वे माइनिंग में काम कर अपने देश के विकास में योगदान दे रहे हैं. इसलिए पीएम मोदी मजदूरों की सुरक्षा की प्राथमिकता देते हैं.

लेबर कोड पर मंत्री ने रखी बात

श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि हमारे देश में ब्रिटिश काल का ही लेबर कानून चल रहा था. ब्रिटिशर्स ने अपने हिसाब से श्रम कानून बनाया था. वर्तमान में भारत सरकार ने जो लेबर कोड लाया गया है उसे पहले ही लागू हो जाना चाहिए़ था, लेकिन अब इसे लागू किया गया है. कुछ राज्य इसे मानने से इंकार कर रहे हैं, लेकिन हम सभी को मिलकर लेबर कोड की दिशा में सकारात्मक पहल करने की जरूरत है.

माइनिंग टेक्नोलॉजी और सेफ्टी मेजर पर फोकस

इस दौरान मंत्री ने माइनिंग टेक्नोलॉजी और सेफ्टी मेजर पर फोकस किया. उन्होंने कहा कि माइनिंग के साथ-साथ इसके बेहतर टेक्नोलॉजी और मजदूरों की सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है. वर्तमान में दूसरे देशों में माइनिंग के दौरान होने वाले हादसों पर विराम लगा है. हमें उन देशों की टेक्नोलॉजी और सुरक्षा के उपायों पर ध्यान देने की जरूरत है. इसके लिए सभी संस्थानों और छात्रों को आगे आना चाहिए, ताकि हम माइनिंग में होने वालों हादसों पर विराम लगा सकें.

माइनिंग सेफ्टी को लेकर केंद्र सरकार गंभीर

वहीं मीडिया से बातचीत के दौरान श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि लेबर कोड जारी होने के बाद डीजीएमएस के ऊपर बहुत बड़ा दायित्व है. पीएम मोदी मानव सुरक्षा पर जोर देते हैं. लेबर कोड में माइनिंग सेफ्टी को भी रखा गया है. मजदूरों का इलाज, वेतन, मजदूरों के हितों का ख्याल रखते हुए लेबर कोड बनाया गया है. उन्होंने कहा कि 21 नवंबर को लेबर कोड जारी किया था और आने वाले दिनों में इसे कानून बनाएंगे.

देशभर में अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग तरह की माइनिंग होती है. विश्व में एआई और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी माइनिंग सेक्टर में काम कर रहा है. भारत भी इस दिशा में काम कर रहा है. मजदूरों की सेफ्टी हमारी प्राथमिकता है.

मीडिया से बात करते रेस्क्यू टीम के सदस्य और रेस्क्यू टीम हेड (ईटीवी भारत)

इस मौके पर 2024 में कोलंबिया में हुए 13वें इंटरनेशनल माइन रेस्क्यू कॉम्पिटिशन में भारत का प्रतिनिधित्व कर अपना दमखम दिखाने वाली महिला एवं पुरुष रेस्क्यू टीम को मंत्री ने सम्मानित किया है. महिला रेस्क्यू टीम की संध्या सिंह ने बताया कि खान हादसों से निपटना चुनौतीपूर्ण है और यह चुनौती अलग-अलग हादसों में अलग-अलग होती है. डब्ल्यूसीएल रेस्क्यू टीम हेड दिनेश कुमार ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए पुरस्कार पाना काफी गौरवान्वित करता है.

बता दें कि इंटरनेशनल माइन रेस्क्यू कॉम्पिटिशन में भारत, कनाडा, आस्ट्रेलिया समेत 23 देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था. माइंस रेसक्यू में दक्षता हासिल करने वाली हिंदुस्तान जिंक की यह पहली महिला रेसक्यू टीम है.

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