बच्चों की सेहत से खिलवाड़! ब्रांडेड कंपनी की चॉकलेट में निकला जिंदा कीड़ा, अंडे भी दिखे
इस घटना ने एक बार फिर बाजार में बिक रहे खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 9, 2026 at 6:51 PM IST
बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक नामी कंपनी की चॉकलेट में जिंदा कीड़ा और उसके अंडे निकले हैं. यह चॉकलेट बच्चों के लिए खरीदी गई थी. गनीमत यह रही कि चॉकलेट बच्चे के मुंह में जाने से पहले ही पिता की नजर उस पर पड़ गई, वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी. इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पीड़ित परिवार ने कानूनी कार्रवाई का मन बना लिया है.
यह मामला बिलासपुर सदर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नौणी के गांव मंडी मानवा का है. गांव के निवासी रमेश चंद कौंडल ने आरोप लगाया कि उन्होंने बाजार से अपने छोटे बच्चे के लिए 5 रुपये की चॉकलेट खरीदी थी. घर पहुंचकर जब उन्होंने बच्चे को चॉकलेट देने के लिए उसका कवर खोला, तो अंदर एक जिंदा कीड़ा दिखाई दिया, जिसने चॉकलेट पर अंडे भी छोड़ रखे थे.
रमेश चंद के अनुसार, "राहत की बात यह रही कि चॉकलेट बच्चे के मुंह में जाने से पहले ही मेरी नजर उस पर पड़ गई. अगर बच्चा यह चॉकलेट खा लेता, तो उसे गंभीर बीमारी हो सकती थी या उसकी जान को भी खतरा हो सकता था. इस घटना से पूरा परिवार दहशत में आ गया है."
क्वालिटी कंट्रोल और पैकेजिंग पर उठे सवाल
हैरानी की बात यह है कि चॉकलेट के पैकेट पर एक्सपायरी डेट मई 2026 दर्ज थी. पीड़ित के अनुसार, वैध तिथि और कोड नंबर होने के बावजूद चॉकलेट में कीड़ा निकलना कंपनी के क्वालिटी कंट्रोल और पैकेजिंग पर बड़े सवाल खड़े करता है.

कानूनी कार्रवाई की तैयारी
रमेश चंद ने कहा कि जिस चॉकलेट में कीड़ा मिला है, उसे उन्होंने सुरक्षित रख लिया है. अब इसका कानूनी रूप से सैंपल करवाया जाएगा और संबंधित विभाग को शिकायत दी जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में बच्चों की सेहत के साथ कोई खिलवाड़ न हो, इसके लिए वह कंपनी के खिलाफ अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे.
फूड सेफ्टी विभाग ने शुरू की जांच
मामले पर फूड सेफ्टी विभाग बिलासपुर के सहायक आयुक्त महेश कश्यप ने बताया, "मामले में शिकायत प्राप्त हुई है. जिस दुकान से चॉकलेट खरीदी गई थी, वहां रखे गए चॉकलेट के डिब्बों के सैंपल जांच के लिए लेंगे और संबंधित स्टॉक को सील किया जाएगा. रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी."
इस घटना ने एक बार फिर बाजार में बिक रहे खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि बच्चों के लिए बनाए जाने वाले खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.
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