अभिषेक बनर्जी मामला : छह आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने कहा- बड़ी साजिश की आशंका
वीडियो फुटेज से आरोपियों की पहचान. रात भर चलाया गया तलाशी अभियान.

Published : May 31, 2026 at 11:37 AM IST
सोनारपुर (कोलकाता) : तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के विरोध में प्रदर्शन भड़क उठे. आरोप है कि सांसद पर अंडे और ईंटें फेंकी गईं, और उन्हें कॉलर पकड़कर धक्का-मुक्की की गई. घटना के बाद, पुलिस ने रात भर तलाशी अभियान चलाया और छह आरोपियों को गिरफ्तार किया.
घटना के तुरंत बाद, शनिवार रात से ही सोनारपुर पुलिस स्टेशन ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया. इलाके से विभिन्न सीसीटीवी फुटेज एकत्र किए गए. इसके अलावा, मीडियाकर्मियों और आम जनता के मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किए गए वीडियो का भी जांच के लिए उपयोग किया गया.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वीडियो फुटेज की गहन जांच से हमले में सीधे तौर पर शामिल कई व्यक्तियों की पहचान हो सकी. रात भर चले अभियान के बाद पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या हमले की साजिश में किसी और की भी भूमिका थी.
गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ कानून की कई धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें सार्वजनिक कर्तव्य में बाधा डालना, अशांति फैलाना, सुरक्षा से समझौता करना और कानून-व्यवस्था का उल्लंघन करना शामिल है.
पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस घटना में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. सभी वीडियो फुटेज, चश्मदीदों के बयानों और अन्य सबूतों की बारीकी से जांच की जा रही है. अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि हमले की योजना कहां बनाई गई थी, इसमें कौन-कौन शामिल थे और क्या इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश है.
आरोपियों की तलाश जारी:जांचकर्ताओं का दावा है कि उन्हें हमले में कई अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता के संकेत देने वाले सबूत मिले हैं. रिपोर्टों से पता चलता है कि उनकी उपस्थिति वीडियो फुटेज में कैद हो गई है. परिणामस्वरूप, आने वाले दिनों में इस घटना के संबंध में और गिरफ्तारियां होने की आशंका है. इस बीच, संभावित संदिग्धों को पकड़ने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी हैं. इस घटना ने प्रतिद्वंद्वी दलों के बीच राजनीतिक जुबानी जंग को भी जन्म दिया है.
अभिषेक के काफिले के चारों ओर प्रदर्शन:यह घटना शनिवार को घटी. उस दिन अभिषेक बनर्जी चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए तृणमूल कार्यकर्ता के परिवार से मिलने के लिए दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर गए थे. उनके पहुंचते ही स्थिति अशांत हो गई. आरोप है कि कुछ उत्तेजित लोगों ने अभिषेक के काफिले को घेर लिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया. उन पर अंडे और ईंटें फेंकी गईं. साथ ही, पूरा इलाका "चोर! चोर!" के नारों से गूंज उठा.
जनता के गुस्से का अचानक विस्फोट:सोनारपुर में हुई इस घटना ने राज्य की राजनीति में तीव्र हलचल पैदा कर दी है. एक ओर तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि यह घटना सुनियोजित हमला थी; वहीं दूसरी ओर विपक्ष का कहना है कि यह आम जनता के गुस्से का अचानक प्रकटीकरण था. हालांकि, घटना के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आया और हमले में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए गहन जांच शुरू की.
पुलिस सुरक्षा पर सवाल उठे:प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सुरक्षा कारणों से अभिषेक बनर्जी को अपनी गाड़ी से उतरकर पैदल ही आगे बढ़ना पड़ा. उनके चारों ओर सुरक्षाकर्मी तैनात थे. मृतक तृणमूल कार्यकर्ता के घर जाते समय भी प्रदर्शनकारी उनका पीछा करते रहे. हालांकि घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया, फिर भी तनावपूर्ण माहौल बना रहा. घटना के तुरंत बाद पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की पर्याप्तता पर सवाल उठने लगे.
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