सरकार ने गिनाई 4 मौतें? राहुल बोले मध्य प्रदेश कुशासन का एपिसेंटर, उमा बोली मोहन यादव की परीक्षा
इंदौर दूषित पानी के मामले में एक्शन में मोहन यादव, अपर आयुक्त को हटाया, राहुल गांधी और उमा भारती ने मध्य प्रदेश सरकार को घेरा.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 2, 2026 at 4:55 PM IST
|Updated : January 2, 2026 at 5:06 PM IST
भोपाल: इंदौर में दूषित पानी के मामले में मध्य प्रदेश सरकार की हाई कोर्ट में पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट गंदे पानी से हुई मौत में केवल चार मौतें बताई गई हैं. हालांकि इंदौर में मौत का आंकड़ा 15 तक पहुंच चुका है. अब इस मामले में अगली तारीख 6 जनवरी की लगाई गई है. इधर इस मामले पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सवाल उठाते हुए पूछा है कि लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की. फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई?
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी इस मामले ने इसे सीएम डॉ मोहन यादव के लिए परीक्षा की घड़ी बताया है. अपनी ही सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ इंदौर के मेयर नहीं, मध्य प्रदेश का शासन एवं प्रशासन, इस महापाप के सभी जिम्मेवार लोग जनता के प्रति अपराध के कटघरे में खड़े हैं. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस मामले में एक्शन लेते हुए अपर आयुक्त को इंदौर से हटा दिया है. नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है.

सीएम का एक्शन, इंदौर में अपर आयुक्त हटाए
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ट्वीट कर ये जानकारी दी कि "आज सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव ने जो रिपोर्ट पेश की, उस पर भी चर्चा की गई. इंदौर नगर निगम आयुक्त दीपक कुमार यादव और अपर आयुक्त को इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
आज सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 2, 2026
इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस…
अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं. इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए गए हैं."
इंदौर में दूषित पेयजल प्रदाय से हुई दुखद घटना के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के उपरांत प्रदेश के अन्य स्थानों के लिए भी हम सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए हैं।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 2, 2026
इस दृष्टि से सभी 16 नगर…
कोर्ट में पेश रिपोर्ट में बताया गया , केवल 4 मौते हुईं
इंदौर में दुषित पानी की स्टेटस रिपोर्ट मध्य प्रदेश सरकार ने जो हाई कोर्ट में पेश की, उसमें इस पानी से केवल 4 मौतें बताई गई है. हालांकि अधिकारिक आंकड़ा 8 का है और 15 मौतें अब तक हो चुकी हैं. इंदौर हाईकोर्ट में भागीरथपुरा में गंदे पानी के सेवन के कारण हुई मौत के मामले में 3 याचिकाएं लगी थी. जिन पर आज सुनवाई हुई. इनमें से दो याचिका पर अब 6 जनवरी को सुनवाई होगी. जबकि एक अन्य याचिका पर 19 जनवरी की तारीख सुनवाई के लिए तय की गई है. कोर्ट की ओर से संबंधित विभागों को नोटिस भी जारी किये गए हैं
राहुल बोले मध्य प्रदेश कुशासन का एपिसेंटर बना
इंदौर में दूषित पानी के मामले में अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सवाल उठाया है. राहुल गांधी ने पूछा है कि "आखिर शिकायत पर सुनवाई क्यों नहीं हुई? इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा. घर-घर मातम है, गरीब बेबस है और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान. जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी. सरकार ने घमंड परोस दिया.
इंदौर में पानी नहीं, ज़हर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 2, 2026
घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं - और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी; सरकार ने घमंड परोस दिया।
लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की - फिर भी…
लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की, फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई? सीवर पीने के पानी में कैसे मिला. समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई?जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? ये ‘फोकट’ सवाल नहीं, ये जवाबदेही की मांग है. साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है. इस अधिकार की हत्या के लिए बीजेपी की डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है.
1. साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं।
— Uma Bharti (@umasribharti) January 2, 2026
2. प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और…
मध्य प्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है. कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें. जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं."
1. इंदौर दूषित पानी के मामले में यह कौन कह रहा है कि हमारी चली नहीं।
— Uma Bharti (@umasribharti) January 2, 2026
2. जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे?
3. ऐसे पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता या तो प्रायश्चित या दंड!
उमा भारती का सवाल, पद छोड़के जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे
उधर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इंदौर की घटना को लेकर एक के बाद एक तीन ट्वीट किए. इन ट्वीट में उन्होंने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया है. उन्होंने इसे सीएम डॉ मोहन यादव के लिए परीक्षा की घड़ी बताया है. उमा भारती ने लिखा "साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गई. प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है.
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जिंदगी की कीमत 2 लाख रुपए नहीं होती, क्योंकि उनके परिजन जीवन भर दुःख में डूबे रहते हैं. इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा, पीड़ितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं, उन्हें अधिकतम दंड देना होगा. यह मोहन यादव की परीक्षा की घड़ी है. एक अन्य ट्वीट में उन्होंने सवाल उठाया कि दूषित पानी के मामले में यह कौन कह रहा है कि हमारी चली नहीं. जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे?
1. सिर्फ इंदौर के मेयर नहीं, मध्य प्रदेश का शासन एवं प्रशासन, इस महापाप के सभी जिम्मेवार लोग जनता के प्रति अपराध के कटघरे में खड़े हैं।
— Uma Bharti (@umasribharti) January 2, 2026
2. मेरी 'X' पर प्रतिक्रिया के बाद मीडिया के पत्रकार भाई बहनों से नहीं मिल पाने के लिए क्षमा मांगती हूं, अभी 3 दिन पहले मेरी दाईं आंख की सर्जरी…
पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे?" सवाल उठ रहा है कि उनका ये कटाक्ष किस पर है. उमा ने कहा कि पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता या तो प्रायश्चित या दंड! सिर्फ इंदौर के मेयर नहीं, मध्य प्रदेश का शासन एवं प्रशासन, इस महापाप के सभी जिम्मेवार लोग जनता के प्रति अपराध के कटघरे में खड़े हैं.

