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ईरान-इजरायल युद्ध का असर: केंद्रपाड़ा के 1000 मजदूर फंसे, परिवार सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित

ईरान और इजराइल के बीच जारी जंग के कारण ओडिशा के एक हजार मजदूर फंस गए हैं.

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केंद्रपाड़ा के 1000 मजदूर फंसे, परिवार सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : March 4, 2026 at 4:09 PM IST

3 Min Read
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केंद्रपाड़ा (ओडिशा): मध्य पूर्व में अस्थिरता के कारण पूरी दुनिया युद्ध के खतरे में है. अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध बढ़ता जा रहा है. इसके साथ ही, ईरान के लगातार हमलों के कारण कई उड़ानें रद्द हो गई हैं.

इस वजह से केंद्रपाड़ा जिले के औल ब्लॉक के एक हजार से अधिक मजदूर अबू धाबी, दुबई, कुवैत, ओमान और सऊदी अरब जैसे देशों में फंसे हुए हैं. इस स्थिति में उनके परिवार आशा और भय के बीच समय बिता रहे हैं. उन्होंने सरकार से अपने परिवार के सदस्यों को सुरक्षित वापस लाने का अनुरोध किया है.

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विदेश में फंसे अपनों के लिए परिवार चिंतित (ETV Bharat)

युद्ध जैसी स्थिति के कारण भय का माहौल
अली ब्लॉक महू पंचायत के 100 से अधिक मजदूर मध्य पूर्व में फंसे हुए हैं, जिसको लेकर परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने सरकार से उन्हें सुरक्षित वापस लाने का अनुरोध किया है. महू गांव के निवासी सुरेश के इकलौते बेटे कलांदी नायक परिवार चलाने के लिए अबू धाबी गए हैं. मिसाइलों और ड्रोन हमलों से पूरे देश के हिल जाने की खबर सुनकर उनके बुजुर्ग माता-पिता की आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं.

माता-पिता अपने बेटे की वापसी का इंतजार कर रहे हैं
इसी तरह, बटकृष्ण तराई के बेटे विश्वनाथ तराई भी विदेश में फंसे हुए हैं. उनके पिता ने बताया कि उनका बेटा अबू धाबी में उस जगह के पास रहता है जहां हमला हो रहा है. सुरक्षा कारणों से उनका बेटा कंपनी के घर में नहीं रह रहा है और भूख और प्यास के मारे समुद्र तट पर भटक रहा है. उन्होंने बताया कि अब उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है.

वहीं, सुरेश नायक, निर्मल नायक, रबींद्र प्रधान, बनंबर तराई के परिवार के सदस्य अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं. वे भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि फंसे हुए युवक को सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंचाने का रास्ता खोजें.

'सरकार को बेटे को वापस लाना चाहिए':
अबू धाबी में मौजूद विश्वनाथ के पिता बटकृष्ण तराई डर के साये में हैं. उन्होंने कहा, "बेटा एक तेल पाइप कंपनी में काम करता है. उन्हें नहीं पता कि वह अब कैसा है. उससे संपर्क संभव नहीं है और हवाई सेवाएं बंद हो गई हैं. उन्होंने कहा कि, सरकार को इस मामले को देखना चाहिए और उनके बेटे को वापस लाना चाहिए.

कुवैत में रह रहे निर्मल की पत्नी सबिता नायक ने कहा कि, उनका पूरा परिवार पति की आमदनी पर चलता है. पति निर्मल नायक पिछले 10 सालों से कुवैत में काम कर रहे हैं. अब वे वहां मुश्किल में हैं. उनके परिवार में तीन बच्चे हैं. ऐसे मे वे बड़ी मुश्किल से गुजारा कर रहे हैं. उन्होंने सरकार से पति की वापसी की गुहार लगाई है. वहीं, मानस जो दुबई में हैं, उनकी मां ने कहा कि, उनके घर पर चार दिन से चूल्हा नहीं जला है. दुबई में लगातार हमले हो रहे हैं और उनका बेटा डरा हुआ है. इसको लेकर वे काफी चिंतित हैं. मानस की मां महिमा नायक ने सरकार से बेटे को वापस घर लाने की गुहार लगाई है.

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