CHATRA PLANE CRASH: हादसे की जांच शुरू, रांची पहुंची DGCA की टीम, बुधवार को घटनास्थल का करेगी मुआयना

Published : February 24, 2026 at 1:51 PM IST
|Updated : February 24, 2026 at 7:43 PM IST
रांची: चतरा में एयर एंबुलेंस हादसे में विमान में सवार भी सात लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में मरीज संजय साव, उनकी पत्नी, भांजा, दो डॉक्टर्स और दो पायलट शामिल हैं. सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत करमटांड़ जंगल में हादसा हुआ. वर्तमान में वह पलामू जिले के बकोरिया में एक होटल का संचालन करते थे. लगभग एक सप्ताह पहले होटल में हुए हादसे के कारण वह गंभीर रूप से झुलस गए थे. उनका इलाज रांची में चल रहा था. बेहतर इलाज के लिए वह एयर एंबुलेंस से दिल्ली जा रहे थे. संजय साव का परिवार मुख्य रूप से लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र अंतर्गत रखात गांव का निवासी था.
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एयरपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, DGCA की टीम बुधवार सुबह रांची से चतरा के सिमरिया स्थित घटनास्थल के लिए रवाना होगी. वहां मलबे की स्थिति, ब्लैक बॉक्स (यदि उपलब्ध), तकनीकी उपकरणों और इंजन के हिस्सों की जांच की जाएग. टेक ऑफ से लेकर दुर्घटनास्थल तक के पूरे रूट की तकनीकी मैपिंग की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि या मौसम संबंधी कारणों से हुआ. घटनास्थल पर जांच पूरी करने के बाद टीम शाम तक रांची लौटेगी और प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार करेगी. सभी पहलुओं की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जाएगी. फिलहाल इस हादसे को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, क्या टेक ऑफ से पहले सभी नियमों का पालन हुआ था? क्या मौसम संबंधी चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया? राज्य सरकार और केंद्र की एजेंसियां मिलकर इस मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा.
चतरा में हुए दर्दनाक एयर एंबुलेंस क्रैश मामले ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है. घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जांच तेज कर दी है. मंगलवार को DGCA की टीम जांच के लिए रांची पहुंची. टीम ने सबसे पहले रांची एयरपोर्ट पर एयर एंबुलेंस के टेक ऑफ से जुड़े दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की पड़ताल की. टेक ऑफ के समय मौसम की स्थिति, फ्लाइट क्लियरेंस, पायलट की ब्रीफिंग, एयर ट्रैफिक कंट्रोल से समन्वय और सुरक्षा मानकों के पालन की गहन समीक्षा की जा रही है. खराब मौसम की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा गया है.
विमान हादसे में जिस पायलट विवेक विकास भगत की मौत हुई है, वह लातेहार सदर थाना क्षेत्र के लूटी गांव के रहने वाले थे. इंजीनियर पिता देवसहाय भगत भगत के इकलौते पुत्र विवेक विकास भगत होनहार होने के साथ-साथ व्यवहार कुशल भी थे. उनके निधन से पूरे लातेहार जिले में मातम का माहौल है. दरअसल लातेहार लूटी गांव निवासी देव सहाय भगत वर्तमान समय में चतरा जिले में ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यपालक अभियंता के रूप में कार्यरत हैं. बीती रात जिस विमान की दुर्घटना हुई, उसके पायलट विवेक विकास भगत ही थे. देर रात जैसे ही लोगों को पता चला कि विमान हादसे में उनके गांव के लाल विवेक का निधन हो गया, वैसे ही पूरे गांव में मातम पसर गया. घटना के वक्त विवेक के पिता देव सहाय भगत लातेहार के लूटी गांव स्थित अपने आवास में ही थे.
एयर एंबुलेंस क्रैश पर मृत पायलट विकास भगत के पिता डीएस भगत ने कहा कि बेटे ने एयर एंबुलेंस चलाकर कई लोगों की जान बचाई. लेकिन उसकी आज जान चली गई है. पायलट विकास भगत इकलौते बेटे थे.
एयर एंबुलेंस हादसे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुख जताया. उन्होंने कहा कि मौसम खराब था, जिसके वजह से यह घटना हुई है. उन्होंने मुआवजे को लेकर कहा कि सरकार चिंतित है.
एयर एंबुलेंस दुर्घटना पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने दुख जताया है. उन्होंने कहा कि हादसे में प्रियजनों को खोने वाले परिजनों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं. ईश्वर उन्हें यह अपार दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करे.
इस दुखद घटना पर विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है. विधायक सुरेश पासवान ने कहा कि यह अत्यंत पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को इस दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच करानी चाहिए, ताकि कारणों का स्पष्ट पता चल सके. राज्य की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भी हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि 7 लोगों की असमय मौत बेहद दुखद है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी. साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. विधायक योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि एयर एंबुलेंस आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है और इस प्रकार की दुर्घटना चिंता का विषय है. उन्होंने निष्पक्ष जांच और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की. विधायक जयराम महतो ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की. उन्होंने कहा कि यह समय एकजुट होकर पीड़ित परिवारों को संबल देने का है. अन्य विधायकों ने भी हादसे को दुखद बताते हुए गहरी संवेदना प्रकट की है.
एयर एम्बुलेंस क्रैश पर झारखंड के पूर्व श्रम मंत्री और राजद नेता सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि घटना दुखद है. सरकार द्वारा सभी मृतकों को समान मुआवजा मिलना चाहिए.
केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने एयर एम्बुलेंस दुर्घटना पर कहा यह दुखद है. एयर एंबुलेंस जा रही थी और एकाएक मौसम खराब हो गया. यह जांच का विषय है कि प्लेन कैसे क्रैश हुआ. यह बहुत दुखद है. हम उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं.
एयर एंबुलेंस क्रैश पर देवकमल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के फाउंडर और सीईओ डॉ. अनंत सिन्हा ने कहा उन्हें 16 फरवरी को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. वह लगभग 63 परसेंट जल गए थे. अस्पताल में उन्हें ICU में रखा. उन्होंने कहा कि मरीज के कुछ रिश्तेदार ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए विदेश ले जाना चहते थे. उन्होंने बातचीत की और एयर एम्बुलेंस का इंतजाम किया.
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा यह जांच का विषय है, एक्सपर्ट लोगों की टीम आ रही है, टीम जांच करेगी, उसके बाद सच्चाई का पता चलेगा. स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सदर अस्पताल चतरा का दौरा किया, जहां एयर एम्बुलेंस क्रैश में मारे गए लोगों के शव रखे गए हैं. उन्होंने पीड़ित परिजनों को संतवना दी.
रेडबर्ड एयरवेज प्लेन चतरा में क्रैश से सात लोगों की मौत हो गई है. रेडबर्ड एयरवेज का बीचक्राफ्ट C90 एयरक्राफ्ट VT-AJV विमान था. जिसमें 2 क्रू मेंबर समेत सात लोग सवार थे.

