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'बंगाल में वोटर लिस्ट सुधार के नाम पर हो रहा खेल, तुरंत सुधारें या प्रक्रिया रोकें': ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार को लिखा पत्र

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के संबंध में चिंता व्यक्त की है.

Mamata writes to CEC
ममता बनर्जी. (File) (PTI)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 4, 2026 at 6:41 PM IST

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Updated : January 4, 2026 at 6:56 PM IST

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कोलकाताः पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गहमागहमी के बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को पत्र लिखकर विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के संबंध में चिंता व्यक्त की है. पत्र में उन्होंने प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितताओं और प्रशासनिक कमियों का उल्लेख किया है.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार से राज्य में चल रहे वोटर रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को तुरंत रोकने की अपील की, और चेतावनी दी कि इससे बड़े संख्या में वोटरों का वोट छिन सकता है. ममता ने कहा कि इससे भारत की लोकतांत्रिक नींव को ऐसा नुकसान हो सकता है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती.

3 दिसंबर को CEC ज्ञानेश कुमार को लिखे पत्र में, ममता बनर्जी ने राज्य में SIR के संचालन में कथित गड़बड़ियों, प्रोसेस के उल्लंघन और एडमिनिस्ट्रेटिव कमियों पर गंभीर चिंता" जताई. कहा कि यह प्रोसेस बिना प्लान के और बिना तैयारी के शुरू किया गया. मुख्यमंत्री ने दावा किया, "SIR प्रोसेस में बहुत ज़्यादा समझौता किया गया है और यह हमारे लोकतंत्र के बुनियादी ढांचे और संविधान की भावना पर हमला करता है."

उन्होंने आरोप लगाया कि बेवजह जल्दबाजी और काफी जमीनी काम की कमी के कारण गंभीर कमियां हुई हैं, जिनमें खराब IT सिस्टम, अलग-अलग निर्देश और इस काम के लिए नियुक्त अधिकारियों की अपर्याप्त ट्रेनिंग शामिल है.

बनर्जी ने CEC को लिखे पत्र में कहा, "अगर इसे इसी तरह जारी रहने दिया गया, तो SIR से ऐसा नुकसान होगा जिसकी भरपाई नहीं हो सकती, बड़ी संख्या में वोटरों को वोट देने से रोका जाएगा और लोकतांत्रिक बुनियाद पर हमला होगा."

मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग से तुरंत सुधार के उपाय करने की अपील की, ऐसा न होने पर, उन्होंने कहा, "मनमाने और बिना प्लान के इस काम को रोका जाना चाहिए." बनर्जी ने सुनवाई के दौरान बूथ-लेवल एजेंट्स (BLAs) को कथित तौर पर मना करने की बात भी उठाई, और कहा कि इससे SIR की 'निष्पक्षता, पारदर्शिता और भरोसे पर गंभीर सवाल' उठते हैं.

इस काम के लिए पोल पैनल को ज़िम्मेदार ठहराते हुए, बनर्जी ने कहा कि भारत के चुनाव आयोग को "उसकी देखरेख या निर्देश में किए गए किसी भी गैर-कानूनी, मनमाने या पक्षपाती काम के लिए पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए."

ममता बनर्जी द्वारा CEC ज्ञानेश कुमार को लिखे पत्र का मुख्य अंश

"मैं एक बार फिर आपको लिखने के लिए मजबूर हूं ताकि पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान देखी जा रही गंभीर गड़बड़ियों, प्रोसेस के उल्लंघन और एडमिनिस्ट्रेटिव कमियों के बारे में अपनी गहरी चिंता रिकॉर्ड पर रख सकूं... मैं आपसे ज़ोर देकर गुज़ारिश करती हूं कि आप तुरंत इन गड़बड़ियों को ठीक करें, कमियों को दूर करें और ज़रूरी सुधार करें, ऐसा न होने पर इस बिना प्लान की, मनमानी और एडहॉक काम को रोका जाना चाहिए. अगर इसे इसी तरह जारी रहने दिया गया, तो इसका नतीजा ऐसा नुकसान होगा जिसकी भरपाई नहीं हो सकती, बड़े पैमाने पर योग्य वोटरों को वोट देने का अधिकार नहीं मिलेगा, और डेमोक्रेटिक शासन के बुनियादी उसूलों पर सीधा हमला होगा."

इस मुद्दे पर पहले से ही राज्य में राजनीतिक बहस चल रही है और ममता बनर्जी के इस कदम ने चुनाव आयोग और राज्य सरकार के बीच संबंधों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है.

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Last Updated : January 4, 2026 at 6:56 PM IST