लोकसभा में संशोधन बिल पारित नहीं हुआ, 298 सदस्यों ने समर्थन में किया मतदान, 230 सदस्यों ने विरोध में किया मतदान

Published : April 17, 2026 at 9:28 AM IST
|Updated : April 17, 2026 at 7:53 PM IST
केंद्र सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल पेश किया. इसके बाद सदन में इस पर लंबी बहस हुई. लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज अपना पक्ष रखा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपनी राय रखी थी. पढ़ें अपडेट.
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महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने की केंद्रीय मंत्री व भाजपा महिला सांसदों ने की निंदा
केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा, "आज संसद में महिला विरोधी बयान दिए गए, देश की महिलाएं यह सुन रही थीं. देश की महिलाएं चाहती थीं कि यह बिल पास हो... लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन ने उन्हें हराने का काम किया... राहुल गांधी, कांग्रेस के लिए सिर्फ एक परिवार की महिलाएं आएं, इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी आएं, लेकिन उनकी पार्टी के कार्यकर्ता नहीं आने चाहिए..." इसके अलावा अन्य भाजपा महिला सांसदों ने भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत पारित नहीं किए जाने की निंदा की.
विपक्ष ने देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है, बांसुरी स्वराज ने कहा
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया. सदन में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े. इस विषय को लेकर बीजेपी के नेताओं ने विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. भाजपा नेता बांसुरी स्वराज कहा है कि, विपक्ष ने महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है. चुनाव में विपक्ष को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.
महिला आरक्षण अधिनियम संशोधन विधेयक गिरा
महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ पारित नहीं हो पाया, पक्ष में 298 वोट और विरोध में 230 वोट पड़े. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा: संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद अब इससे संबंधित दो विधेयकों ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ को आगे नहीं बढ़ा सकते.
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया. सदन में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े.
लोकसभा में किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है. सरकार ने इस विधेयक के साथ ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका.
महिला आरक्षण के खिलाफ है ‘इंडी’ गठबंधन, महिलाएं देख रही हैं कि रास्ते का रोड़ा कौन है: शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके ‘‘रास्ते का रोड़ा’’ कौन है और उन्हें महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा.
उन्होंने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि जो लोग परिसीमन का विरोध कर रहे हैं, वे कहीं न कहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) के लिए आरक्षित सीटों में बढ़ोतरी का विरोध कर रहे हैं.
गृह मंत्री ने अलग-अलग सीटों के बीच जनसंख्या के असंतुलन का हवाला देते हुए कहा कि यह परिसीमन से ही ठीक हो सकता है और विपक्ष को इसमें सहयोग करना चाहिए.
शाह ने कहा, ‘‘सबने (सदन में) बोला कि वे महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन जब बारीकी से देखें तो ‘इंडी’ गठबंधन के सदस्यों ने अगर-मगर, किंतु-परंतु का उपयोग करके महिला आरक्षण का विरोध किया.’’
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अगर ये वोट नहीं देंगे तो महिला आरक्षण विधेयक गिर जाएगा, लेकिन देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है.’’
उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित परिसीमन से दक्षिण भारत के राज्यों को प्रतिनिधित्व के संदर्भ में कोई नुकसान नहीं होगा.
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल... इन पांच राज्यों की लोकसभा की 543 सीटों में वर्तमान संख्या 129 है, जिसका प्रतिशत 23.76 बनता है. अब वृद्धि के बाद जब इन पांचों राज्यों को (सीटों का) आवंटन किया जाएगा, तो सीटों की संख्या 129 से बढ़कर 195 हो जाएगी। वहीं, (लोकसभा की प्रस्तावित कुल सीट संख्या) 816 में इसका प्रतिशत निकालेंगे, तो 23.87 प्रतिशत आएगा. (वर्तमान में) यह 23.76 प्रतिशत है जो अब 23.87 होगा। किसी का कोई नुकसान नहीं होगा.’’
शाह ने कहा, ‘‘यहां कुछ सदस्यों ने भ्रांति फैलाई कि मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए. मैं यहां संविधान की नीतियों को स्पष्ट करना चाहता हूं. भारतीय संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को स्वीकार नहीं करता है.’’
उन्होंने कहा कि ‘इंडी’ गठबंधन के लोग तुष्टिकरण की राजनीति के कारण मुस्लिम आरक्षण की मांग करना चाहते हैं और ये संविधान की बात करते हैं.
शाह ने जाति जगनणना के संदर्भ में कहा, ‘‘जब से यह विधेयक आया है, विपक्ष ने कुछ भ्रांतियां फैलाना शुरू किया है कि जाति जनगणना को टालने के लिए सरकार संविधान संशोधन लेकर आई है। मैं बताना चाहता हूं कि तीन माह पहले ही हम जाति जनगणना का पूरा टाइम टेबल घोषित कर चुके हैं, टालने का सवाल ही नहीं है.’’
उन्होंने कहा कि जाति जनगणना शुरू हो चुकी है, उसका पहला चरण चल रहा है.
बिल को नहीं मिला समर्थन
कुल 489 सदस्यों ने किया वोट. 211 सदस्यों ने विरोध में मत किया. 278 सदस्यों ने पक्ष में किया मतदान. संविधान संशोधन विधेयक को पारित होने के लिए दो तिहाई बहुमत चाहिए था.
'बिल में संशोधन के लिए सरकार तैयार है, अगर विपक्ष साथ दे तो', बोले शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "यदि इस विधेयक का विरोध करने का कारण 50% आरक्षण होना है, तो एक घंटे के लिए कार्यवाही रोक दें, और मैं इस विधेयक में एक आधिकारिक संशोधन लाऊंगा, लेकिन पहले उन्हें (विपक्ष को) विधेयक पारित करने का वादा करना होगा."
