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दो सुरक्षा गार्ड पर हुए हमले की जांच कर रही है महाराष्ट्र ATS, आरोपियों के ISIS से लिंक होने का आरोप

महाराष्ट्र ATS मीरा रोड पर दो सुरक्षा गार्ड पर हुए हमले की जांच कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों के आईएसआईएस से संबंध होने का आरोप है.

Maharashtra ATS probes Mira Road attack on guards
प्रतीकात्मक तस्वीर (IANS)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : April 28, 2026 at 1:10 PM IST

3 Min Read
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मुंबई: महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ता (ATS) ने 27 अप्रैल को मीरा रोड के नया नगर इलाके में अस्मिता ग्रैंड मेंशन के पास दो सुरक्षा गार्ड पर हुए हमले की जांच शुरू कर दी है. सुरक्षा एजेंसियां ​​इसे एक संभावित 'लोन वुल्फ' टेरर अटैक मान रही हैं.

मीरा रोड अटैक केस ATS को सौंपा गया है. मामले में आरोपी जैब जुबैर अंसारी को 4 मई तक पुलिस की हिरासत में में भेजा गया है. उस पर आतंकी संगठन ISIS से लिंक होने का शक है. महाराष्ट्र एटीएस ने बताया कि, 31 साल का आरोपी जैब जुबेर अंसारी ने वहां ड्यूटी पर तैनात दो सुरक्षा गार्ड को निशाना बनाया. वहीं चश्मदीदों का दावा है कि, आरोपी ने पहले गार्ड से रास्ता पूछा और फिर उनका धर्म पूछने के लिए लौटा.

साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि आरोपी ने एक गार्ड को इस्लामिक कलिमा पढ़ने के लिए मजबूर किया और जब वह नाकाम रहा, तो आरोपी ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. घायल गार्ड अभी अस्पताल में भर्ती हैं.

जब पुलिस ने अंसारी की गिरफ्तारी के बाद उसके घर की तलाशी ली, तो जांच टीम को हाथ से लिखे नोट मिले जिनमें उसने ISIS में शामिल होने की इच्छा जताई थी. महाराष्ट्र ATS के मुताबिक, सूत्रों के मुताबिक, इन नोटों में आरोपी ने इस हमले को एक आतंकवादी संगठन में शामिल होने की दिशा में अपना पहला कदम बताया.

महाराष्ट्र एटीएस ने यह भी कहा कि जांच में पता चला कि आरोपी, जैब जुबैर अंसारी, साइंस ग्रेजुएट था और कई सालों तक अमेरिका में रहा था. अमेरिका में नौकरी न मिलने पर, वह भारत लौट आया और मीरा रोड में अकेले रहकर ऑनलाइन केमिस्ट्री कोचिंग दे रहा था. माना जा रहा है कि एकांत में रहने के दौरान, आरोपी इंटरनेट के जरिए कट्टरपंथी हो गया. एजेंसियां ​​अब उसके मोबाइल फोन और लैपटॉप के डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह बॉर्डर पार किसी हैंडलर के सीधे संपर्क में था या नहीं.

अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले 2 मार्च को, महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने बैन आतंकवादी संगठनों के साथ कथित संपर्क से जुड़े एक मामले में तीन लोगों के घरों पर तलाशी और पूछताछ की थी. मुंबई एटीएस ने एक प्रेस नोट में कहा कि एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS), महाराष्ट्र राज्य, मुंबई को गोपनीय जानकारी मिली थी कि मुंबई शहर के कुर्ला, शिवाजी नगर और गोवंडी इलाकों में रहने वाले कुछ युवा भारत सरकार द्वारा बैन आतंकवादी संगठनों के संपर्क में थे.

गुप्त सूचना के आधार पर तीनों घरों पर कानूनी प्रक्रिाय के हिसाब से तलाशी ली गई. अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले 15 फरवरी को, महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और आतंकवादी संगठनों के साथ संबंध रखने की कथित कोशिशों के खिलाफ एक बड़े ऑपरेशन के तहत अहिल्यानगर और यवतमाल जिलों में 21 जगहों पर मिलकर छापे मारे थे.

NOTE: "लोन वुल्फ" (Lone Wolf) टेरर अटैक का मतलब उस हिंसक घटना को कहते हैं, जिसे कोई आतंकवादी या चरमपंथी किसी आतंकी समूह, संगठन या अन्य लोगों की मदद के बिना अकेले ही अंजाम देता है. Lone Wolf यह शब्द अंग्रेजी से आया है, जिसका मतलब है 'अकेला भेड़िया', जो अपने झुंड से अलग होकर शिकार करता है.

(इनपुट-ANI)

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