ग्रेटर नोएडा में नाबालिग से दरिंदगी: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, दिल्ली-यूपी पुलिस को नोटिस
ग्रेटर नोएडा में एक नाबालिग लड़की के साथ दुर्व्यवहार मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली-यूपी पुलिस को नोटिस जारी किया है.

Published : September 1, 2026 at 8:15 PM IST
नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने ग्रेटर नोएडा में एक नाबालिग लड़की के साथ बस ड्राइवर और कंडक्टर द्वारा किए गए कथित यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के मामले का कड़ा स्वतः संज्ञान लिया है. इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
यह सनसनीखेज घटना गत 4 अगस्त की है. उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली नाबालिग लड़की अपने परिवार के एक सदस्य से मिलने नोएडा के सेक्टर 63 जाने के लिए घर से निकली थी. सफर के दौरान वह गलती से अपने निर्धारित स्टॉप पर उतरने के बजाय ग्रेटर नोएडा के परी चौक के पास उतरी. वहां से नोएडा सेक्टर 63 जाने के लिए उसने एक बस पकड़ी, जिसमें बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने कथित तौर पर उससे दरिंदगी की. आरोप है कि आरोपियों ने वाहन के भीतर ही उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया. इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी और उसे दिल्ली के कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास छोड़कर फरार हो गए.
मानवाधिकार आयोग सख्त, अधिकारियों से तलब की रिपोर्ट
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मामले पर गहरी चिंता जताई है. आयोग का कहना है कि मीडिया रिपोर्टों में सामने आए तथ्य यदि सत्य हैं, तो यह सीधे तौर पर एक नाबालिग के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन और कानून के राज पर बड़ा आघात है. इसे गंभीरता से लेते हुए एनएचआरसी ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) के पुलिस कमिश्नर और मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक को औपचारिक नोटिस जारी किया है. आयोग ने इन सभी वरिष्ठ अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर पूरे मामले पर एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.
इस घटना के सामने आने के बाद से ही सामाजिक संगठनों और आम जनता में भारी रोष व्याप्त है. प्रशासनिक अमले की इस तरह की घटनाओं पर सख्ती और सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाने की मांग जोर पकड़ रही है. लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी है.

एक्स पर राहुल गांधी ने क्या लिखा
उन्होंने लिखा है, "दिल्ली एनसीआर महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो चुका है कि एक नाबालिग बच्ची के साथ एक स्लीपर बस में 47 किलोमीटर तक सामुहिक दुष्कर्म हुआ - ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक. हैरानी की बात है कि पूरी दिल्ली या नोएडा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी. यह बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली का रिंग रोड, बॉर्डर - सब पार कर गई, बिना एक भी चेकपोस्ट पर रोके गए. बस की सीटों पर पर्दे लगे थे, ताकि अंदर क्या हो रहा है कोई देख न सके और अपराधियों में प्रशासन का कोई डर भी नहीं. निर्भया के बाद इतने सालों में, इतनी घटनाओं के बाद भी ऐसी बसों की जांच और निगरानी के नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा? पर्दे सिर्फ़ उस बस में नहीं डाले गए थे, साल दर साल सरकार द्वारा प्रशासन की नाकामियों पर डाले गए पर्दों का नतीजा है कि देश की राजधानी में भी महिलाएं एक सुरक्षित सफर नहीं कर सकतीं. और कितनी महिलाओं और बच्चियों के साथ ऐसा होना बाक़ी है, तब जाकर केंद्र और राज्य सरकारें इस व्यवस्था को ठीक करेंगी? क्या अमित शाह के अधीन दिल्ली पुलिस और आदित्यनाथ के अधीन यूपी पुलिस की जवाबदेही तय की जाएगी? कोई गुंजाइश ही नहीं - इस अपराध पर भी एक पर्दा डाल दिया जाएगा."
आयोग द्वारा मांगी गई रिपोर्ट में इन बिंदुओं को स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं.
- मामले में अब तक की गई पुलिस जांच की अद्यतन स्थिति.
- पीड़िता के स्वास्थ्य, पुनर्वास और सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम.
- नियमानुसार पीड़िता को प्रदान किए गए मुआवजे का विवरण.
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