उन्होंने कहा, "यहां मौजूद कुछ सदस्यों ने यह गलत धारणा फैलाई है कि मुस्लिम महिलाओं को भी आरक्षण दिया जाएगा. मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता है."
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#WATCH | Union Home Minister Amit Shah says, "If the reason to oppose this bill is that there should be 50% reservation, then halt the proceedings for an hour, and I will bring an official amendment to this bill, but first they (opposition) need to promise to pass the bill." pic.twitter.com/HOosKapQHZ
— ANI (@ANI) April 17, 2026
देश को 'उत्तर-दक्षिण' और 'पूर्व-पश्चिम' में नहीं बांटना चाहिए, बोले शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "देश को 'उत्तर-दक्षिण' और 'पूर्व-पश्चिम' के इस विभाजन से नहीं बंटना चाहिए. हमें इससे ऊपर उठना चाहिए. इस संसद में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को समान अधिकार हैं."
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#WATCH | "The country should not be divided by this ‘north-south’ 'east-west' narrative. We should rise above it. All states and UTs have equal rights in this parliament," says Union Home Minister Amit Shah as he targets the Opposition.
— ANI (@ANI) April 17, 2026
(Video source: Sansad TV/Youtube) pic.twitter.com/tYUiZGXzHn
जाति जनगणना का फैसला मोदी सरकार ले चुकी है, बोले शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "140 करोड़ भारतीयों के मन में भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए, मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल ने 2026 की जनगणना के साथ जाति जनगणना कराने का निर्णय लिया था."
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#WATCH | Union Home Minister Amit Shah says, "To make sure that there is confusion in the mind of 140 crore Indians, I want to make it clear that the Narendra Modi Cabinet had decided to hold caste census along with 2026 census." pic.twitter.com/8LitsrejYA
— ANI (@ANI) April 17, 2026
कांग्रेस पार्टी ने ही देश के लोगों को परिसीमन से वंचित किया - अमित शाह
अमित शाह ने कहा, "यदि हम 543 सीटों के आधार पर महिला आरक्षण लागू करते हैं, तो तमिलनाडु में 13 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी और 26 सीटें खुली रहेंगी. यदि हम 2011 की जनगणना के आधार पर महिला आरक्षण लागू करते हैं, तो संसदीय सीटों की संख्या 6 कम हो जाएगी. लेकिन हम ऐसा नहीं कर रहे हैं. हम प्रत्येक राज्य के लिए सीटों में 50% की वृद्धि कर रहे हैं."
उन्होंने कहा कि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल - संसद की 543 सीटों में से इन पांच राज्यों की वर्तमान संख्या 129 है, जो 23.76% है. 50% की वृद्धि के बाद, जब हम इन पांच राज्यों के लिए सीटों का आवंटन करेंगे, तो यह संख्या 129 से बढ़कर 195 हो जाएगी, जो 816 सीटों में से 23.87% का प्रतिनिधित्व करेगी. किसी को भी नुकसान नहीं होगा.
गृह मंत्री ने कहा, "1972 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार परिसीमन विधेयक लेकर आई और सीटों की संख्या 525 से बढ़ाकर 545 कर दी, फिर इसे वहीं रोक दिया. 1976 में, आपातकाल के दौरान सत्ता बचाने के लिए, 42वें संशोधन ने परिसीमन पर प्रतिबंध लगा दिया. उस समय भी, कांग्रेस पार्टी ने ही देश के लोगों को परिसीमन से वंचित किया था, और आज भी, कांग्रेस पार्टी ही उन्हें परिसीमन से वंचित कर रही है."
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#WATCH | Union Home Minister Amit Shah says, "In 1972, the then PM Indira Gandhi's government brought the Delimitation Bill and increased the number of seats from 525 to 545, and then froze it at this. In 1976, to save power during the Emergency period, the 42nd Amendment imposed… pic.twitter.com/kEgcNmWS8M
— ANI (@ANI) April 17, 2026
जितने सदस्यों ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी, वह अपने आप में एक रिकॉर्ड है- शाह
लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक पर बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "इस महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक पर सदन में लगभग 133 सदस्यों ने अपनी बात रखी, जिनमें से 56 महिलाएं थीं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड साबित होगा." शाह ने कहा, "मैं उन्हें आश्वस्त करता हूं कि यदि वे परिसीमन के लिए हमारा समर्थन करते हैं, तो प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में प्रत्येक वोट का मूल्य समान होगा."
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#WATCH | Delhi: Speaking in Lok Sabh on the Women's Reservation Bill and the Delimitation Bill, Union Home Minister Amit Shah says, "Nearly 133 Members spoke in the House on this important constitution Amendment Bill, out of which 56 Members were women, which will prove to be a… pic.twitter.com/N6pfsIonXY
— ANI (@ANI) April 17, 2026
'विपक्षी दलों ने अगर-मगर का लिया सहारा', अमित शाह का हमला
"महिलाओं के लिए आरक्षण पर किसी ने आपत्ति नहीं जताई है. लेकिन, अगर हम गौर से देखें तो विपक्षी गठबंधन के सभी सदस्यों ने 'अगर-मगर' का सहारा लेकर इसका विरोध किया है." अमित शाह ने कहा, "परिसीमन का विरोध करने वाले वास्तव में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति की सीटों में वृद्धि का विरोध कर रहे हैं."
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"Those opposing delimitation are actually opposing an increase in SC/ST seats," says Union Home Minister Amit Shah, replying to the debate on the Women's Reservation Bill and the Delimitation Bill in the Lok Sabha. pic.twitter.com/dxKXVScuKU
— ANI (@ANI) April 17, 2026
गृह मंत्री अमित शाह बिल का दे रहे जवाब
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस बिल पर बहस के दौरान 56 महिलाओं ने अपनी राय रखी. हालांकि, महिला आरक्षण का किसी ने विरोध नहीं किया. अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के सदस्यों ने एक तरीके से विरोध किया है. क्योंकि वे इधर उधर की बात करते रहे.
