महासमुंद में BBM कमेटी सचिव समेत 15 नक्सलियों का सरेंडर, कुल 73 लाख का है इनाम
बस्तर के साथ रायपुर संभाग के महासमुंद में भी नक्सल मोर्चे पर सफलता मिली है. इस कार्रवाई के बाद रायपुर संभाग नक्सलमुक्त हो चुका है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : March 1, 2026 at 7:30 PM IST
महासमुंद: जिला से नक्सल मोर्चे पर एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है. “पूना मारगेम-पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के तहत बीबीएम कमेटी सचिव सुदर्शन समेत 15 नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है. इन पर कुल 73 लाख का इनाम था.
9 महिलाएं और 6 पुरुष शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में 9 महिला और 6 पुरुष नक्सली शामिल हैं. सभी ने एडीजी नक्सल, आईजी रायपुर, आईजी संबलपुर, एसपी महासमुंद, एसपी बरगढ़, एसपी बलांगीर और जिला पुलिस महासमुंद के अधिकारियों के सामने सरेंडर किया. ये सभी नक्सली प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (नक्सली) से जुड़े थे.

25 लाख का इनामी है सुदर्शन
सबसे वरिष्ठ नक्सली विकास उर्फ सुदर्शन उर्फ जंगू उर्फ बावन्ना उर्फ राजन्ना (57 वर्ष) का है. सुदर्शन स्टेट कमेटी सदस्य और बीबीएम डिवीजन प्रभारी था उस पर 25 लाख का इनाम था. पुनर्वास करने वाले 15 नक्सलियों पर कुल 73 लाख रुपये का इनाम घोषित था. सुदर्शन ने AK-47 के साथ आत्मसमर्पण किया. आत्मसमर्पण के दौरान कुल 14 हथियार भी पुलिस को सौंपे गए हैं.

- 1 स्टेट कमेटी सदस्य- 25 लाख इनाम
- 2 डिविजनल कमेटी सदस्य- 8-8 लाख
- 5 एरिया कमेटी सदस्य- 5-5 लाख
- 7 प्लाटून सदस्य- 1-1 लाख
ये हथियार जमा किए
- 3 AK-47
- 2 SLR
- 2 INSAS
- 4 थ्री-नॉट-थ्री रायफल
- 3 बारह बोर बंदूकें

इन लोगों से आगे की पूछताछ की जाएगी जिससे आगे और खुलासे हो सकते हैं. जो बचे हैं उनसे भी अपील है कि पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं, छत्तीसगढ़ की पुनर्वास नीति इतनी अच्छी है कि इसकी तारीफ केंद्रीय मंत्री भी कर चुके हैं, बाकी स्टेट भी इसका अध्ययन कर रहे- विवेकानंद सिन्हा, ADG नक्सल
पुनर्वास नीति का असर
पुलिस द्वारा लगातार संवाद, पोस्टर, बैनर, आकाशवाणी और पुनर्वास नीति के प्रचार के जरिए अपील की जा रही थी. पहले आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों को पुनर्वास योजना का लाभ मिलता देख अन्य नक्सलियों ने भी हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने कहा कि संगठन में बढ़ती कठिनाइयों के कारण उन्होंने यह फैसला लिया.

रायपुर और संबलपुर रेंज नक्सलमुक्त घोषित
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रायपुर संभाग अब नक्सलमुक्त हो गया है. इसके साथ ही संबलपुर रेंज को भी नक्सलमुक्त घोषित किया गया है. इस आत्मसमर्पण के बाद ओडिशा स्टेट कमेटी का पश्चिमी सब जोन पूरी तरह समाप्त हो गया है. इसे मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है.

