मणिपुर विधानसभा चुनाव 2027: BJP को हराने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने रणनीति बनाने का दिया निर्देश
2024 के लोकसभा चुनाव में मणिपुर की दोनों सीटें जीतने वाली कांग्रेस अब विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है. संतु दास की रिपोर्ट...

Published : July 9, 2026 at 3:06 PM IST
नई दिल्ली: कांग्रेस हाईकमान ने पार्टी की राज्य इकाई से आगामी मणिपुर विधानसभा चुनाव के लिए कमर कसने और जनता से जुड़े मुद्दों, जिसमें कथित तौर पर कानून-व्यवस्था की गिरावट और भ्रष्टाचार शामिल है, पर बीजेपी सरकार को घेरने की रणनीति बनाने को कहा है. कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने जनता के बीच पहुंचने और उन सभी मुद्दों को उजागर करने पर जोर दिया है जिनमें सत्तारूढ़ सरकार "पूरी तरह विफल" रही है और जनता को यह समझाया जाए कि मणिपुर में कांग्रेस ही एकमात्र विकल्प है.
कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मणिपुर की दोनों लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी, जिससे पार्टी उत्साहित है.
मणिपुर कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ BJP को बाहर कर देगी, और शीर्ष नेतृत्व ने राज्य में जमीनी स्तर पर पार्टी को और मजबूत करने पर भी जोर दिया है. उन्होंने हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल के साथ हुई पार्टी की राज्य इकाई के नेताओं की बैठक का जिक्र किया.
Met Ex-CM and Manipur PCC President Sh. Okram Ibobi Singh ji, CLP Leader Sh. K. Meghachandra Singh ji and AICC Manipur In-Charge Sh. Saptagiri Ulaka ji to discuss the party’s preparations for the upcoming assembly elections in Manipur.
— K C Venugopal (@kcvenugopalmp) July 7, 2026
Since 2023, the state is engulfed in a… pic.twitter.com/6tbOwZXVba
वेणुगोपाल ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस प्रमुख ओकराम इबोबी सिंह, कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता के मेघचंद्र सिंह और राज्य प्रभारी सप्तगिरी उलाका से मुलाकात की.
मणिपुर में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा के चुनाव होने हैं, जहां 3 मई, 2023 को जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से ही कानून-व्यवस्था बड़ा मुद्दा बना हुआ है. कई लोगों की जान चली गई है, और हजारों लोगों को राहत शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है.
दिल्ली में ईटीवी भारत से विशेष बातचीत में कांग्रेस नेता मेघचंद्र ने कहा, "प्रदेश अध्यक्ष और मैं, हमने 2027 की शुरुआत में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल के साथ बैठक की. हमने रणनीतियों पर चर्चा की."
मणिपुर में कानून और व्यवस्था की स्थिति की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, "हमने मणिपुर की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की. AICC (कांग्रेस पार्टी) मणिपुर को लेकर बहुत चिंतित है क्योंकि मौजूदा बीजेपी सरकार राज्य में सामान्य स्थिति वापस लाने में नाकाम रही है. यह बहुत गंभीर मुद्दा है."
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की "डबल इंजन" सरकार की नाकामी की वजह से लोग परेशान हैं.
कांग्रेस के लिए चुनावी मुद्दे
कांग्रेस विधायक दल के नेता ने कहा, "हम सभी मोर्चों पर उनकी विफलता के कारण बीजेपी सरकार को घेरने जा रहे हैं. वे विकास के संबंध में लोगों से किए गए अपने वादों को पूरा करने में विफल रहे हैं. इसके अलावा, कानून और व्यवस्था की स्थिति ध्वस्त हो गई है, हर जगह भ्रष्टाचार है. पीडब्ल्यूडी और जल संसाधन जैसे हर विभाग में घोटाले हो रहे हैं. ये चुनावों के लिए प्रमुख मुद्दे हैं."
मणिपुर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मेघचंद्र ने बताया कि कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें विधानसभा चुनाव से पहले इन सभी मुद्दों को जनता के बीच ले जाने और जमीनी स्तर पर पार्टी को और मजबूत करने के लिए कहा है.
पार्टी की राज्य इकाई के नेतृत्व में किसी भी तरह के फेरबदल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, "चुनाव के उद्देश्य से विभिन्न समितियों का गठन किया जाएगा."
मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह के कामकाज के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "सरकार में कोई पारदर्शिता नहीं है. राज्य में सामान्य स्थिति लाने के लिए कोई रोडमैप नहीं है."
उन्होंने कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि आने वाले चुनावों में कांग्रेस सत्ता में आएगी. अब लोग कांग्रेस को ही एकमात्र विकल्प के तौर पर देख रहे हैं."
मणिपुर में विधानसभा की कुल 60 सीटें हैं.
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