मराठा आंदोलन में प्रदर्शनकारी की मौत से हड़कंप, परिजनों ने मांगी सरकारी नौकरी
आशंका जतायी जा रही है कि दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई होगी. इस घटना से आंदोलनकारियों में शोक की लहर दौड़ गई है.


Published : September 3, 2026 at 1:34 PM IST
जालना (महाराष्ट्र): अंतरवाली सराटी में एक मराठा आंदोलनकारी की मौत से बड़ा हड़कंप मच गया है. मृत आंदोलनकारी की पहचान बीड जिले के धारूर तालुका के संगम निवासी दशरथ शिवाजी रायकर (40) के रूप में हुई है. मौत का कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, आशंका जतायी जा रही है कि दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई होगी. इस घटना से आंदोलनकारियों में शोक की लहर दौड़ गई है.
संगम के रहने वाले दशरथ रायकर अपने गांव के अन्य मराठा आंदोलनकारियों के साथ मनोज जरांगे के आंदोलन को समर्थन देने अंतरवाली सराटी आए थे. उन्होंने आंदोलन में हिस्सा लिया और रात को वहीं एक खेत में सो गए, लेकिन अगली सुबह वह नहीं उठे. उनके साथियों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी. पुलिस के मुआयने के बाद उन्हें तुरंत अंबड के उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
अंबड के उप-जिला अस्पताल में शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है. पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है. उनके परिवार में एक बेटी और एक बेटा हैं. दशरथ रायकर बेहद खराब आर्थिक स्थिति में रह रहे थे. इसी वजह से उनके रिश्तेदारों ने मांग की है कि सरकार पीड़ित परिवार को तुरंत वित्तीय सहायता दे और उनके बच्चों को सरकारी नौकरी प्रदान करे.
मराठा आरक्षण आंदोलनकारियों द्वारा गुरुवार 3 सितंबर को 'जालना जिला बंद' का आह्वान किया गया था. हालांकि, सरकार की ओर से प्रसाद लाड ने अंतरवाली सराटी का दौरा किया और मनोज जरांगे के साथ चर्चा की. जरांगे ने लाड द्वारा दिए गए पानी को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद आज के प्रस्तावित बंद को वापस लेने का फैसला किया गया.
मनोज जरांगे के समर्थक विश्वंभर तिरुखे ने कहा कि "यदि दो दिनों के भीतर उनकी मांगों के संबंध में सरकारी प्रस्ताव जारी नहीं किया गया, तो नए सिरे से आंदोलन की घोषणा की जाएगी." सरकार द्वारा पांच दिनों तक मनोज जरांगे के आंदोलन की अनदेखी करने के कारण यह विरोध शुरू हुआ था. भाजपा विधायक प्रसाद लाड ने कल जरांगे पाटिल से मुलाकात की और उनके सामने मांगों का मसौदा पढ़कर सुनाया.
मनोज जरांगे-पाटिल के समर्थक विश्वंभर तिरुखे ने बताया कि "जरांगे-पाटिल द्वारा प्रसाद लाड के अनुरोध को स्वीकार करने और पानी व सलाइन लेने के बाद आज के 'रास्ता रोको' और जालना जिला बंद के आह्वान को वापस ले लिया गया है."
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