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धार्मिक गतिविधियों के नाम पर 4.73 करोड़ की धोखाधड़ी, चार ट्रस्टियों के खिलाफ केस दर्ज

बीड में धार्मिक काम की आड़ में गुलज़ार-ए-रज़ा ट्रस्ट ने जनता से करोड़ों की ठगी की, ATS ने 4 ट्रस्टियों के खिलाफ केस दर्ज किया

fraud Under Guise of Religious Work
ATS ने 4 ट्रस्टियों के खिलाफ केस दर्ज किया. (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 9, 2026 at 7:22 PM IST

2 Min Read
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बीड (महाराष्ट्र): धार्मिक गतिविधियों के बहाने जनता से करोड़ों रुपये इकट्ठा करने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंकों व आयकर विभाग को चूना लगाने वाले 'गुलजार-ए-रजा' नामक एक फर्जी ट्रस्ट का पर्दाफाश हुआ है. आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) द्वारा की गई गहन जांच में इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है. यह पुष्टि हो चुकी है कि ट्रस्ट ने 4 करोड़ 73 लाख 67 हजार का गबन किया है.

इस मामले में एटीएस की टीम ने बीड के माजलगांव ग्रामीण पुलिस स्टेशन में ट्रस्ट के चार ट्रस्टियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनके नाम हैं- इग्रान कलीम शेख, मुजम्मिल नूर सैयद, अहमदुद्दीन कैसर काजी और तौफीक जावेद काजी.

छत्रपति संभाजी नगर की एटीएस (ATS) यूनिट बीड जिले के विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और ट्रस्टों की नियमित रूप से जांच करती है. इसी प्रक्रिया के दौरान 'गुलजार-ए-रजा' संस्था पर संदेह हुआ. संस्था की वेबसाइट और सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी से पता चला कि यह संगठन धार्मिक उद्देश्यों के नाम पर चंदा इकट्ठा कर रहा था. तकनीकी जांच के बाद एक चौंकाने वाली हकीकत सामने आई. इस कार्रवाई से बीड तथा पूरे जिले में हड़कंप मच गया है.

'गुलजार-ए-रजा ट्रस्ट' ने एक्सिस बैंक की लातूर शाखा में 5 खाते खोले थे. इसके लिए उन्होंने वक्फ बोर्ड के रजिस्ट्रेशन नंबर और अहिल्यानगर की एक अन्य संस्था 'फैजान-ए-कंजुल ईमान' के नंबर को अपना बताकर बैंक को गुमराह किया. जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ट्रस्ट ने नीति आयोग के 'दर्पण' पोर्टल पर पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) करते समय भी फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल किया था.

इस ऑपरेशन के बारे में संपर्क किए जाने पर, माजलगांव ग्रामीण पुलिस निरीक्षक बालक कोली ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है. हालांकि, उन्होंने यह कहते हुए आगे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि यह ऑपरेशन छत्रपति संभाजीनगर की टीम द्वारा किया गया था. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चेतना तिड़के से भी फोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.

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