आधी रात को महुआ मोइत्रा को कमरा खाली कराने का आदेश, बाहर 'जय श्री राम' के नारे... जानें कृष्णानगर सर्किट हाउस का विवाद
सर्किट हाउस विवाद पर महुआ मोइत्रा ने लगाया डराने-धमकाने का आरोप. अखिलेश यादव सहित विपक्षी नेताओं ने लोकसभा स्पीकर से लगाई गुहार.


Published : August 15, 2026 at 8:46 PM IST
कृष्णानगर/ नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया था कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर, उन्हें आधी रात को उनके संसदीय क्षेत्र कृष्णानगर के सरकारी सर्किट हाउस में अपना कमरा खाली करने का आदेश दिया गया था. उन्होंने शनिवार को स्पीकर को पत्र लिखकर महिला सांसदों की सुरक्षा, अधिकारों और गरिमा की रक्षा के लिए तुरंत कदम उठाने का आग्रह किया. उन्होंने इस मामले से अंतर-संसदीय संघ को भी अवगत कराया है.
इस घटना ने विपक्ष के खेमे में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है. तृणमूल के राज्यसभा नेता डेरेक ओ'ब्रायन और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से लेकर माकपा (CPM) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास तक के नेताओं ने मोइत्रा का समर्थन किया है और स्पीकर से हस्तक्षेप की मांग की है. अखिलेश यादव ने सीधे लोकसभा अध्यक्ष से सवाल किया है कि एक महिला सांसद के साथ उनके अपने ही संसदीय क्षेत्र में रात के समय ऐसा व्यवहार क्यों किया गया.
Letter to Hon’ble Om Birla @loksabhaspeaker .
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) August 14, 2026
Please note @IPUparliament pic.twitter.com/unUScOuDbT
कृष्णानगर की सांसद शुक्रवार को संसद सत्र समाप्त होने के बाद अपने निर्वाचन क्षेत्र लौटी थीं और सरकारी सर्किट हाउस में रुकी थीं. उनका दावा है कि नियमों के अनुसार ही उन्हें यह कमरा अलॉट किया गया था और उन्होंने वहां रात का खाना भी खाया था. हालांकि, रात बढ़ने के साथ ही स्थिति बदल गई. मोइत्रा का आरोप है कि रात 10 बजे से ही जिला प्रशासन की ओर से उन्हें कमरा खाली करने के बार-बार संदेश मिलने लगे और आखिरकार एक लिखित आदेश भी दे दिया गया.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय सर्किट हाउस के बाहर एक भीड़ जमा हो गई थी, जो "जय श्री राम" के नारे लगा रही थी. मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो पोस्ट करके मामले को उजागर किया और दावा किया कि यह दबाव विशेष रूप से उनके खिलाफ बनाया जा रहा था.
Dear @IPUparliament I am a sitting woman MP in India. I was asked by govt to vacate my room in official guest house at 21:47 hrs & then at 22:52 hrs. While a BJP crowd is baying for my blood outside the gates. This is state of democracy in India on Independance Day. https://t.co/oHcSBFXoTP
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) August 14, 2026
महुआ ने अपनी पोस्ट में आदेश की जो कॉपी साझा (शेयर) की है, वह कथित तौर पर नदिया के डिप्टी कलेक्टर द्वारा जारी की गई थी. इस नोटिस में कहा गया है कि वार्षिक रखरखाव, सफाई और सामान्य देखरेख के कारण कृष्णानगर स्थित नदिया सर्किट हाउस 14 अगस्त की शाम से अगले आदेश तक सेवाओं के लिए बंद रहेगा. हालांकि, इस नोटिस के एक खास क्लॉज ने सवाल खड़े कर दिए हैं: इसमें साफ तौर पर लिखा है कि 13 अगस्त 2026 से पहले कन्फर्म की गई बुकिंग को इस सामान्य निर्देश से छूट दी गई है. महुआ का दावा है कि उनकी बुकिंग पहले से ही कन्फर्म थी. इस पर प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.
इससे पहले, अपने खिलाफ सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों और तृणमूल नेताओं पर अंडे फेंके जाने की घटनाओं के बाद महुआ ने सुरक्षा की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था. इसका हवाला देते हुए महुआ ने कहा कि शीर्ष अदालत ने उन्हें जनता का सामना जारी रखने की सलाह दी थी.
I entered Circuit House at 18:30 hrs & given same room I always stay in. Dinner was served to me in room at 9:20 pm. I received call at 9:47 asking me to vacate. Now at 10:52 I receive this message with this “order” !! Outside the gates are huge crowd shouting Jai Shree Ram! pic.twitter.com/ZozJoMBTBZ
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) August 14, 2026
महुआ की शिकायत का एक और महत्वपूर्ण पहलू उनकी सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन की भूमिका से जुड़ा है. उन्होंने दावा किया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने जिला प्रशासन को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी थी. इसी बिंदु को उठाते हुए कृष्णानगर की सांसद ने सवाल किया कि यदि उनकी सुरक्षा के लिए जिम्मेदार प्रशासन ही उनसे आधी रात को सरकारी सर्किट हाउस खाली करने की मांग करे, तो वे सुरक्षा की उम्मीद कहां से कर सकती हैं. उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि प्रशासन का यह कदम उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से उठाया गया था.
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