महिला आरक्षण कानून के संबंध में द्रमुक का तर्क भय फैलाने वाला : कुमारस्वामी
केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एच. डी. कुमारस्वामी ने महिला आरक्षण कानून में संशोधन के लिए लाये गए विधेयकों के संबंध में द्रमुक मुनेत्र कणगम (द्रमुक) सदस्यों के तर्कों को ‘‘भय फैलाने वाला’’ बताते हुए शुक्रवार को कहा कि ये दक्षिणी राज्यों के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं.
लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित तीन विधेयकों पर चर्चा के दौरान, कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने स्वतंत्र रूप से सोचने की क्षमता खो दी है और अब वह द्रमुक के विमर्श के अनुसार चल रही है.
कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूर्व में तर्क दिया था कि आरक्षण जातिगत जनसंख्या के अनुपात में होना चाहिए, लेकिन वह संसदीय प्रतिनिधित्व के मामले में इसे लागू नहीं करना चाहते.
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘राहुल गांधी ने कुछ समय पहले खुद को (तमिलनाडु के मुख्यमंत्री) एम.के. स्टालिन का छोटा भाई बताया था, लेकिन ऐसा लगता है कि सीट बंटवारे के विवाद के बाद बड़ा भाई, छोटे भाई से नाराज है। छोटा भाई अभी भी बड़े भाई से कुछ स्नेह की उम्मीद कर रहा है.’’
इससे पहले, चर्चा में भाग लेते हुए द्रमुक सदस्य ए. राजा ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों के नाम पर भजापा नीत केंद्र सरकार भेदभाव, उत्तर-दक्षिण विभाजन और ‘‘एक राष्ट्र, एक भाषा, एक संस्कृति’’ को बढ़ावा दे रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के साथ-साथ प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी संसद को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं.
कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि ये विधेयक संविधान और सहकारी संघवाद पर एक स्पष्ट हमला हैं। उन्होंने सवाल किया कि विधेयक में परिसीमन को परिभाषित क्यों नहीं किया गया है.
लोकसभा में राहुल गांधी का भाषण पीसी सरकार के ‘मैजिक शो’ जैसा: निशिकांत दुबे
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित विधेयकों पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह पीसी सरकार का ‘मैजिक शो’ या ‘‘माइकल जैक्सन के डांस’’ जैसा था. इन विधेयकों पर चर्चा में भाग लेते हुए दुबे जब जातिगत जनगणना पर अपनी बात रख रहे थे, उसी दौरान उनकी समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अखिलेश यादव के साथ उनकी नोकझोंक हुई.
इससे पहले, भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘मुझे लगा कि आज नेता प्रतिपक्ष से माताओं-बहनों के लिए कुछ सुनने के लिए मिलेगा, लेकिन उन्होंने जो भाषण दिया तो मुझे लगा कि मैंने पीसी सरकार का जादू (मैजिक) शो या माइकल जैक्सन का डांस देख लिया। मैं भ्रमित हूं कि वह पीसी सरकार थे या माइकल जैक्सन.’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मुझे फिर याद आया कि आज 17 अप्रैल है। 17 अप्रैल 1987 को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर बोफोर्स की कमीशनखोरी का पहली बार आरोप लगा था.’’
दुबे ने आरोप लगाया कि इसी दिन 1998 में सीताराम केसरी को हटाकर सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनी थीं तथा 17 अप्रैल 1999 को अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार को ‘‘क्रिश्चियन लॉबी के दबाव में गिरधर गमांग से वोट कराकर इस्तीफा दिलाया गया था.’’
फिल्मों में मेरे किरदारों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी: हेमा मालिनी
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संशोधन विधेयकों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने फिल्मों में ऐसे कई किरदार किए हैं जिनसे महिलाओं, खासकर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिली.
हेमा ने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा, ‘‘फिल्मों में पहले लड़कियां काम नहीं करती थीं। पुरुष ही महिलाओं के वस्त्र पहनकर काम करते थे. बाद में मीना कुमारी, नरगिस और मधुबाला जैसी अभिनेत्रियां आईं.’’
हेमा मालिनी ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में अभिनेत्री और नृत्यांगना के रूप में बहुत संघर्ष किया है और तब उन्हें यह पहचान मिली है.
उन्होंने कहा, ‘‘मेरी पहली फिल्म ‘सपनों का सौदागर’ में मैंने बंजारन की भूमिका निभाई थी. उसके बाद ‘सीता और गीता’ में गीता के किरदार को सब जानते हैं. ‘शोले’ में बसंती का प्रसिद्ध किरदार किया जो तांगे चलाकर जीवनयापन करने वाली महिला थी. एक फिल्म में पुलिस अधिकारी की भूमिका की.’’
हेमा ने कहा, ‘‘मैंने ऐसे कई किरदार किए जिससे ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की पेरणा मिली.’’
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण से संबंधित विधेयक हर उस महिला के लिए है जो अपनी पहचान और सम्मान के लिए लड़ रही है.
हेमा मालिनी ने यह भी कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल कानून बनाने से नहीं होगा, बल्कि समाज की सोच बदलनी होगी और बेटियों को समान अवसर देना होगा.
उन्होंने कहा कि सभी को दलगत राजनीति से उठकर इस विधेयक का समर्थन करना चाहिए.
भारत का चुनावी मानचित्र बदलने का प्रयास, यह राष्ट्र विरोधी गतिविधि: राहुल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन से संबंधित विधेयक का महिला आरक्षण से कोई संबंध नहीं है, बल्कि यह देश के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है जो एक ‘‘राष्ट्र विरोधी कृत्य’’ है.
उन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा में भाग लेते हुए यह आरोप भी लगाया कि सरकार द्वारा जाति जनगणना को दबाने और अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) से उनका अधिकार छीनने का प्रयास किया जा रहा है.
