कोटा में एक और आत्महत्या, NEET की तैयारी कर रही MP की छात्रा ने दी जान
छात्रा अपनी बहन के साथ फ्लैट में रहती थी. छात्रा मूल रूप से मध्य प्रदेश के छतरपुर की निवासी है.

Published : August 26, 2026 at 11:04 AM IST
कोटा : कोटा में एक और कोचिंग छात्रा ने आत्महत्या की है. ये मामला कुन्हाड़ी इलाके का है, जहां छात्रा अपनी बहन के साथ फ्लैट में रहती थी. मंगलवार को उसने अपनी जान दे दी. घटना की सूचना मिलने के तत्काल बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उसके फ्लैट को सीज कर दिया. छात्रा की बॉडी को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है. उसके परिजन भी कोटा पहुंच गए हैं. छात्रा मूल रूप से मध्य प्रदेश के छतरपुर की निवासी है.
कुन्हाड़ी थाना अधिकारी देवेश भारद्वाज ने बताया कि 20 वर्षीय छात्रा ने घटना को अंजाम दिया है. छात्रा मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी कर रही थी, जबकि उसकी छोटी बहन उसके साथ रेलवे ओवर ब्रिज के नजदीक स्थित फ्लैट में रहती थी. वह इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई की तैयारी कर रही थी. मंगलवार को उसकी बहन जब कोचिंग से वापस लौटी तो फ्लैट का लॉक नहीं खुला.
पढ़ें. बड़ी खबर : NEET की छात्रा ने दी जान, माता-पिता दोनों शिक्षक, इस वजह से थी परेशान
बड़ी बहन को फोन किया तो उसका रिप्लाई नहीं मिला. छात्रा ने काफी कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद भी नहीं खुला. इसके बाद उसने अपनी बड़ी बहन की अन्य सहेलियों को फोन किया, उनसे भी कोई जानकारी नहीं मिली. इसके बाद लॉक खोलने वाले व्यक्ति को बुलाया गया. जब उसने लॉक खोला तो छात्रा मृत अवस्था में थी. इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई.
थानाधिकारी देवेश भारद्वाज का कहना है कि फिलहाल छात्रा के फ्लैट को सीज कर दिया गया था. उसके पेरेंट्स आ गए हैं. अब उनकी उपस्थिति में ही फ्लैट का लॉक खोला जाएगा. इसके बाद ही पता चलेगा कोई नोट मिला है या नहीं. आत्महत्या का कारण फिलहाल सामने नहीं आया है. इस पूरे मामले में छात्रा के मोबाइल और अन्य सारे फैक्ट्स तलाशे जाएंगे. इसके बाद ही क्लियर होगा कि क्या घटना का कारण रहा है?
फ्लैट में भी नहीं था एंटी हैंगिंग डिवाइस : प्रशासन ने कोचिंग एरिया में सभी हॉस्टल्स और पीजी में एंटी हैंगिंग डिवाइस लगाने के निर्देश दिए थे. हालांकि, इस फ्लैट के पंखे में एंटी हैंगिंग डिवाइस नहीं था. वहीं, मकान मालिक ने पुलिस को बताया है कि दोनों जून महीने से ही उनके फ्लैट में शिफ्ट हुई थी. दोनों ही बहनें यहां पर रह रही थी. निजी कोचिंग से ही वे तैयारी कर रही थी.

