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वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ रांची और गिरिडीह में वामदलों का प्रदर्शन, मोदी सरकार के स्टैंड पर उठे सवाल

वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ वामदलों ने रांची और गिरिडीह में विरोध प्रदर्शन किया.

Protest against America in CPI
सीपीआई में अमेरिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (Etv bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : January 5, 2026 at 8:23 PM IST

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रांची/गिरिडीह: वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई और राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार करने के विरोध में सोमवार को वामदलों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया. परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक पर सीपीआई, सीपीएम, सीपीआई माले समेत कई सामाजिक संगठन से जुड़े लोगों ने मादुरो की रिहाई, वेनेजुएला की संप्रभुता बनाये रखने और अमेरिकी साम्राज्यवाद के विरोध के पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया.

वामदलों के नेताओं ने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई को लेकर अब तक भारत के स्टैंड की भर्त्सना करते हुए कहा कि पहले विश्व पटल पर भारत अपना स्टैंड बेहद मजबूती से रखता था लेकिन अब भारत के विदेश विभाग का जो बयान आया है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है.

अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ वामदलों का प्रदर्शन (Etv bharat)

वेनेजुएला पर कार्रवाई डोनाल्ड ट्रंप की गुंडागर्दी: सीपीएम

सीपीएम के झारखंड राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने कहा कि जिस तरह से आधी रात को अमेरिकी कार्रवाई हुई है, उससे साफ है कि अमेरिका ने ना केवल लोकतंत्र की हत्या की है बल्कि यूएन चार्टर की भी अवहेलना की है. प्रकाश विप्लव ने कहा कि आज अमेरिका, यूरोप और अन्य जगहों पर लोकतंत्र को चाहने वाले लोग अमेरिकी कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं.

अमेरिका ही इस तरह कर सकता है कार्रवाई: नंदिता

वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी की तीव्र भर्त्सना करते हुए सीपीआई एवं ऐपवा नेता नंदिता ने कहा कि इस तरह से रात के अंधेरे में कार्रवाई अमेरिका ही कर सकता है. उन्होंने अमेरिका की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि वामदल, डोनाल्ड ट्रंप की कार्रवाई के विरोध में अपनी आवाज बुलंद करेगा. ऐपवा नेता ने कहा कि आर्थिक अस्थिरता की स्थिति से जूझ रहा अमेरिका, स्वतंत्र देशों के निर्वाचित राष्ट्रपति पर हमला बोलता है, जिसका विरोध होगा.

मादुरो या ट्रंप किसके साथ है मोदी सरकार?

सीपीआई नेता अजय सिंह ने कहा केंद्र में मोदी सरकार को यह बताना होगा कि वह वेनेजुएला के निर्वाचित राष्ट्रपति मादुरो के साथ है या फिर अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के साथ. उन्होंने कहा कि भारत सरकार को अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए.

इधर, वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के विरोध में भाकपा माले ने गिरिडीह में बैठक की और उसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन किया. कार्यक्रम से पहले प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया. जिसे पार्टी के वरिष्ठ नेता सह पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने संबोधित किया. जबकि मौके पर माले नेता पूरन महतो और राजेश सिन्हा भी मौजूद थे.

अमेरिकी दादागिरी के खिलाफ प्रदर्शन (Etv bharat)

मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन: राजकुमार यादव

पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति एवं उनकी पत्नी की आंख पर पट्टी बांधकर अमेरिका लाया जाना मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है. अमेरिका, वहां के तेल भंडारों पर कब्जा जमाने की नीयत से दादागिरी कर रहा है. वेनेजुएला के निर्वाचित राष्ट्रपति अपने देश को बेहतर ढंग से चला रहे थे लेकिन यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका, सैन्य ताकत के बल पर तहस नहस करने का काम कर रहा है.

वहीं भाकपा माले की केंद्रीय कमेटी ने निर्णय लिया है कि पूरे देश में अमेरिकी साम्राज्यवाद की दादागिरी के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा. मनरेगा का नाम बदलने के साथ मजदूरों के रोजगार की गारंटी भी छीन ली गई है. केंद्र सरकार मजदूरी बढ़ाने का काम न करके अपनी मनमानी कर रही है.

अमेरिकी दादागिरी का विरोध जरूरी

जिला कमेटी के सचिव अशोक पासवान ने बताया कि अमेरिका की दादागिरी नहीं चलने देंगे. पूरन महतो ने कहा कि माले, नाजायज बातों का विरोध करता है. इधर राजेश सिन्हा ने कहा कि ट्रंप बार-बार दुनिया पर तानाशाही करते हैं, जगह जगह इसका विरोध होना चाहिए.

पूर्व विधायक से मिले दुकानदार

नगर निगम के 45 दुकानदारों ने पूर्व विधायक से मुलाकात की. दुकानदारों ने बताया कि गलत तरीके से नगर निगम, उनकी दुकानों को पूरी तरह से तोड़ने पर अड़ा है और कोई सुनवाई नहीं हो रही है. इस दौरान राजेश सिन्हा ने बताया कि सीएमआर फैक्ट्री से जिन श्रमिकों को हटा दिया गया है, उन सभी को भाकपा माले की पहल से रख लिया गया है.

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