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘पूरा विपक्ष मिलकर सरकार के इस प्रयास को विफल करने जा रहा है.’’
नेता प्रतिपक्ष ने अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए एक शब्द का कई बार इस्तेमाल किया, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने आपत्ति जताई.
बिरला ने इस शब्द को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया.
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के संदर्भ में नेता प्रतिपक्ष द्वारा जिस प्रकार के शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और उसकी जितनी निंदा की जाए, उतना कम है.
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस देश की जनता का अपमान कर रहे हैं और उन्हें क्षमा मांगनी चाहिए.
राहुल गांधी ने महिला आरक्षण से संबंधित विधेयक का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘कुछ सच्चाई यह सदन में बताने की जरूरत है. यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं है, इसका महिलाओं के सशक्तीकरण से कुछ लेनादेना नहीं है। 2023 में जो पारित हुआ था वो महिला आरक्षण विधेयक था.’’
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘यह भारत की महिलाओं के पीछे छिपकर देश के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है.’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘‘यह शर्मनाक कृत्य है क्योंकि यह सब भारत की महिलाओं के नाम पर किया जा रहा है.’’
उन्होंने आरोप लगाया कि जाति जनगणना को दरकिनार करने का प्रयास किया जा रहा है.
राहुल गांधी ने कहा कि ओबीसी से उनका अधिकार छीनने का प्रयास किया जा रहा है, यही सरकार का एजेंडा है.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि दक्षिण भारत के राज्यों, छोटे प्रदेशों और पूर्वोत्तर से उनकी राजनीतिक ताकत छीनी जा रही है.
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘भाजपा बेवकूफ नहीं है, उन्हें पता था कि यह विधेयक पारित नहीं हो सकता। लेकिन वे फिर भी इसे ले आए. यह एक घबराहट भरी प्रतिक्रिया थी...वह भारत के चुनावी मानचित्र को बदलना चाहते हैं और प्रधानमंत्री को यह संदेश दोबारा भेजने की जरूरत पड़ी कि वह महिला समर्थक हैं.’’
उन्होंने कहा, ‘‘वह ऐसा क्यों कर रहे हैं, मैं इसे आपकी कल्पना पर छोड़ता हूं. लेकिन जो शक्तियां हैं वे ठीक-ठीक जानती हैं कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं.’’
उनका कहना था, ‘‘मैं देश भर में अपने दोस्तों, भाइयों और बहनों, दक्षिण के राज्यों, छोटे राज्यों और पूर्वोत्तर के राज्यों को आश्चस्त करना चाहता हूं कि वे चिंता न करें। हम उन्हें (भाजपा) भारतीय संघ पर हमला नहीं करने देंगे। आप भारतीय संघ में बराबर के भागीदार हैं। वे भारतीय संघ में आपके प्रतिनिधित्व को छूने का साहस नहीं कर पाएंगे.’’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा दलित और पिछड़े समुदायों को हिंदू कहती है लेकिन सत्ता की व्यवस्था में उन्हें उचित स्थान नहीं देना चाहती.
उन्होंने सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते हुए यह भी कहा, ‘‘भाजपा और उसके नेतृत्व के मन में एक बुनियादी भ्रम है। वे मानते हैं कि वे ही भारत की जनता हैं. आप भारत की जनता नहीं हैं. वे यह भी मानते हैं कि वे सशस्त्र बल हैं। आप (भाजपा) सशस्त्र बल नहीं हैं।’’
कांग्रेस नेता का कहना था, ‘‘हम भारत के लोगों या सशस्त्र बलों पर हमला नहीं कर रहे हैं, हम आप (भाजपा) पर हमला कर रहे हैं, आप भारत के लोगों या सशस्त्र बलों के पीछे मत छिपो.’’
विपक्ष इस बिल को विफल करेगा: राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन से संबंधित विधेयक का महिला आरक्षण से कोई संबंध नहीं है, बल्कि भारत के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है जो एक ‘‘शर्मनाक कृत्य’’ है. उन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा में भाग लेते हुए यह आरोप भी लगाया कि सरकार द्वारा जाति जनगणना को दबाने का प्रयास किया जा रहा है.
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘पूरा विपक्ष मिलकर सरकार के इस प्रयास को विफल करने जा रहा है.’’ उनका कहना था, ‘‘कुछ सच्चाई यह सदन में बताने की जरूरत है. यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं है, इसका महिलाओं के सशक्तीकरण से कुछ लेनादेना नहीं है. 2023 में जो पारित हुआ था वो महिला आरक्षण विधेयक था.’’
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘यह भारत की महिलाओं के पीछे छिपकर देश के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है.’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘‘यह शर्मनाक कृत्य है क्योंकि यह सब भारत की महिलाओं के नाम पर किया जा रहा है.’’
उन्होंने आरोप लगाया कि जाति जनगणना को दरकिनार करने का प्रयास किया जा रहा है.
राहुल गांधी ने कहा कि ओबीसी से उनका अधिकार छीनने का प्रयास किया जा रहा है, यही सरकार का एजेंडा है.
उन्होंने दावा किया, ‘‘सरकार ओबीसी भाइयों और बहनों को अधिकार देने से बच रही है.’’
राहुल गांधी ने पीएम को बताया 'जादूगर'
सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को "जादूगर" बताया. उन्होंने कहा, "जादूगर और व्यवसायी के बीच साझेदारी होती है, यह बात सभी जानते हैं." राहुल से इस बयान के बाद सदन में हंगामा हो गया. बाद में स्पीकर ने कहा कि जो भी भाषा या शब्द उचित नहीं है, उसे कार्रवाई से हटा दिया जाएगा.
