पश्चिम एशिया संकट पर विदेश मंत्रालय बोला, 'हमारे लिए एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता', खामेनेई पर नहीं जारी किया बयान
पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने के बीच भारत ने कहा है कि एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.

Published : March 3, 2026 at 6:52 PM IST
|Updated : March 3, 2026 at 7:19 PM IST
नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज होने के साथ ही भारत ने मंगलवार को इस क्षेत्र में रहने वाले एक करोड़ भारतीय नागरिकों के हितों पर जोर दिया. भारत ने कहा कि ऊर्जा आपूर्ति में संभावित व्यवधान चिंता का कारण हो सकते हैं.
नई दिल्ली ने संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए "संवाद और कूटनीति" का भी आह्वान किया, साथ ही यह भी कहा कि एक पड़ोसी देश होने के नाते इस क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता में भारत की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है और वर्तमान घटनाक्रम "गहरी चिंता" पैदा करते हैं.
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद अपने दूसरे बयान में, भारत ने कहा कि पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा उसकी "सर्वोच्च प्राथमिकता" है. विदेश मंत्रालय ने कहा, "हाल के दिनों में, हमने न केवल संघर्ष को तेज होते देखा है, बल्कि इसका अन्य देशों में भी प्रसार देखा है. विनाश और मौतों की संख्या बढ़ गई है, जबकि सामान्य जीवन और आर्थिक गतिविधियां ठप हो गई हैं."
Statement by the Official Spokesperson on the ongoing conflict in the West Asia region ⬇️https://t.co/s1Qm6xIqbS
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) March 3, 2026
विदेश मंत्रालय ने कहा, "क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एक निकटवर्ती पड़ोसी के रूप में, ये घटनाक्रम गहन चिंता का विषय हैं." हालांकि, विदेश मंत्रालय ने अमेरिका-इजराइल हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का उल्लेख नहीं किया.
इसमें आगे कहा गया, "खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं. उनकी सुरक्षा और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. हम किसी भी ऐसे घटनाक्रम के प्रति उदासीन नहीं रह सकते जो उन्हें नकारात्मक रूप से प्रभावित करता हो."
इसमें यह भी कहा गया, "हमारी व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाएं भी इसी भौगोलिक क्षेत्र से होकर गुजरती हैं. किसी भी बड़े व्यवधान का भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ता है." इसमें यह भी कहा गया, "वैश्विक कार्यबल में प्रमुख भूमिका निभाने वाले देश के रूप में, भारत व्यापारिक जहाजों पर हमलों का कड़ा विरोध करता है."
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुए हमलों के परिणामस्वरूप कुछ भारतीय नागरिक या तो अपनी जान गंवा चुके हैं या लापता हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा, "इस पृष्ठभूमि में, भारत संवाद और कूटनीति के लिए अपने आह्वान को दृढ़तापूर्वक दोहराता है. हम संघर्ष के शीघ्र अंत के पक्ष में स्पष्ट रूप से अपनी आवाज उठाते हैं. दुर्भाग्य से कई जानें जा चुकी हैं और हम इस संबंध में अपना गहरा दुख व्यक्त करते हैं."
In the last 48 hours, Prime Minister Narendra Modi has spoken to leaders of:
— ANI (@ANI) March 3, 2026
1. UAE
2. Israel
3. Saudi Arabia
4. Jordan
5. Bahrain
6. Oman
7. Kuwait
8. Qatar https://t.co/KRLYvpLvLN
पिछले 48 घंटों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निम्नलिखित देशों के नेताओं से बात की है: 1. संयुक्त अरब अमीरात 2. इजराइल 3. सऊदी अरब 4. जॉर्डन 5. बहरीन 6. ओमान 7. कुवैत 8. कतर
अंतर मंत्रालयी समूह का गठन
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया है. निर्यातकों ने आशंका जताई है कि अमेरिका और इजराइल के ईरान पर संयुक्त हमलों के कारण पश्चिम एशिया क्षेत्र में बढ़ते तनाव का भारत के व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. बजट के बाद आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा, ‘‘हमने एक अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया है जो प्रतिदिन बैठक कर रहा है और पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहा है ताकि हमारे पोत परिवहन, लॉजिस्टिक, निर्यात या यहां तक कि महत्वपूर्ण आयात में किसी भी तरह की कमजोर रुख का आकलन किया जा सके. हम अंतर-मंत्रालयी स्तर पर कार्रवाई करेंगे.”
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