'प्रधानमंत्री हमरा बनने का मन है..' उपेन्द्र कुशवाहा पर भड़के अनंत सिंह, बोले- 'नीतीश जैसा कोई पैदा नहीं लिया..'
मोकामा विधायक अनंत सिंह ने उपेन्द्र कुशवाहा के उस बयान पर तंज कसा है जिसपर उन्होंने जेडीयू की विरासत संभालने का दावा किया था. पढ़ें-

Published : August 26, 2026 at 2:57 PM IST
पटना : मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने उपेन्द्र कुशवाहा के उस बयान पर तंज कसा है जिसमें उन्होंने खुद को नीतीश कुमार की विरासत को संभालने के लिए तैयार रहने को कहा था. छोटे सरकार के नाम से विख्यात अनंत सिंह ने जेडीयू के उत्तराधिकारी कौन होगा इसके बारे में भी बात की.
कुशवाहा का नाम सुनते ही भड़के अनंत : दरअसल, अनंत सिंह ने बुधवार को मीडिया से बात की इसी दौरान मीडियाकर्मियों ने उपेन्द्र कुशवाहा को लेकर सवाल पूछ दिया. मीडियाकर्मियों ने कहा कि उपेन्द्र कुशवाहा जेडीयू की विरासत संभालने के बारे में कह रहे हैं इसपर पहले अनंत सिंह भड़क गए फिर उन्होंने अपने तर्कों के साथ जवाब दिया.
'मेरा भी मन पीएम बनने का कर रहा है..' : अनंत सिंह ने पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि उन्हें भी प्रधानमंत्री बनने का मन कर रहा है, तो क्या कोई हमें पीएम बना देगा? मीडिया कर्मी इस जवाब को सुनकर सीधे दूसरे सवाल पर आ पहुंचे उन्होंने निशांत का नाम लेकर जेडीयू को संभालने को लेकर पूछा तो अनंत सिंह जवाब देने से पहले थोड़ा शांत हो गए फिर बोले- ''निशांत सबसे अच्छा है..''
"नीतीश कुमार के जैसा कोई पैदा ही नहीं लिया न ही लेगा. हमारा मन प्रधानमंत्री बनने का कर रहा है तो कोई मुझे प्रधानमंत्री बना देगा? निशांत जेडीयू के लिए अच्छा है वो जेडीयू को संभाल लेगा. लेकिन और नेता उससे अच्छा रहेगा. निशांत मुख्यमंत्री के एकदम योग्य हैं."- अनंत सिंह, मोकामा विधायक, जेडीयू
उपेन्द्र कुशवाहा ने क्या कहा था? : राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को संभालने को लेकर दावा किया था. उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार अब सक्रिय राजनीति से विश्राम ले चुके हैं. उनकी इस विशाल विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उनकी पार्टी RLM पूरी तरह तैयार है.
जेडीयू ने जताई थी कुशवाहा के बयान पर आपत्ति : जेडीयू के मंत्रियों श्रवण कुमार और मदन सहनी ने दो टूक कहा था कि नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को संभालने के लिए उनके बेटे निशांत कुमार पूरी तरह सक्षम हैं. वही जेडीयू का भविष्य हैं. श्रवण कुमार ने कहा था कि- "जब विरासत संभालने के लिए निशांत कुमार आ गए हैं, तो किसी बाहरी की यहां क्या आवश्यकता है?''
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