यह राष्ट्रविरोधी कृत्य से कम नहीं, बोले राहुल
राहुल गांधी ने कहा, "आप दक्षिण भारत, उत्तर पूर्वी राज्यों और भारत के छोटे राज्यों से कह रहे हैं कि भाजपा को सत्ता में बने रहने के लिए आपसे प्रतिनिधित्व छीनना पड़ेगा. यह राष्ट्रविरोधी कृत्य से कम नहीं है. और हम आपको ऐसा करने नहीं देंगे."
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#WATCH | LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi says, "You are telling the south Indian, the north-eastern states and small states in India that for the BJP to remain in power, we are going to take away representation from you. This is nothing short of an anti-national act. And we are not… https://t.co/uHxoPUlg4u pic.twitter.com/XEh4zSLwJS
— ANI (@ANI) April 17, 2026
पीएम अपनी शक्ति के क्षरण से डरे हुए हैं- राहुल गांधी
संसद में परिसीमन के मुद्दे पर बोलते हुए लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने कहा, "आप (भाजपा) जो कर रहे हैं, वह देश की राजनीति में हो रही उथल-पुथल से डरे हुए हैं, अपनी शक्ति के क्षरण से डरे हुए हैं, और भारत के राजनीतिक मानचित्र को बदलने की कोशिश कर रहे हैं. आपने असम और जम्मू-कश्मीर में ऐसा किया, और अब आप सोच रहे हैं कि आप पूरे भारत में ऐसा कर सकते हैं. इसके लिए आपको संविधान में संशोधन की आवश्यकता है."
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Speaking in Parliament, LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi says, "Manuvad over Samvidhaan...Amit Shah ji says that the caste census has begun. He repeated twice, trying to be clever, saying that houses don't have caste. The point is whether or not the caste census is going to be used… pic.twitter.com/AKfAlFWFdO
— ANI (@ANI) April 17, 2026
जाति जनगणना का प्रतिनिधित्व से कोई लेना-देना नहीं - राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, "संविधान के ऊपर मनुवाद...अमित शाह जी कहते हैं कि जाति जनगणना शुरू हो गई है. उन्होंने चालाकी दिखाने की कोशिश में दो बार दोहराया कि घरों की कोई जाति नहीं होती. मुद्दा यह है कि क्या संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व के लिए जाति जनगणना का इस्तेमाल किया जाएगा या नहीं. और अब, आप यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि अगले 15 वर्षों तक जाति जनगणना का प्रतिनिधित्व से कोई लेना-देना नहीं है."
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Speaking in Parliament, LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi says, "Manuvad over Samvidhaan...Amit Shah ji says that the caste census has begun. He repeated twice, trying to be clever, saying that houses don't have caste. The point is whether or not the caste census is going to be used… pic.twitter.com/AKfAlFWFdO
— ANI (@ANI) April 17, 2026
'ओबीसी भाइयों-बहनों से सत्ता छीनने की हो रही कोशिश', बोले राहुल
संसद में बोलते हुए, लोकसभा के विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, "यह एक ऐतिहासिक तथ्य है कि भारतीय समाज ने दलितों और ओबीसी तथा उनकी महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार किया... यहां जो प्रयास किया जा रहा है वह जाति जनगणना को दरकिनार करने का है. यहां, वे मेरे ओबीसी भाइयों और बहनों को सत्ता और प्रतिनिधित्व देने से बचने और उनसे सत्ता छीनने की कोशिश कर रहे हैं."
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Speaking in Parliament, LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi says, "It is a historical fact that how Indian society treated Dalits and OBCs and their women...What is being attempted here is a bypass of the caste census. Here, the yare trying to avoid giving power and representation to my… pic.twitter.com/PHFFfHIy9u
— ANI (@ANI) April 17, 2026
बिल का महिला सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, "सबसे पहली सच्चाई यह है कि यह महिलाओं का विधेयक नहीं है. इसका महिला सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है. यह भारत के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है. वास्तव में, यह एक शर्मनाक कृत्य है."
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"The first truth is that this is not a women's bill. This has nothing to do with the empowerment of women. This is an attempt to change the electoral map of India, says LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi, during a special session of Parliament on the women's reservation bill and… pic.twitter.com/ofFhmD8Cwg
— ANI (@ANI) April 17, 2026
महिलाएं हमारे देश की सोच में प्रेरक शक्ति: राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बात की. उन्होंने कहा, "महिलाएं हमारे देश की सोच में एक प्रेरक शक्ति हैं. हम सभी ने अपनी जिंदगी में महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है, उनसे बहुत कुछ सीखा है..."
परिसीमन बिल पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार जाति जनगणना को बाईपास करना चाहती है. ये बिल दलित और पिछड़ों के खिलाफ है. सरकार अपनी ताकत घटने से डर रही है. देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश रही है. राहुल ने अपनी बहन प्रियंका गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि कल जब वह सदन में भाषण दे रही थी, उसने पांच मिनट में वह किया जो मैं 20 वर्ष में नहीं कर पाया. अमित शाह के चेहरे पर मुस्कान आ गई.
राहुल गांधी ने कहा, "पहला सच तो यह है कि यह महिलाओं का बिल नहीं है. इसका महिलाओं के सशक्तीकरण से कोई लेना-देना नहीं है. यह भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश है."
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"The first truth is that this is not a women's bill. This has nothing to do with the empowerment of women. This is an attempt to change the electoral map of India, says LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi, during a special session of Parliament on the women's reservation bill and… pic.twitter.com/ofFhmD8Cwg
— ANI (@ANI) April 17, 2026
पीएम मोदी ने की सांसदों से अपील
महिला आरक्षण बिल की वोटिंग को लेकर पीएम मोदी ने सभी सांसदों से अपील की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि
मैं सभी सांसदों से कहूंगा...
अपने घर में अपनी मां, बहन, बेटी, पत्नी की यादों को ध्यान में रखते हुए, अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें...
