पति को लॉकडाउन में हुआ कैंसर, जलगांव की हाउसवाइफ ने बिजनेस से बदली किस्मत, आज कमा रही लाखों रुपए
हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे सरस मेले में महाराष्ट्र के जलगांव की रहने वाली ममता भी अपने प्रोडक्ट्स लेकर पहुंची हैं.

Published : December 24, 2025 at 10:48 PM IST
|Updated : December 24, 2025 at 11:04 PM IST
फरीदाबाद : हरियाणा के फरीदाबाद जिले के 12 सेक्टर में लगे सरस मेले में देश के अलग-अलग राज्यों से लोग अपने प्रोडक्ट को लेकर पहुंचे हैं जिन्हें लोग खूब पसंद कर रहे हैं. इसी कड़ी में महाराष्ट्र के जलगांव से पहुंची ममता पंकज जावले भी अपने प्रोडक्ट को लेकर सरस मेले में आई है जो हैंडमेड है. ममता पापड़, चकली, केले से विभिन्न प्रकार के चिप्स, नमकीन, लेमन टॉफी, कैंडी बनाती है, जिसमें भरपूर मात्रा में फाइबर और प्रोटीन मौजूद है. ममता इससे पहले हाउस वाइफ थी लेकिन पति के बीमार और नौकरी छूट जाने की वजह से उन्होंने घर से ही इन प्रोडक्ट्स को बनाना शुरू किया और आज वे इन प्रोडक्ट्स की सप्लाई पूरे भारत में कर रही हैं.
महाराष्ट्र के जलगांव से आई ममता : ईटीवी भारत से बातचीत में ममता पंकज जावले ने बताया कि "मैं महाराष्ट्र के जलगांव जिले से आई हूं. मैंने यहां पर अपने प्रोडक्ट का स्टॉल लगाया है जिसमें मुख्य रूप से पापड़, चकली, केले के चिप्स, नमकीन, लेमन टॉफी, कैंडी, फ्लेवर वाली मिर्ची, इत्यादि शामिल है जो बिल्कुल ऑर्गेनिक है और इसमें किसी भी तरह से मिलावट नहीं है. बाजारों में जो इस तरह के प्रोडक्ट मिलते हैं, वो मैदे से बने होते हैं. लेकिन मैंने मल्टीग्रेन का इस्तेमाल किया है जो फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होता है और इसीलिए ये प्रोडक्ट मार्केट के प्रोडक्ट्स से अलग है".
पति को कैंसर हो गया : आगे उन्होंने बताया कि "इन प्रोडक्ट्स को हम अपने घर में ही 10 महिलाओं के साथ मिलकर बनाते हैं और जहां भी इस तरह का मेला लगता है, वहां पर हम अपने प्रोडक्ट्स को लेकर जाते हैं. इसके अलावा हम ऑनलाइन भी अपने प्रोडक्ट बेचते हैं. इस काम को हमने 2020 में शुरू किया क्योंकि मेरे पति की तबीयत खराब हो गई थी. मेरे पति एक कंपनी में अच्छे पोस्ट पर काम कर रहे थे और सब कुछ अच्छा चल रहा था लेकिन इसी बीच मेरे पति बीमार पड़ गए. उन्हें कैंसर हो गया और उनकी नौकरी चली गई और ऊपर से लॉकडाउन लग गया. ऐसे में घर में इनकम का सोर्स पूरी तरह से बंद हो गया. जो भी घर में पैसे थे, वो पति के कैंसर के इलाज में खर्च हो रहे थे. मैं दर-दर की ठोकरें खा रही थी. मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था. तब मैंने सोचा कि क्यों ना कुछ किया जाए ताकि घर का खर्चा निकल सके और यही वजह है कि हमने अपने समूह की महिलाओं के साथ मिलकर इस तरह के प्रोडक्ट को बनाना शुरू किया".
बिजनेस ने बदली किस्मत : ममता कहती हैं कि "हालांकि जब हमने प्रोडक्ट बनाया तो हमें पता नहीं था इसे बेचना कहां है और किस तरीके से इसे बाजार में ले जाना है. लेकिन हमने इसकी ट्रेनिंग ली और हमें समूह के माध्यम से पूरी जानकारी दी गई, जिसके बाद हमने लोगों को अपना प्रोडक्ट दिखाया और उनको हमने कहा कि पहले आप इसे इस्तेमाल कीजिए और अगर दूसरे प्रोडक्ट से हमारा प्रोडक्ट अलग है, अच्छा है तो ही दोबारा खरीदिए. इसके बाद लोगों ने हमारे प्रोडक्ट को खूब सराहा और हमारा प्रोडक्ट बिकने लगा जिसके बाद हमने पीछे मुड़कर नहीं देखा और इसी बिजनेस के पैसों से मेरे बच्चे बढ़िया स्कूल में पढ़ रहे हैं और मैंने अपने पति के कैंसर का इलाज भी इसी पैसे से कराया है. हालांकि कुछ पैसे हमने अपने रिश्तेदारों से भी लिया था, जिसे अब मैंने वापस कर दिया है. इस बिजनेस के बाद मेरी किस्मत बदल गई और अब मेरे पति पूरी तरह से ठीक हैं और मेरे साथ इस सरस मेले में भी आए हुए हैं".
अपने अंदर के टैलेंट को ढूंढिए : अपनी कमाई के बारे में बताते हुए ममता कहती हैं कि "बात की जाए इनकम की तो अब मैं डेढ़ से 2 लाख रुपए महीने का कमा रही हूं. मेरे साथ जो महिलाएं जुड़ी है, उनका भी भरण पोषण अब ठीक से हो रहा है और महिलाएं भी पैसे कमा रही हैं. मैं दूसरे महिलाओं से कहना चाहूंगी कि कभी भी परिस्थितियां बदल सकती हैं, कभी भी कोई समस्या अचानक से आ सकती हैं इसीलिए आप भी कुछ ना कुछ करते रहिए ताकि एक इनकम का सोर्स बंद हो जाए तो दूसरे सोर्स से इनकम आता रहे. सभी के अंदर कुछ ना कुछ टैलेंट छुपा है, बस हमें उस टैलेंट को देखने की जरूरत है. हालांकि जब मैंने इसकी शुरुआत की तब मुझे काफी दिक्क़तें भी आई लेकिन मैंने दिक्क़तों का सामना किया और इस मेहनत की वजह से आज मैं सफल हूं और अपने प्रोडक्ट को लेकर देश के विभिन्न राज्यों में जाती हूं.
हरियाणा समेत देश की ताजा ख़बरें पढ़ने के लिए ईटीवी भारत ऐप डाउनलोड करें. यहां आपको मिलेंगी तमाम बड़ी ख़बरें, हर बड़ा अपडेट, वो भी सबसे सटीक और डिटेल एनालिसिस के साथ - Download App
ये भी पढ़ें : हवा में उगते आलू, बिना मिट्टी के 10 गुना ज्यादा हो रहा प्रोडक्शन, करनाल में आई नई क्रांति
ये भी पढ़ें : हिसार के भाईयों का कमाल, कश्मीर की केसर कमरे में उगाकर हो गए मालामाल
ये भी पढ़ें : मुनाफे का "मोती", नौकरी छोड़ घर में शुरू की खेती, करोड़ों रुपए की कमाई, हैदराबाद से विदेश तक सप्लाई

