मालवीय नगर अग्निकांड में गुरुग्राम के एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत, बीमार पिता की देखभाल के लिए आए थे सभी
इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.

Published : June 3, 2026 at 10:32 PM IST
|Updated : June 3, 2026 at 10:46 PM IST
नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए छीन ली. इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी अग्रवाल परिवार के आठ सदस्य भी शामिल हैं. परिवार अपने बुजुर्ग सदस्य के इलाज के लिए दिल्ली आया था और अस्पताल के पास एक होटल में ठहरा हुआ था, लेकिन आग की इस भयावह घटना ने पूरे परिवार को निगल लिया. जो लोग अपने पिता की देखभाल के लिए दिल्ली पहुंचे थे, वह खुद इस त्रासदी का शिकार बन गए.
इलाज के लिए दिल्ली आया था परिवार
जानकारी के अनुसार, परिवार के मुखिया राधेश्याम अग्रवाल, जिनकी उम्र 80 वर्ष से अधिक बताई जा रही है, मालवीय नगर स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती थे. वह फेफड़ों से जुड़ी बीमारी का इलाज करा रहे थे. उनकी देखभाल और अस्पताल आने-जाने में सुविधा के लिए परिवार के सदस्य अस्पताल के नजदीक स्थित होटल में ठहरे हुए थे.
#WATCH | मालवीय नगर आग हादसा | पीड़ित परिवार के एक सदस्य ने कहा, " मेरी एक बेटी है, तारिणी अग्रवाल, जिसकी उम्र 42 साल है। उसकी दो बेटियां हैं—एंजल, जो 20 साल की है, और उसकी छोटी बेटी, जो 17 साल की है। हमें नहीं पता कि वे कहां हैं। तीनों ही लापता हैं... मुझे पुलिस से भी फ़ोन आया… pic.twitter.com/IbOpE5XkQ2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 3, 2026
एक ही परिवार के आठ सदस्य आग की चपेट में आए
हादसे के समय होटल में अग्रवाल परिवार के कई सदस्य मौजूद थे. मृतकों में राधेश्याम अग्रवाल के 48 वर्षीय बेटे विवेक अग्रवाल के साथ उनकी पत्नी, दो बच्चे, मां, मामा और मौसा-मौसी मौजूद थे जो उनके पिता का हालचाल जानने के लिए पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि आग तेजी से पूरे होटल में फैल गई. धुएं और आग की लपटों के बीच फंसे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका. कई लोग दम घुटने और गंभीर रूप से झुलसने के कारण अपनी जान नहीं बचा सके.
धुएं ने बना लिया मौत का जाल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने के बाद होटल के कई हिस्सों में धुआं भर गया. ऐसे हादसों में अधिकांश मौतें आग की लपटों से नहीं, बल्कि धुएं के कारण दम घुटने से हुई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, होटल के कमरों और गलियारों में कुछ ही मिनटों में धुआं भर गया, जिससे लोगों के लिए बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया. कई लोग मदद का इंतजार करते रहे, लेकिन हालात तेजी से बिगड़ते चले गए.
दिल्ली पुलिस का कहना है - " मालवीय नगर में आग लगने की घटना में कुल 49 लोगों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।
इलाज के दौरान 21 घायल लोगों ने अपनी चोटों के कारण दम तोड़ दिया और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों में 9 भारतीय नागरिक और 12 विदेशी नागरिक…<="" p>— ani_hindinews (@ahindinews) June 3, 2026
अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित किए गए
रेस्क्यू टीमों ने आग बुझाने और लोगों को बाहर निकालने के लिए घंटों तक अभियान चलाया. कई घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन अग्रवाल परिवार के जिन सदस्यों को निकाला गया, उन्हें अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया. डॉक्टरों के अनुसार, कई पीड़ितों की मौत धुएं के कारण दम घुटने और गंभीर जलने की वजह से हुई. कुछ घायलों का इलाज अब भी विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि,
"मालवीय नगर में आग लगने की घटना में कुल 49 लोगों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान 21 घायल लोगों ने अपनी चोटों के कारण दम तोड़ दिया और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. मृतकों में 9 भारतीय नागरिक और 12 विदेशी नागरिक शामिल हैं. इस मामले में एक केस दर्ज कर लिया गया है और जांच चल रही है"
21 मौतों से दहला दिल्ली
मालवीय नगर का यह अग्निकांड राजधानी के हालिया वर्षों की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक माना जा रहा है. इस हादसे में कुल 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं. घटना के बाद प्रशासन, दमकल विभाग और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. आग लगने के कारणों, होटल में मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं और आपातकालीन निकास की स्थिति की भी पड़ताल की जा रही है.
ये भी पढ़ें:

