विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा...जब विकास अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा :80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से PM मोदी का संबोधन

Published : August 15, 2026 at 7:09 AM IST
|Updated : August 15, 2026 at 9:14 AM IST
नई दिल्ली: देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया. उन्होंने 2047 तक विकसित भारत बनाने की बात कही. उन्होंने कहा कि, विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब विकास अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा. उन्होंने यह भी कहा कि, अज भारत दुनिया के मंच पर एक बहुत ज्यादा माना जाने वाला और सम्मानित देश बन रहा है.
पीएम मोदी ने कहा, आज 'वंदे मातरम' का नारा हर दिल में गूंज रहा है. आज हर घर में तिरंगा लहरा रहा है और हर मन में बसा हुआ है. देश जोश और उमंग के साथ, नए संकल्पों को अपनाते हुए आगे बढ़ रहा है."
उत्तर से लेकर दक्षिण और पूरब से लेकर पश्चिम तक तिरंगा पूरे शान के साथ लहरा रहा है. ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से आजादी हासिल किए 79 साल पूरे होने के अवसर पर देशभर में राष्ट्रीय पर्व का उत्साह इस साल का कार्यक्रम राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है और विकसित भारत 2047 की ओर भारत की यात्रा में 'युवा शक्ति' की भूमिका पर रोशनी डालेगा. 15 अगस्त का मुख्य समारोह नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर पर आयोजित किया गया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय ध्वज फहराया और लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया.
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नक्सल-माओवादी हिंसा अपनी ताकत खो चुकी है, पीएम मोदी ने कहा
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "... 21वीं सदी में दशकों से चली आ रही चुनौतियों को खत्म करना बहुत ज़रूरी है. नक्सलवाद और माओवाद ने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है; उन्होंने जवानी में अपनी मांओं से जवानी छीन ली, उन्हें बर्बाद कर दिया, और उनके माता-पिता के सपनों को चकनाचूर कर दिया. इसने संविधान का मज़ाक उड़ाया, और हमारे 3,500 से ज़्यादा पुलिस और सुरक्षाकर्मी आम नागरिकों की रक्षा करते हुए शहीद हो गए. जब आपने हमें 2014 में मौका दिया, तो हमने देश को नक्सलवाद से आज़ाद करने का संकल्प लिया. आज, मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि नक्सल-माओवादी हिंसा अपनी ताकत खो चुकी है और शायद अपनी आखिरी सांसें ले रही है. हम इसके पूरी तरह खत्म होने की ओर बढ़ रहे हैं, उन्हीं इलाकों में जहां कभी नक्सलियों की गोलियां चलती थीं, और धरती खून से सनी हुई थी, अब विकास, विश्वास और मिलकर कोशिश करने का तिरंगा ऊंचा लहरा रहा है क्योंकि वह इलाका नक्सलवाद से आजाद है..."
हथियारबंद नक्सलियों को खत्म करके देश को संकट से बाहर निकाला: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, "सालों से, माओवादी सोच वाले लोग देश की सत्ता के गलियारों में अपनी जगह बना चुके थे. इस माओवादी सोच ने सरकारी कमेटियों में सलाहकार के तौर पर अपनी भूमिकाओं के जरिए भी नीतियों पर असर डाला. हम जंगलों में हथियारबंद नक्सलियों को खत्म करने और देश को उस संकट से आजाद कराने में कामयाब रहे हैं. हालांकि, हथियारबंद नक्सली चले गए हैं, लेकिन 'दिमागी नक्सल' अभी भी हैं, और जो लोग इस सोच को पालते हैं, वे मौके का इंतजार कर रहे हैं. वे हिंसा और झगड़े का रास्ता बना रहे हैं. वे समाज को गलत रास्ते पर खींचने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं. हमें इन 'दिमागी नक्सलों' की पहचान करनी होगी. हमें उन्हें अलग-थलग करना होगा और देश के युवाओं को देश को एक विकसित देश बनाने की मुख्यधारा की कोशिशों से जोड़ना होगा."
भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मानित देश बन रहा है: पीएम मोदी
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "... आज, भारत दुनिया के मंच पर एक बहुत ज्यादा माना जाने वाला और सम्मानित देश बन रहा है. भारत के पास एक स्थिर राजनीतिक जनादेश और एक स्थिर सरकार है; यहाँ एक जीवंत लोकतंत्र, एक मज़बूत न्याय व्यवस्था और एक संविधान है जो हम सभी को रास्ता दिखाता है. दुनिया ने हमारी इन ताकतों को पहचानना शुरू कर दिया है. इसलिए, 2014 से, हम लगभग चालीस देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) कर रहे हैं. देखिए कितना बड़ा मौका आया है; ये ट्रेड एग्रीमेंट एक बहुत बड़ा मौका दिखाते हैं. इसलिए, मैं खास तौर पर अपने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) से कहना चाहता हूं कि वे इस मौके को हाथ से न जाने दें. हमें ग्लोबल मार्केट तक पहुंचना होगा. हमें यह पक्का करना होगा कि भारतीय उत्पाद, चाहे टेक्सटाइल हों, मशीनरी हों, या फार्मास्यूटिकल्स—ग्लोबल मार्केट तक पहुंचें. हम यह मौका नहीं छोड़ सकते..."
देश कोविड महामारी, यूक्रेन जंग, पश्चिम एशिया संकट देखा, पीएम मोदी ने बताया इससे हम कैसे लड़े
पीएम मोदी ने कहा, "COVID-19 जैसी ग्लोबल महामारी ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया, और हर जगह सिस्टम गिरने की कगार पर पहुंच गए. हम COVID संकट से निकले ही थे कि हमें युद्ध की भयानक खबरों का सामना करना पड़ा, चाहे वह यूक्रेन में हो या पश्चिम एशिया में, जिससे हर जगह तनाव का माहौल बन गया. कुछ लोगों को देश को डराने, उसे डर और चिंता की हालत में रखने में मजा आता है, यह दावा करते हुए कि वैक्सीन नहीं मिलेंगी, लोग COVID से नहीं बचेंगे, या कुछ भी काम नहीं करेगा. फिर पश्चिम एशिया का संकट आया, जिसमें दुनिया भर में अफवाहें फैल गईं कि पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल, गैस और डीजल खत्म हो जाएगा, और खाद नहीं मिलेगी. कुछ लोगों को लोगों को डराने में मजा आया. भारत की जनता को चिंता में डाल दिया है. फिर भी, देश ने देखा है कि पिछले 10-12 सालों की सोची-समझी योजनाएं कैसे फल दे रही हैं. इतने बड़े संकटों के बावजूद, भारत ने नागरिक देवो भव: के मंत्र से गाइड होकर, तैयारी की थी और रणनीतिक कदम उठाए थे..."
पीएम मोदी ने 'समुद्र मंथन' पहल के बारे में बताया
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा "... कोई देश संसाधन की कमी से शायद ही कभी पीछे रह जाता है. बल्कि, वह अक्सर अपनी सोच की सीमाओं से बंधा होता है. जब सोच रुक जाती है और सीमाओं में बंध जाती है, तो हम अपनी असली क्षमता को पहचानने में नाकाम रहते हैं. आज, देश कच्चे तेल पर निर्भर है.यह स्थिति एक गलत सोच से पैदा हुई है. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इसी सोच की वजह से, हमारे 99 फीसदी समुद्र तट को "नो-गो एरिया" घोषित कर दिया गया था. हमने असल में समुद्र की गहराई में खोज न करने का फैसला किया था. यह सोच की कमी थी. हमने तय किया कि यह जारी नहीं रह सकता. हमने 99 फीसदी, जो इलाके कभी "नो-गो जोन" थे—को "गो-अहेड जोन" के तौर पर खोल दिया है. अब हम गहरे समुद्र में खोज और नए रिजर्व की खोज में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं. पिछले साल, हमने इस दिशा में एक अहम कदम के तौर पर "समुद्र मंथन" पहल की घोषणा की थी, और हाल ही में, हमने इस मकसद के लिए 85,000 करोड़ रुपये देकर काम में तेजी लाने का फैसला किया है..."
2047 तक, हम 100 GW न्यूक्लियर पावर के टारगेट के साथ आगे बढ़ रहे हैं: पीएम मोदी
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "... न्यूक्लियर एनर्जी, एनर्जी सिक्योरिटी का एक बड़ा जरिया है. हमने संसद में 'पीस एक्ट' पास करके एक नए लक्ष्य की ओर रास्ता बनाया है, 2047 तक, हम 100 GW न्यूक्लियर पावर के टारगेट के साथ आगे बढ़ रहे हैं. हमारा लक्ष्य सिर्फ इसी दशक में पांच नए न्यूक्लियर रिएक्टर चालू करना है. इस साल, भारत ने फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में महारत हासिल करके एक अहम मुकाम हासिल किया, जो न्यूक्लियर फ्यूल में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है..."
2047 तक हम भारत को एक विकसित देश में बदल देंगे: पीएम मोदी
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,"हमने भी एक बड़ा सपना देखा है, एक ऐसा सपना जिसे पक्के इरादे और नई ऊंचाइयों को छूने के मकसद के साथ पूरा किया जाए. यह विजन है कि जब तक हम आजादी के 100 साल पूरे करेंगे, 2047 तक हम भारत को एक विकसित देश में बदल देंगे. हमें यह लक्ष्य अपने 1.4 बिलियन नागरिकों की मिलकर कोशिश और मेहनत से हासिल करना होगा. जब दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश डेवलप्ड देश बनने का फैसला करता है, तो यह वैश्विक समूहों की नजर में हमारी हिम्मत का सबूत होता है. दुनिया हमारे प्रति अपना नजरिया बदलने के लिए मजबूर हो जाती है..."
