ईरान-इजराइल में फंसे यूपी के लोग, सायरन बजते ही बंकर में भाग रहे, भारतीय दूतावास ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में फंसे यूपी के लोगों पर संकट है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 1, 2026 at 12:57 PM IST
|Updated : March 1, 2026 at 10:57 PM IST
लखनऊ/प्रयागराज : अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से ईरान पर हमला कर दिया है. इस हमले के कारण सैकड़ों की संख्या में भारतीय नागरिक भी ईरान में फंस गए हैं. वहीं इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई (86) की मौत होने पर मुसलमानों खासकर शिया समुदाय के लोग सदमे में है. भारत में शिया समुदाय शोक मना रहा है.
गौर करें तो भारत से बहुत सारे लोग ईरान धार्मिक तथा आर्थिक उद्देश्य से ईरान जाते हैं. अचानक हुए इजराइल के हमले के बाद लखनऊ और प्रयागराज के कई लोग ईरान में फंसे हुए हैं.
ईरान में फंसे लोगों ने अपने रिश्तेदारों से फोन कर एक दिन पहले ईरान में वर्तमान हालात के बारे में जानकारी दी. इसके बाद से फोन बंद होने से संपर्क नहीं हो पा रहा है. इससे लखनऊ में रह रहे परिजन काफी परेशान हैं.
इजराइल भारतीय दूतावास ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर : वहीं भारतीय दूतावास तेल अवीव की तरफ से इजराइल में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किया गया है. दूतावास ने भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने, स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है.
दूतावास ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक दूतावास के हेल्पलाइन नंबर +972-54-7520711; +972-54-2428378 और ईमेल cons1telaviv@mea.gov.in के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. पॉपुलेशन, इमिग्रेशन एंड बॉर्डर ऑथोरिटी (पिबा) ने भी एक हेल्पलाइन नंबर 1-700-707-889 जारी किया है.
इजराइल में 6004 लोग यूपी से : इसका संचालन सेंटर फॉर इंटरनेशनल माइग्रेशन एंड इंटीग्रेशन (सिमी) कर रही है. किसी भी प्रकार की जानकारी या आपात स्थिति में भारतीय नागरिक सहित श्रमिक, हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. इजराइल में वर्तमान में लगभग 42,000 भारतीय नागरिक रह रहे हैं, जिनमें से 6,004 निर्माण श्रमिक उत्तर प्रदेश से हैं.
श्रम, सेवायोजन एवं समन्वय मंत्री अनिल राजभर ने इजराइल में काम कर रहे उत्तर प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवारों को आश्वस्त किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उनकी सुरक्षा और कुशलक्षेम सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि विभाग इजराइल स्थित भारतीय दूतावास और एनएसडीसी के साथ संपर्क में है.
ईरान में लोग डरे हुए हैं : राजधानी लखनऊ के रहने वाले शाहकार भाई ने बताया कि "उनके सगे भाई समेत लगभग 15 रिश्तेदार ईरान में फंसे हुए हैं. यह लोग वहां पर रहकर नौकरी करते हैं. शुक्रवार को फोन पर बात हुई थी, तो उन लोगों ने बताया था कि जहां पर वह लोग रह रहे हैं. उस इमारत के पास विस्फोट हुआ था. इसके बाद ये रिश्तेदार काफी भयभीत नजर आ रहे थे."
उन लोगों ने बताया था कि "हम लोग बंकरों की ओर जा रहे हैं. इसके बाद से उनसे हमारा कोई संपर्क नहीं हो पाया. उन सभी लोगों की सलामती के लिए हम लोग दुआ मांग रहे हैं. जल्द ही युद्ध समाप्त हो और हमारे भाई और रिश्तेदार वापस घर आए."
वीडियो कॉल कर जान रहे हाल : उधर, इजराइल में फंसे प्रयागराज के बेटी और दामाद का वीडियो कॉलिंग के जरिए लगातार परिवार हालचाल ले रहा है. फ्लाइट कैंसिल होने की वजह से लोग अपने देश वापस नहीं आ पा रहे हैं. दान बहादुर ने बताया, इजराइल में दामाद राजेश एलान यूनिवर्सिटी रमत गन में रिसर्च स्कॉलर हैं. बेटी कविता यादव भी वही है. पोता-बेटी और दामाद कुल तीन लोग इजराइल में रह रहे हैं वीडियो कॉल से बात हो रही है.