यह देश की नारी शक्ति की सेवा करने, उन्हें सम्मान देने का एक शानदार मौका है. उन्हें नए मौकों से दूर न करें. यह संशोधन आम सहमति से पास होगा, और देश की नारी शक्ति और भी ज्यादा सशक्त बनेगी. देश का लोकतंत्र और भी ज्यादा सशक्त बनेगा. आइए, हम सब मिलकर आज इतिहास रचें. भारत की महिलाओं को देश की आधी आबादी को उनका हक दें.
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मैं सभी सांसदों से कहूंगा...
— Narendra Modi (@narendramodi) April 17, 2026
आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए ...
देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है।
उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए।
ये संशोधन सर्वसम्मति से पारित होगा, तो देश की नारीशक्ति और सशक्त…
हम बिल के खिलाफ वोट करेंगे: खरगे
नए डिलिमिटेशन बिल पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमारे नेता लड़ रहे हैं और लोकसभा में इसे हरा देंगे.
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#WATCH | "Our people are fighting and will defeat it in Lok Sabha," says LoP Rajya Sabha and Congress President Mallikarjun Kharge, on new Delimitation Bill. pic.twitter.com/k8sUsgiiuI
— ANI (@ANI) April 17, 2026
परिसीमन बिल 'राजनीतिक शक्ति में बड़ा बदलाव': शशि थरूर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने परिसीमन बिल को "पॉलिटिकल पावर में बड़ा बदलाव" बताया और कोई भी फैसला लेने से पहले अच्छी तरह चर्चा करने को कहा. उन्होंने इस काम में जल्दबाजी करने के खिलाफ चेतावनी दी, इसकी तुलना नोटबंदी के दौरान देखी गई जल्दबाजी से की और इसे "राजनीतिक नोटबंदी" का एक रूप बताया.
थरूर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बताए गए "50 प्रतिशत फॉर्मूले" की आलोचना की, और इसे एक पक्का कानूनी वादा होने के बजाय "एक अनिश्चित राजनीतिक बयान" बताया.
कांग्रेस सांसद ने लोकसभा को 850 सीटों तक बढ़ाने के प्रस्तावों पर चिंता जताई, और कहा कि इतना बड़ा सदन काम नहीं कर पाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि राज्यसभा को मजबूत करने के लिए कोई ऐसा प्लान नहीं है. थरूर ने चेतावनी दी कि इससे दोनों सदनों के बीच संस्थागत असंतुलन पैदा हो सकता है.
थरूर ने दोहराया कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण बिल का समर्थन करती है, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि परिसीमन में जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि महिलाओं के कोटे को परिसीमन की प्रक्रिया से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और इसे अलग से लागू किया जाना चाहिए.
शशि थरूर ने गिनाईं कमियां
थरूर ने सरकार से महिला आरक्षण बिल पास करने और परिसीमन बिल को बड़े परामर्श के लिए टालने की अपील की. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परिसीमन के लिए "विस्तृत चर्चा" की जरूरत है और इसे एक रूटीन विधायी अभ्यास नहीं माना जाना चाहिए.
उन्होंने परिसीमन प्रक्रिया में तीन मुख्य चिंताओं को उजागर किया-
- बड़े बनाम छोटे राज्य: प्रतिनिधित्व में सही संतुलन बनाए रखना
- जनसंख्या नियंत्रण डिवाइड: तमिलनाडु और केरल जैसे राज्य बनाम अधिक जनसंख्या वृद्धि वाले उत्तरी राज्य
- आर्थिक योगदान अंतर: उत्पादक राज्य बनाम सेंट्रल फंड पर अधिक निर्भर राज्य
उन्होंने चेतावनी दी कि परिसीमन उन राज्यों को अधिक राजनीतिक वजन देकर इनाम दे सकता है जो अपनी जनसंख्या को नियंत्रण करने में नाकाम रहे हैं.
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#WATCH | Speaking in the Lok Sabha, Congress MP Shashi Tharoor says, "... Linking women's reservation to delimitation effectively holds the aspirations of Indian women hostage to one of the most contentious political exercises in our history... In future delimitations, states… pic.twitter.com/O3y3jfoCSy
— ANI (@ANI) April 17, 2026
मनीष तिवारी ने परिसीमन फॉर्मूले के असर पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में कहा, "सरकार सच छिपाने में बहुत कंजूसी कर रही है. असली मुद्दा संविधान के अनुच्छेद 82, 1A में है, जिसमें 'एक व्यक्ति, एक वोट, एक वैल्यू' का सिद्धांत है. इस फॉर्मूले की वजह से, जिन राज्यों में कुल प्रजनन दर (TFR) ज्यादा है, उन्हें ज्यादा सीटें मिलेंगी, जबकि जिन राज्यों ने 1976 से जनसंख्या स्थिरीकरण (Population Stabilization) के तरीके अपनाए हैं, उन्हें कम सीटें मिलेंगी. असली चुनौती इस संवैधानिक जिम्मेदारी को बनाए रखने का तरीका ढूंढना है, साथ ही संघीय उम्मीदों के बीच संतुलन बनाए रखना है."
चुनावी फायदे के लिए महिलाओं को ढाल की तरह इस्तेमाल कर रही BJP: कनिमोझी
लोकसभा में परिसीमन बिल का विरोध करते हुए, DMK सांसद कनिमोझी ने कहा, "अगर इस सरकार को भरोसा है कि परिसीमन बिल सही है तो वे बिल को तमिलनाडु विधानसभा में क्यों नहीं रख रहे हैं. सरकार ने किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री से सलाह नहीं ली."
डीएमके सांसद ने कहा, "उन्होंने (2021 में) जनगणना टाल दी, अब वे उन्हें पुरानी जनगणना से इनाम दे रहे हैं. पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बीच विशेष सत्र बुलाया गया है." उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी महिलाओं को चुनावी बचाव की रणनीतिक के तौर पर इस्तेमाल कर रही है. कनिमोझी ने पूछा, "कल महिला आरक्षण अधिनियम 2023 को नोटिफाई करने की क्या जरूरत थी?" उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के बहाने यह बिल भारत के संघीय ढांचे को बिगाड़ता है.
