मकरविलक्कू महोत्सव 2026: सबरीमला मंदिर में 14 जनवरी को सिर्फ 35 हजार भक्तों को मिलेगी एंट्री
केरल उच्च न्यायालय ने मकरविलक्कु उत्सव के दौरान सबरीमला में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या पर कड़े प्रतिबंध लगाये हैं.


Published : January 10, 2026 at 8:50 PM IST
पथानामथिट्टा (केरल): आगामी मकरविलक्कु उत्सव के मद्देनजर, केरल उच्च न्यायालय ने सबरीमला में दर्शन के लिए अनुमति दी जाने वाली श्रद्धालुओं की संख्या पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं. इन उपायों का उद्देश्य उत्सव के मुख्य दिनों के दौरान भारी भीड़ को नियंत्रित करना और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. उच्च न्यायालय के आदेश में उत्सव के सबसे महत्वपूर्ण दिनों के लिए तीर्थयात्रियों की संख्या की एक सीमा तय की गई है.
14 जनवरी (मकरविलक्कु का दिन): केवल 35,000 तीर्थयात्रियों को अनुमति दी जाएगी.
- 30,000 स्लॉट 'वर्चुअल क्यू' (ऑनलाइन बुकिंग) के माध्यम से.
- 5,000 स्लॉट 'स्पॉट बुकिंग' (तत्काल बुकिंग) के माध्यम से.
13 जनवरी: केवल 40,000 तीर्थयात्रियों को अनुमति दी जाएगी.
- 35,000 स्लॉट 'वर्चुअल क्यू' के माध्यम से.
- 5,000 स्लॉट 'स्पॉट बुकिंग' के माध्यम से

यात्रा और प्रवेश की समय सीमा
सन्निधानम (पहाड़ी पर स्थित मंदिर) में अत्यधिक भीड़ को रोकने के लिए, अदालत ने 14 जनवरी 2026 के लिए विशिष्ट समय सीमा तय की है:
- सुबह 10:00 बजे के बाद: किसी को भी निलक्कल से पंबा तक यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
- सुबह 11:00 बजे के बाद: किसी को भी पंबा से सन्निधानम की चढ़ाई शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

श्रद्धालुओं की भारी भीड़
उत्सव में अब कुछ ही दिन शेष हैं और भक्तों का आगमन लगातार जारी है. मकरविलक्कु सीजन के लिए मंदिर के कपाट दोबारा खुलने के बाद से अब तक लगभग 8 लाख तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं. इस उत्सव के मुख्य आयोजन, 'मकरज्योति' और 'मकर संकम पूजा', 14 जनवरी 2026 को होने तय हैं. सबरीमाला आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए श्रद्धालुओं से इन समय-सीमाओं का पालन करने का आग्रह किया गया है.
सुरक्षा और प्रबंधन
पुलिसकर्मियों के छठे दस्ते (बैच) ने मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा संभाल लिया है. तिरुवनंतपुरम पुलिस मुख्यालय के एसपी सुजित दास के नेतृत्व में 1,534 अधिकारियों की टीम (जिसमें 11 डीवाईएसपी और 34 सीआई शामिल हैं) अब ड्यूटी पर तैनात है. विशेष अधिकारियों ने टीम को निर्देश दिया है कि वे '18 पवित्र सीढ़ियों' (पडिनेट्टम पडी), सोपानम और नडप्पंतल जैसे मुख्य स्थानों पर तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुचारू दर्शन को प्राथमिकता दें.
सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम
संगीतमय प्रस्तुति: विभिन्न विभागों (राजस्व, स्वास्थ्य, नागरिक आपूर्ति आदि) के अधिकारियों ने हाल ही में 'श्री शास्ता सभागार' में "गानार्चना" (संगीतमय श्रद्धांजलि) का आयोजन किया. इस दौरान उन्होंने तीर्थयात्रियों के लिए भगवान अयप्पा के पारंपरिक भक्ति गीत प्रस्तुत किए.
तिरुवाभरणम शोभायात्रा: भगवान के पवित्र आभूषणों (तिरुवाभरणम) की यात्रा 12 जनवरी 2026 को दोपहर 1:00 बजे पंथलम से शुरू होगी. पारंपरिक वन मार्ग से होते हुए, इस शोभायात्रा के 14 जनवरी 2026 की शाम तक सन्निधानम पहुंचने की उम्मीद है.
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