'जल्लीकट्टू कोई आईपीएल मैच नहीं, जिसे कोई भी व्यक्ति आयोजित कर ले'
हाईकोर्ट ने कहा, सरकार की निगरानी में ही जल्लीकट्टू का आयोजन किया जा सकता है.

Published : January 7, 2026 at 4:51 PM IST
मदुरै : मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने कहा है कि जल्लीकट्टू आईपीएल मैचों की तरह नहीं हैं, जिसका आयोजन प्राइवेट लोग कर सकते हैं. मदुरै के अवानियापुरम के मुरुगन नाम के एक व्यक्ति ने मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच में एक याचिका दायर की थी. याचिका में उन्होंने अपील की कि जल्लीकट्टू उत्सव का आयोजन ग्राम के स्तर पर ही होना चाहिए, न कि प्राइवेट स्तर पर.
उन्होंने कोर्ट में कहा कि पारंपरिक जल्लीकट्टू तमिल महीने थाई (15 जनवरी) के पहले दिन अवनीपुरम में आयोजित किया जाएगा. यह गांव के लोग 100 से अधिक सालों से आयोजित कर रहे हैं. मुरुगन ने अपनी याचिका में कहा कि 2017 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जल्लीकट्टू के आयोजन की अनुमति दिए जाने के बाद 2018 में थेनकल कनमई सिंचाई किसान और जल्लीकट्टू एसोसिएशन ने अवनीपुरम जल्लीकट्टू उत्सव का आयोजन किया था. दोनों संगठन एक ही फैमिली से हैं. यह निजी आयोजन था, जिसकी इजाजत नहीं मिलनी चाहिए. इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने मुदरै हाईकोर्ट का रुख किया था.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कोर्ट ने जिला प्रशासन को जल्लीकट्टू त्योहार आयोजित करने और 16 सदस्यों वाली एक सलाहकार समिति को शामिल करने का आदेश दिया था. नतीजतन जिला प्रशासन लगातार जल्लीकट्टू का आयोजन कर रहा है.
इससे इतर थेनकल कनमई सिंचाई किसान और जल्लीकट्टू एसोसिएशन ने जिला प्रशासन को एक आवेदन किया. उन्होंने कहा कि उन्हें प्राइवेट स्तर पर जल्लीकट्टू आयोजित करने की अनुमति दी जाए. उन्होंने 15 जनवरी को होने वाले अवानियापुरम जल्लीकट्टू उत्सव को अवानियापुरम गांव और सभी समुदायों के प्रतिनिधियों वाली एक गांव समिति द्वारा आयोजित करने की अनुमति देने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जल्लीकट्टू आयोजित करने की व्यवस्था कर रहा है. इसलिए, अवानियापुरम गांव और सभी समुदायों के प्रतिनिधियों वाली गांव समिति को जल्लीकट्टू आयोजित करने की अनुमति देने का आदेश जारी किया जाना चाहिए.
मुरुगन की याचिका पर बुधवार को जस्टिस जयचंद्रन और रामकृष्णन की बेंच के सामने सुनवाई हुई. जजों ने कहा, "जल्लीकट्टू आईपीएल मैच जैसा नहीं है. जल्लीकट्टू के लिए इजाजत कई विरोध प्रदर्शनों और दिक्कतों के बाद ही मिली थी. कई दिक्कतें इसलिए आईं, क्योंकि कुछ लोगों ने जल्लीकट्टू करवाया था. इसलिए, सरकार के लिए इसे करवाना ही सबसे अच्छा होगा."
उन्होंने आगे कहा, "अवनियापुरम, पालामेडु और अलंगनल्लूर के जल्लीकट्टू त्योहार दुनिया भर में मशहूर हैं. ऐसे में, प्राइवेट लोगों के लिए इन त्योहारों को आयोजित करना सही नहीं होगा. इसलिए, यह सही है कि सरकार ही अवनियापुरम, पालामेडु और अलंगनल्लूर में जल्लीकट्टू का आयोजन करे." इस आदेश के साथ यह स्पष्ट हो गया कि जल्लीकट्टू का आयोजन प्राइवेट स्तर पर नहीं किया जा सकता है.
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