पीएम मोदी ने हरिवंश को बधाई दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश नारायण सिंह को तीसरी बार राज्यसभा का उपसभापति चुने जाने पर बधाई दी. राज्यसभा में बोलते हुए, पीएम मोदी ने कहा, "लगातार तीसरी बार डिप्टी चेयरमैन चुना जाना इस सदन के आप पर गहरे भरोसे, पिछले समय में आपके अनुभव से सदन को मिले फायदों और सबको साथ लेकर चलने की आपकी कोशिशों का सबूत है... हम सभी ने हरिवंश की लीडरशिप में सदन की ताकत को और भी प्रभावी होते देखा है. वह न सिर्फ सदन की कार्यवाही चलाते हैं, बल्कि अपने पिछले अनुभवों का इस्तेमाल सदन को बड़ी बारीकी से बेहतर बनाने के लिए भी करते हैं... मुझे पूरा भरोसा है कि उपसभापति का नया कार्यकाल भी इसी जोश, संतुलन और लगन के साथ आगे बढ़ेगा. हम सबकी कोशिशों से सदन की गरिमा नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी."
पीएम मोदी ने कहा, "मैं एक बात बताना चाहता हूं, आज 17 अप्रैल है - हमारे पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती. यह खास है कि आप (हरिवंश) उनकी जयंती पर तीसरी बार यह यात्रा शुरू कर रहे हैं, खासकर उनके साथ आपकी करीबी की वजह से."
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Speaking in the Rajya Sabha. https://t.co/0MhP3145LO
— Narendra Modi (@narendramodi) April 17, 2026
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का बयान
महिला आरक्षण बिल पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "यह एक प्रक्रिया है. हम अभी कानून में बदलाव के लिए इसे ला रहे हैं. पुराना कानून लागू नहीं हुआ था, इसलिए शुरुआती नोटिफिकेशन जारी किया गया. यह एक प्रक्रिया है. इस प्रक्रिया को मुद्दा न बनाएं."
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#WATCH | Delhi | On the Women's Reservation Bill, Union Minister Kiren Rijiju says, "This is a process. We are currently introducing the law for amendment. The older law wasn't implemented, which is why the commencement notification was issued. This is a process. Let's not make… pic.twitter.com/F06ibaPNqB
— ANI (@ANI) April 17, 2026
हरिवंश निर्विरोध राज्यसभा के उपसभापति चुने गए
जेडीयू के सांसद हरिवंश नारायण सिंह शुक्रवार को लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए. तीसरे कार्यकाल के लिए उन्हें निर्विरोध चुना गया.
इसके बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने फिर से उपसभापति चुने जाने पर हरिवंश को बधाई दी और कहा कि हरिवंश जी उपसभापति के योग्य हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सदन में बोलते हुए हरिवंश को बधाई. मोदी ने कहा कि तीसरे कार्यकाल के लिए हरिवंश जी बधाई और शुभकामनाएं. पीएम ने कहा कि हरिवंश जी के अनुभव का सदन को लाभ मिलेगा. सदन की शक्ति और प्रभावी बनी है.
महिला आरक्षण लागू करना है, तो आज की तारीख से लागू करें: प्रमोद तिवारी
महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, "...यह बिल 2023 में पास हुआ था... लेकिन वे इसे कब ला रहे हैं? जब दो राज्यों में चुनाव चल रहे हैं, और प्रचार अभियान चरम पर है. इसे अभी लाने की क्या जरूरत थी?...इसके पीछे, वजह परिसीमन है, ताकि उन्हें जाति जनगणना और नई जनगणना पर परिसीमन न करना पड़े...हम महिलाओं को धोखा नहीं देने देंगे... अगर आप आरक्षण लागू करना चाहते हैं, तो आज की तारीख से लागू करें.."
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#WATCH | Delhi: On the Women's Reservation Bill, Congress MP Pramod Tiwari says, "...This bill was passed in 2023... but when are they bringing it? When elections are underway in two states, and the campaign is at its peak. what was the need to bring it now?... behind this, the… pic.twitter.com/Rp29yoX3BD
— ANI (@ANI) April 17, 2026
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू
संसद के विशेष सत्र का आज दूसरा दिन है. लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई.
सूत्रों के मुताबिक, काकोली घोष, मणिकम टैगोर, केसी वेणुगोपाल और पी चिदंबरम समेत कई कांग्रेस नेताओं को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे आज संसद में इंडिया ब्लॉक की सभी पार्टियों के सभी सांसदों की मौजूदगी सुनिश्चित करें.
हरिवंश का आम सहमति से राज्यसभा का उप-सभापित चुना जाना तय
राज्यसभा के सदस्य आम सहमति से हरिवंश नारायण सिंह को उप-सभापित चुनने वाले हैं. नेता शुक्रवार को सदन में एक प्रस्ताव पेश करेंगे. डिप्टी चेयरमैन के चुनाव के लिए नॉमिनेशन जमा करने की आखिरी तारीख गुरुवार, 16 अप्रैल, दोपहर 12 बजे थी. नॉमिनेशन का समय खत्म होने तक, सदस्यों ने पांच प्रस्ताव जमा किए, जिनमें सभी हरिवंश को इस पद के लिए नॉमिनेट किया है. आम सहमति से, सदस्यों का उन्हें डिप्टी चेयरमैन चुनना तय लग रहा है.
लोकसभा में 18 घंटे तक चल सकती है बहस
लोकसभा में शुक्रवार को संविधान संशोधन बिल पर लंबी बहस के बाद इन बिलों पर वोटिंग होगी. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि चर्चा के लिए 12 घंटे दिए गए हैं, और स्पीकर की इजाजत से इसे और बढ़ाने का विकल्प है. स्पीकर ओम बिरला ने भी सदस्यों को भरोसा दिलाया कि काफी समय दिया जाएगा और कहा कि जरूरत पड़ने पर बहस 18 घंटे तक भी चल सकती है.