सायरन बजते ही बंकर में चले जाते : वे लोग बता रहे हैं कि 28 फरवरी से ही मिसाइलें गिर रही हैं. जब भी मिसाइल आता है, तो सायरन बजता है. फ्लैट के बगल में बंकर बने हुए हैं हम वहां जाकर छुप जाते हैं और जब तक आदेश नहीं होता बाहर नहीं निकलते. पिछले दो दिन से इजरायल की स्थिति बहुत खराब है. दिन भर में 25 से 30 मिसाइल आती हैं.
जल्द शांति बहाल हो : दान बहादुर ने कहा, वीडियो कॉल पर बात करने के दौरान ही सायरन बजा तो बेटी मोबाइल बंद करके बंकर में भाग गई. हम लोग ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि जल्द से जल्द शांति बहाल हो. 24 घंटे हमारा पूरा परिवार थोड़ी-थोड़ी देर पर वीडियो कॉलिंग करके हालचाल लेता रहता है, अगर वीडियो कॉल नहीं लगती है, तो हम लोग घबरा जाते हैं. लेकिन जैसे ही बात हो जाती है फिर मन में कुछ शांति मिलती है.
मिर्जापुर के लोग भी इजराइल में फंसे : मिर्जापुर कछवा थाना क्षेत्र के अनंतपुर गांव के लगभग 50 लोग अरब देशों और इजराइल काम करने गये हुए हैं. गांव के अखिलेश कुमार के भाई राजू और दो भतीजे आदर्श और आशीष दुबई में रहते हैं. वहां पर मजदूरी का कार्य करते हैं. युद्ध शुरू होने के बाद परिवार परेशान हो गया है. हालांकि राहत की बात यह कि दुबई से परिवार के लोग लगातार फोन के जरिये संपर्क में बने हैं.
राजू की पत्नी इंदुमति आंखों से आंसू लिए कहती हैं पति से फोन पर बात हो रही है, मगर युद्ध के हालात को देखते हुए उनकी चिंता लगी रहती है. वहीं भाई अखिलेश का कहना है, फोन पर बताया कि वह लोग ठीक हैं कोई परेशानी नहीं है.
गांव के रहने वाले शिव नरेश का बेटा पंकज कुमार इजराइल में है. पंकज ने फोन कर बताया कि लागातर सायरन बज रहे हैं. हर 10 मिनट पर मिसाइल हमला हो रहा है. मगर हम लोग सुरक्षित हैं. आज काम से छुट्टी है. आप परेशान मत होइए, सभी एयरपोर्ट बंद हैं, परेशानी होगी तो मोदी सरकार खुद वापस लाएगी.

लखनऊ एयरपोर्ट से आने में जाने वाले 15 से अधिक उड़ानें रद्द
ईरान और इजराइल युद्ध का असर खाड़ी देशों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश पर भी पड़ा है. उत्तर प्रदेश से लगभग 1500 से 2000 यात्री खाड़ी देश की यात्रा करते हैं. शनिवार को लखनऊ से दुबई, शारजाह, अबूधाबी, जेद्दा, दम्माम, सऊदी अरब जाने वाली ज्यादातर विमान सेवाएं रद्द कर दी गई हैं. इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
गौर करें तो अचानक हमले के बाद लखनऊ से खाड़ी देश जाने वाली ज्यादातर उड़ाने रद्द कर दी गई हैं. सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना उत्तर प्रदेश से खाड़ी देश जाकर नौकरी करने वालों को हो रही है, क्योंकि अचानक विमान सेवा बंद होने से उनके सामने वीजा खत्म होने का संकट भी सामने आ रहा है.

दुबई में एयर स्पेस बंद होने के कारण आज भी लखनऊ एयरपोर्ट से दुबई, शारजाह, अबूधाबी, मस्कट, दमाम जाने वाली ज्यादातर उड़ाने रद्द कर दी गई हैं. एयरलाइन अपने ग्राहकों को मैसेज के जरिए विमान सेवा बंद होने की जानकारी दे रही हैं, ताकि लखनऊ एयरपोर्ट पर कोई पैनिक स्थिति ना बने.
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