पीएम मोदी ने कहा हमारे संकल्प दृढ़ होने चाहिए
पीएम मोदी ने कहा हमारे संकल्प दृढ़ होने चाहिए. जब संकल्प दृढ़ होता है, तो कठिनाइयों से, आपदाओं के बीच से रास्ते निकालने का सामर्थ्य अपने आप उभरकर सामने आता है. पीएम मोदी ने कहा, "पिछले 12 सालों में रक्षा उत्पादन चार गुना बढ़ा है. खादी और ग्रामोद्योग का प्रोडक्शन पांच गुना बढ़ा है. इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सात गुना बढ़ी है. मोबाइल फोन का प्रोडक्शन 33 प्रतिशत बढ़ा है, और डिजिटल ट्रांजैक्शन 100 प्रतिशत बढ़ा है."
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "एक देश महान बनता है और अपने लक्ष्य तब हासिल करता है जब वह अपने सपनों, अपने इरादे और अपनी अंदरूनी ताकत से आगे बढ़ता है. छोटे सपने अब काफी नहीं होंगे. हमें बड़े सपने देखने चाहिए, क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को बड़ा करते हैं और हमारे नजरिए का दायरा बढ़ाते हैं. हमारा इरादा पक्का होना चाहिए. जब हमारा इरादा पक्का होता है, तो मुश्किलों और मुसीबतों के बीच भी आगे बढ़ने की ताकत अपने आप आ जाती है..."
स्वतंत्रता दिवस पर अपना भाषण देते हुए पीएम मोदी ने कहा, "आज भारत का एक बड़ा सपना है कि 2047 तक वह एक विकसित देश बन जाए. जब दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश विकसित देश बनने का संकल्प लेता है, तो यह हमारी हिम्मत का परिचय बन जाता है, और दुनिया हमें एक अलग नजरिए से देखने पर मजबूर हो जाती है."
लाल किले से पीएम मोदी का संबोधन
स्वतंत्रता दिवस पर अपना भाषण देते हुए पीएम मोदी ने कहा, "पिछले कुछ दिनों में देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ आई है, जिससे बहुत से लोग प्रभावित हुए हैं. मैं प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाता हूं कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है." लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज इस समारोह में मौजूद सभी लोगों के लिए यह एक ऐतिहासिक पल भी है. आज़ादी के बाद पहली बार 15 अगस्त को लाल किले पर 'वंदे मातरम' गूंज रहा है."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया.कैप्टन सोनिया सिंह चौहान राष्ट्रीय ध्वज फहराने में PM की मदद कर रही हैं.
‘वंदे मातरम के 150 साल’ और ‘विकसित भारत के लिए युवा शक्ति@2047’ का जश्न
अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए दर्शक 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखने के लिए लाल किले पर इकट्ठा हुए हैं, जिसमें ‘वंदे मातरम के 150 साल’ और ‘विकसित भारत के लिए युवा शक्ति@2047’ का जश्न मनाया जा रहा है.
लाल किले पर पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए लाल किले पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पहुंचे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की अगुवाई करने के लिए लाल किले पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया. रक्षा सचिव ने दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GoC), लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी का प्रधानमंत्री से परिचय कराया.
देश मना रहा 80वां स्वतंत्रता दिवस-LIVE
देश मना रहा 80वां स्वतंत्रता दिवस-LIVE
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की. बता दें कि, 15 अगस्त का मुख्य समारोह नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर पर आयोजित किया जा रहा है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित करेंगे.
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की ताकत के बल पर देश विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की नयी ऊंचाइयां छू रहा है. मोदी ने उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि भी दी जिनके साहस, बलिदान और अटूट प्रतिबद्धता के कारण औपनिवेशिक शासन का अंत हुआ.
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक ‘पोस्ट’ में कहा, ‘‘स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं. हम उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को कृतज्ञतापूर्वक याद करते हैं जिनके साहस, बलिदान और अटूट प्रतिबद्धता के कारण औपनिवेशिक शासन का अंत हुआ.’’ उन्होंने कहा कि देशवासी ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और ऐसे में स्वतंत्रता सेनानियों के सपने सभी को प्रेरित करते रहेंगे. मोदी ने कहा, ‘‘140 करोड़ भारतीयों की ताकत के बल पर हमारा देश विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की नयी ऊंचाइयां छू रहा है. आने वाले समय में यह यात्रा और भी तेज गति से आगे बढ़ती रहे.’’ उन्होंने ‘‘सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की असीम शुभकामनाएं’’ देते हुए कहा, ‘‘यह राष्ट्रीय पर्व हमें देश के वीर सेनानियों के अद्भुत साहस, अथक संघर्ष और मातृभूमि के प्रति अतुलनीय समर्पण का स्मरण कराता है.’’