लोकसभा में पेश किए गए संविधान संशोधन बिल के मुताबिक, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद, 2029 के संसदीय चुनावों से पहले महिला आरक्षण अधिनियम को "लागू" करने के लिए लोकसभा सीटों को अभी की 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 किया जाएगा. महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को समाहित करने के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभा में भी सीटें बढ़ाई जाएंगी. लोकसभा सदस्यों को दिए गए ड्राफ्ट बिल में कहा गया है कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें "किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में अलग-अलग चुनाव क्षेत्रों को रोटेशन से आवंटित की जाएंगी".
भारत की बेटियां हमेशा पीएम मोदी की शुक्रगुजार रहेंगी: कंगना रनौत
भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने गुरुवार को लोकसभा में अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की और उन्हें "नारीवाद का एकमात्र ध्वजवाहक" बताया. संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026 पर बहस के दौरान बोलते हुए, कंगना ने कहा, "आज भारत की बेटियां मानती हैं कि प्रधानमंत्री से बड़ा कोई फेमिनिस्ट नहीं है."
उन्होंने कहा, "आज भारत की बेटी यह मानती है कि प्रधानमंत्री जी से बड़ा कोई भी फेमिनिस्ट नहीं है. वह फेमिनिज्म के अकेले ध्वजवाहक हैं और भारत की बेटियां उनकी सदा आभार व्यक्त करेंगी. जो उन्होंने भारत की महिला शक्ति में विश्वास दिखाया है, उसके लिए हम सदा आभार व्यक्त करेंगे."
कंगना ने बिल को परिसीमन अभ्यास से जोड़ने का भी समर्थन किया, इसे "संवैधानिक जरूरत" बताया और इस बात पर जोर दिया कि यह प्रोसेस ज़रूरी है और इसकी बहुत जरूरत है.
परिसीमन में दक्षिणी राज्यों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा: गोयल
"गलत जानकारी फैलाने" के लिए विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में स्पष्ट किया है कि परिसीमन में दक्षिणी राज्यों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा. गोयल ने कहा, "बल्कि, उनका हिस्सा बढ़ेगा, जो उसी अनुपात में बढ़ोतरी को दिखाता है. हर राज्य के लिए यही पैटर्न है. मोदी सरकार पूरे देश में लोगों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए, सही तरीके से काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है."
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When you cannot digest facts, you spread misinformation!
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) April 16, 2026
HM @AmitShah ji has clarified in Parliament that the Southern states will not face any injustice in delimitation.
Rather, their share will rise, reflecting a proportionate increase. The same pattern holds for each state.… pic.twitter.com/69obKvG8gW
सरकार 2/3 बहुमत मिलने पर संविधान बदल देगी: कपिल सिब्बल
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने गुरुवार को आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल और परिसीमन संशोधन बिल, 2029 के आम चुनावों में 2/3 बहुमत हासिल करने और संविधान को "बदलने" के लिए सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकार की एक 'राजनीतिक चाल' है. संसद के बाहर न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए, सिब्बल ने दावा किया कि केंद्र का मकसद "लोगों को गुमराह करना" है, लेकिन कहा कि विपक्ष ज़्यादा चालाक है.
उन्होंने कहा, "यह एक संविधान संशोधन बिल है, सिर्फ परिसीमन बिल नहीं. वे पहले परिसीमन करना चाहते हैं और फिर महिला आरक्षण. उन्होंने (महिला आरक्षण) 2023 बिल को खत्म कर दिया है....मकसद क्या है? वे लोगों को गुमराह करना चाहते हैं...उन्हें लगता है कि हम बेवकूफ हैं, लेकिन असल में हम उनसे ज्यादा चालाक हैं...उनका मकसद उत्तरी भारत में 200 सीटों का फायदा उठाना है. अगर दक्षिणी भारत में 66 और सीटें होती हैं, तो इससे ज्यादा असर नहीं पड़ेगा; इस तरह, वे सत्ता में बने रह सकते हैं. एक बार जब उन्हें 2/3 बहुमत मिल जाएगा, तो वे संविधान बदल देंगे."
इतिहास तो पहले ही बन चुका था: राम गोपाल यादव
संसद में महिला आरक्षण बिल पर पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण पर समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, "... इतिहास तो पहले ही बन चुका था. यह कानून पहले ही बिना किसी विरोध के पास हो चुका था. ये लोग उस इतिहास को मिटाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं?..." बिल पर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश के ट्वीट पर उन्होंने कहा, "इस सरकार (मौजूदा केंद्र सरकार) से ज्यादा भ्रष्ट और बेईमान कोई सरकार नहीं हो सकती..."
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#WATCH | Delhi | On PM Narendra Modi's address in the Parliament on Women Reservation Bill, SP MP Ram Gopal Yadav says, "... History was already made. This law was already passed unanimously. Why are these people trying to erase that history?..."
— ANI (@ANI) April 17, 2026
On Congress MP Jairam Ramesh's… pic.twitter.com/YpsEg6WJuU
इस मुद्दे को राजनीति के तराजू से नहीं तौलना चाहिए: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुवार को लोकसभा में बहस के दौरान कहा कि जो राजनीतिक दल महिला आरक्षण अधिनियम संबंधी संविधान संशोधन विधेयक का विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को राजनीति के तराजू से नहीं तौला जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "हमारे देश में जब से महिला आरक्षण को लेकर चर्चा शुरू हुई है और जब-जब चुनाव आया है, जिस दल ने महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का विरोध किया है, देश की महिलाओं ने उन्हें माफ नहीं किया."

