फूड पॉइजनिंग या लापरवाही? कब्र से निकाला जाएगा आदिवासी छात्र का शव, पुलिस ने दिया आवेदन
यह विवाद 14 अगस्त को तब शुरू हुआ, जब आदिवासी आश्रम स्कूल के कई छात्र संदिग्ध फूड पॉइजनिंग के कारण बीमार पड़ गए थे.


Published : August 30, 2026 at 6:54 PM IST
अमरावती (महाराष्ट्र): अमरावती में एक आश्रम स्कूल के आदिवासी छात्र राजेश बेठेकर की मौत की जांच में एक नया मोड़ आ गया है. उसके परिवार ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शनिवार को चिखलदरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने के बाद, पुलिस ने पोस्टमार्टम जांच के लिए छात्र के शव को कब्र से बाहर निकालने के लिए उप-विभागीय मजिस्ट्रेट से अनुमति मांगी है.
शनिवार को राजेश के पिता बाबूलाल बेठेकर और अन्य रिश्तेदारों ने पुलिस स्टेशन में धरना दिया. उनके साथ स्थानीय शिवसेना (उद्धव ठाकरे) नेता शुभम जवंजाल भी मौजूद थे. परिवार ने मामले की गहन जांच करने और स्कूल और उसके निदेशक प्रशांत राठी के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है.
जवंजाल ने कहा, "हमने पहले गाडगे नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. हालांकि, चूंकि मौत मेलघाट क्षेत्र में हुई थी, इसलिए आज हम चिखलदरा पुलिस स्टेशन आए और हमारी शिकायत स्वीकार कर ली गई है."
यह विवाद 14 अगस्त को तब शुरू हुआ, जब आदिवासी आश्रम स्कूल के कई छात्र संदिग्ध फूड पॉइजनिंग के कारण बीमार पड़ गए थे. आरोप है कि राजेश और उसके चचेरे भाई रामप्रसाद की गंभीर स्थिति होने के बावजूद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के बजाय वापस मेलघाट स्थित उनके गांव भेज दिया गया. करंजखेड़ा गांव पहुंचने के तुरंत बाद राजेश की हालत और बिगड़ गई, जिसके बाद 16 अगस्त की सुबह तड़के चोर्नी उप-जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई.
मृत छात्र राजेश के पिता ने कहा, "स्कूल प्रशासन उन्हें जरूरी मदद और समय पर इलाज मुहैया कराने में नाकाम रहा, जिसके कारण उसकी मौत हुई." परिवार ने बताया कि रामप्रसाद अस्पताल में इलाज मिलने के बाद बच गया, और उसकी मेडिकल रिपोर्ट में भी फूड पॉइजनिंग की पुष्टि हुई है. परिवार ने इन दस्तावेजों को सबूत के तौर पर पुलिस को सौंप दिया है.
चिखलदरा थाना प्रभारी प्रवीण पाटिल ने कहा कि फिलहाल दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया गया है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा, "हम बीमार पड़ने वाले सभी छात्रों के मेडिकल रिकॉर्ड की समीक्षा कर रहे हैं. हम इलाज करने वाले डॉक्टरों और परिवारों के बयानों से इनका मिलान कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या फूड पॉइजनिंग के कारण ही राजेश की मौत हुई थी." पाटिल ने पुष्टि की कि जैसे ही मजिस्ट्रेट से अनुमति मिलेगी, शव को बाहर निकालने और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी.
इसे भी पढ़ेंः

