महाराष्ट्र TET पेपर लीक: बिहार का निकला मास्टरमाइंड, कई राज्यों में छापेमारी कर रही पुलिस
महाराष्ट्र TET पेपर लीक का मास्टरमाइंड बिहार का निकला. गिरफ्तारी के लिए महाराष्ट्र पुलिस बिहार समेत कई राज्यों में छापेमारी कर रही है.

Published : June 29, 2026 at 1:18 PM IST
समस्तीपुर: महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में बिहार कनेक्शन सामने आया है. इस हाई-प्रोफाइल मामले के तार बिहार से जुड़ने पर पुलिस एक्टिव हो गई है. महाराष्ट्र पुलिस की भिवंडी थाना की टीम इस पूरे मामले के मुख्य सरगनाओं और सॉल्वर गैंग के अंतरराज्यीय नेटवर्क को खंगालने में जुटी है. कथित मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के लिए बिहार में समेत हरियाणा, आगरा और दिल्ली में छापेमारी की जा रही है.
कैसे हुआ इस गिरोह का खुलासा?: 27 जून को महाराष्ट्र के भिवंडी पुलिस के डिप्टी कमिश्नर पवन बंसोड़ ने प्रेसवार्ता में बताया था कि 'पुलिस को एक सीक्रेट इनपुट मिला था कि शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रश्न पत्र का सौदा करीब डेढ़ करोड़ रुपये में होने वाला है.' इसी के आधार पर पुलिस विभाग ने तुरंत विशेष टीम बनाकर जाल बिछाया. जिसके बाद इस पूरे बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ.
"इस ऑपरेशन में राजीव साव, आकाश कुमार और धीरज सिंह को गिरफ्तार किया गया. आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, कैश और TET 2026 एग्जाम के क्वेश्चन पेपर के चार सेट जब्त किए गए." -पवन बंसोड़, डिप्टी कमिश्नर, भिवंडी पुलिस महाराष्ट्र

मास्टरमाइंड विजेंद्र गुप्ता का खुलासा: पकड़े गए आरोपियों में बिहार के पटना निवासी राजीव शाह और आकाश कुमार उर्फ सूरज सिंह शामिल हैं. इसके साथ ही पुलिस ने हरियाणा के पानीपत के रहने वाले धीरज सिंह को भी गिरफ्तार किया था. पुलिस ने इन तीनों के पास से भारी मात्रा में कैश और मोबाइल फोन बरामद किया था.
बिहार के साथ कई राज्यों में छापेमारी: इन तीनों से पूछताछ में पेपर लीक कांड के कथित मुख्य मास्टरमाइंड विजेंद्र गुप्ता के बारे में खुलासा हुआ. इसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है. महाराष्ट्र पुलिस की टीम इसी कड़ी में बिहार के समस्तीपुर में दबिश दे रही है, जहां से विजेंद्र गुप्ता की तलाश की जा रही है.
समस्तीपुर का है विजेंद्र गुप्ता: विजेंद्र गुप्ता, पिता बालेश्वर साह बिहार के समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव का ही रहने वाला है. इसका परिवार बहुत ही साधारण है. विजेंद्र के अन्य तीनों भाई समस्तीपुर के स्थानीय मऊ बाजार में ही छोटे-मोटे व्यवसाय चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं.
पिता और अन्य भाई गांव में ही रहते हैं: सबसे बड़ा भाई बमबम साह मऊ बाजार में आटा चक्की और सरसों तेल पेराई का काम करता है. वहीं दूसरे भाई रामू साह की बाजार में एक छोटी किराना दुकान है. तीसरा भाई जितेंद्र साह भी अपने घर के ठीक सामने ही आटा चक्की और तेल पेराई का व्यवसाय संभालता है.

समस्तीपुर से बेगूसराय और फिर संपर्क खत्म: परिवार के सदस्यों के अनुसार विजेंद्र ने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा गांव से ही पूरी की थी. वर्ष 2003 के बाद वह आगे की उच्च शिक्षा के लिए बेगूसराय चला गया था. उच्च शिक्षा के लिए बेगूसराय जाने के बाद विजेंद्र का अपने परिवार के लोगों के साथ संपर्क धीरे-धीरे पूरी तरह समाप्त हो गया. परिजनों के अनुसार वह पिछले कई वर्षों से गांव भी वापस नहीं आया था.
"बेटा केवल आगे पढ़ाई करने की बात कहकर घर से निकला था. आज तक यह मालूम नहीं हो सका कि वह बाहर वास्तव में क्या काम करता है. पेपर लीक जैसी गंभीर घटना में उसका नाम आने से परिवार पूरी तरह आहत है." -बालेश्वर साह, विजेंद्र गुप्ता के पिता
विजेंद्र का पुराना आपराधिक इतिहास: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विजेंद्र गुप्ता का पुराना और लंबा आपराधिक इतिहास रहा है. वर्ष 2003 में उसका नाम एक चर्चित हत्याकांड से भी जुड़ा था. इसके बाद वह विभिन्न राज्यों की परीक्षाओं में धांधली करने वाले गिरोह का सक्रिय हिस्सा बन गया. पेपर लीक के अवैध कारोबार में उसका नाम बहुत पहले ही जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका था.
कई राष्ट्रीय परीक्षाओं में संलिप्तता: विजेंद्र गुप्ता का नाम बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा, ओडिशा कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) और नीट यूजी सहित देश की कई बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों में आ चुका है. वह इन मामलों में मुख्य सरगना के तौर पर काम कर रहा था. उसकी इस संगठित कार्यशैली से जांच एजेंसियां भी पूरी तरह हैरान हैं.

जमानत पर बाहर था मुख्य आरोपी: जांच रिपोर्ट के अनुसार 28 जुलाई 2023 को ओडिशा एसएससी पेपर लीक मामले में विजेंद्र गुप्ता की पहली बार आधिकारिक गिरफ्तारी हुई थी. वह फिलहाल उस गंभीर मामले में न्यायालय से जमानत पर बाहर चल रहा था. जेल से बाहर आते ही इसका नाम महाराष्ट्र टीईटी के पेपर लीक से जुड़ रहा है.
क्या है यह पूरा मामला: यह पूरा मामला महाराष्ट्र टीईटी 2026 से जुड़ा हुआ है. परीक्षा का आयोजन 28 जून को होना था. 27 जून को ही भिवंडी पुलिस को भनक लगी कि दिल्ली से प्रश्न पत्र के चार सेट लेकर आरोपी सीधे भिवंडी पहुंचे हुए हैं. इसी सूचना पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस जांच में पुष्टि हुई कि जब्त किए गए प्रश्न पत्र असली थे. इसके बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गय.
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