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विधायक रोहित पवार ने अजित पवार के विमान हादसे की आपराधिक जांच की मांग की

विधायक रोहित पवार अजित पवार के विमान हादसे के लिए वीएसआर कंपनी को जिम्मेदार ठहराया

mla Rohit Pawar
विधायक रोहित पवार (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : March 4, 2026 at 3:10 PM IST

4 Min Read
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मुंबई : बारामती में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले में केस दर्ज न होने पर विधायक रोहित पवार ने मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत से पहले कुछ लोगों ने दुर्घटनास्थल की रेकी की थी.

अजित पवार ने तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के दावोस दौरे के दौरान वीआरएस कंपनी की लापरवाही पर गंभीर आरोप लगाए थे. पहले तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद, गुरुवार को चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कुछ नए, गंभीर मुद्दे उठाए.

पवार ने कहा कि शक है कि हादसे से पहले एयरपोर्ट का इंस्पेक्शन किया गया था. इस बारे में हमारे पास कोई पक्का सबूत नहीं है. रोहित पवार ने कहा कि इस संभावना की भी क्रिमिनल विंग को पूरी तरह से जांच करनी चाहिए. रोहित पवार ने वीएसआर कंपनी के काम करने के तरीकों पर भी सवाल उठाए.

उन्होंने आरोप लगाया कि दावोस दौरे के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की फ्लाइट में नियमों का उल्लंघन किया गया था. उनकी जानकारी के अनुसार, शिंदे 16 से 20 जनवरी 2023 के बीच दावोस गए थे. इंटरनेशनल फ़्लाइट्स के लिए ‘फ्लाइट प्लान’ जमा करना और संबंधित देशों से अनुमति लेना जरूरी है.

ईरान ने प्लेन को मार गिराने की धमकी दी थी- विधायक पवार ने दावा किया कि अगर प्लेन बिना इजाजत के किसी देश में जाता है, तो उसे मार गिराया जा सकता है. शिंदे के दौरे के दौरान ऐसी गंभीर स्थिति पैदा हुई.

इस बारे में विस्तार से बताते हुए रोहित पवार ने कहा, “प्लेन में फ्यूल भरने के बाद, प्लेन ज्यूरिख के लिए रवाना हुआ. हालांकि, उड़ान के दौरान, प्लेन ईरानी क्षेत्र में घुस गया. उस समय ईरान ने चेतावनी दी थी कि “अगर तुरंत रास्ता नहीं बदला गया तो प्लेन को मार गिराया जाएगा.”

उस समय प्लेन में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और कुछ वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. ईरान के एतराज के बाद प्लेन को इराक की तरफ मोड़ दिया गया. हालांकि, कहा गया कि इराक से भी इजाजत नहीं मिली. आखिरकार, जरूरी अनुमति नहीं मिलने की वजह से प्लेन को फिर से डायवर्ट कर दिया गया. विधायक रोहित पवार ने दावा किया कि सभी संबंधित देशों से उड़ान की अनुमति मिलने के बाद ही वे ज्यूरिख के लिए रवाना हुए.

किसी के संरक्षण देने पर संदेह - विधायक पवार ने कहा कि मैं आज एक बात स्पष्ट करना चाहता हूं. मैं वीएसआर कंपनी या डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय- डीजीसीए) के खिलाफ नहीं हूं. हालांकि, जिस प्लेन में अजित पवार क्रैश हुए, वह वीआरएस कंपनी का था. अभी डीजीसीए इसकी जांच कर रहा है. मैं सिर्फ इसलिए बोल रहा हूं ताकि जो हुआ उसकी सच्चाई लोगों के सामने आ सके. शक है कि कोई इस कंपनी को सुरक्षा दे रहा है.

रोहित पवार ने कहा, "सवाल यह उठता है कि क्या किसी बड़े आदमी के दबाव में इसे बचाने की कोशिश की जा रही है. अगर ऐसा कुछ होता है, तो हमें डर है कि इस बात की कोई निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं होगी कि यह हत्या थी या दुर्घटना." सबूत नष्ट करने का शक- एकनाथ शिंदे के मामले में हुई घटना का जिक्र करते हुए रोहित पवार ने वीएसआर वेंचर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, "इस कंपनी पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है." उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोविड के समय में प्राइवेट प्लेन टिकट बेचते समय मरीजों से अधिक पैसे लेने के कारण कंपनी को यूएई में छह महीने के लिए बैन कर दिया गया था.

हवाई जहाज अमेरिका ले जाया गया- इस मामले में दस्तावेजों से छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए रोहित पवार ने तत्काल जांच की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के बाद संबंधित एयरक्राफ्ट को महाराष्ट्र और देश से बाहर ले जाया गया. उन्होंने कहा कि ‘लेगेसी 600’ एयरक्राफ्ट, जो हैदराबाद में था, उसे सैन मैरिनो (USA) ले जाया गया.

“अगर कुछ भी गलत नहीं है, तो घबराने की क्या बात है?” उन्होंने ऐसा सवाल भी उठाया. इस बीच, इन सभी आरोपों ने अजित पवार के प्लेन क्रैश की जांच को लेकर उठ रहे सवालों को और भी संदिग्ध बना दिया है. पूरी और निष्पक्ष जांच की मांग ज़ोर पकड़ रही है.

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