दो हफ्ते बाद भी मिसिंग है MBA छात्रा बबीता पांडे, क्या सच में खतरनाक है उत्तराखंड का दयारा बुग्याल ट्रेक?
नैनीताल जिले के रामनगर की बबीता पांडे 29 मई को लापता हुई थी, लोग सोशल मीडिया पर दयारा बुग्याल के बारे में जानना चाहते हैं

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : June 10, 2026 at 10:01 AM IST
|Updated : June 10, 2026 at 10:30 AM IST
देहरादून: दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता हुई बबीता पांडे का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. दो सप्ताह बीतने को हैं और खोज अभियान जारी है. एसडीआरएफ, पुलिस, स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की टीमें जंगलों, घाटियों, तालाबों और ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में बबीता को तलाश कर रही हैं. अब हेलीकॉप्टर की मदद से भी क्षेत्र की निगरानी की जा रही है. इस बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर दयारा बुग्याल ऐसा कैसा ट्रेक है, जहां से कोई व्यक्ति इस तरह गायब हो सकता है. ये सवाल भी लोग आज सोशल मीडिया पर पूछ रहे हैं, जिसका जवाब हमने खोजने की कोशिश की.
क्या है दयारा बुग्याल जिसे उत्तराखंड का स्वर्ग कहा जाता है? समुद्र तल से करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित दयारा बुग्याल उत्तराखंड के सबसे प्रसिद्ध अल्पाइन घास के मैदानों में गिना जाता है. सर्दियों में बर्फ की सफेद चादर और गर्मियों में दूर-दूर तक फैले हरे घास के मैदान इसे देश-विदेश के पर्यटकों के बीच लोकप्रिय बनाते हैं. यहां से बंदरपूंछ, श्रीकंठ, द्रौपदी का डांडा और गंगोत्री पर्वतमाला के शानदार दृश्य दिखाई देते हैं. यही वजह है कि हर साल हजारों ट्रेकर इस क्षेत्र का रुख करते हैं.
घास के एक मैदान की बनावट पैदा करती है भ्रम: पहली नजर में दयारा बुग्याल किसी खुले मैदान जैसा दिखाई देता है. लेकिन अनुभवी पर्वतारोहियों के अनुसार इसकी भौगोलिक बनावट कई बार भ्रम पैदा कर सकती है. मौसम अचानक बदल जाना और फिर घना कोहरा छा जाना, जंगलों के भीतर कई अनौपचारिक पगडंडियों का होना और विशाल घास के मैदानों में दिशा भ्रमित हो जाना आम बात है. यदि कोई व्यक्ति मुख्य ट्रेक रूट से कुछ दूर भी भटक जाए, तो उसे वापस सही रास्ते तक पहुंचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है.
दयारा ट्रेक खोज एवं बचाव अभियान:
— Uttarkashi Police Uttarakhand (@UttarkashiPol) June 9, 2026
आज पुलिस, NDRF, SDRF, ITBP, वन विभाग, NIM, आपदा प्रबंधन की QRT, स्वान दल, SOG, स्थानीय ग्रामीण एवं अनुभवी गाइडों की संयुक्त टीम के 120 से अधिक सदस्यों द्वारा व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। 3 ड्रोन टीमों को भी तलाशी अभियान में लगाया गया है। pic.twitter.com/4iuoxNE5JZ
पर्वतारोहियों की राय हर ट्रेक पर अनुभव और सावधानी दोनों जरूरी: हाल में इसी दयारा बुग्याल से लौट कर आए चिराग का कहना है कि-
दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता महिला ट्रेकर की तलाश हेतु सर्च एवं बचाव अभियान के साथ प्रकरण की जांच निरंतर जारी है। https://t.co/VUa9KCAbcn pic.twitter.com/XNnWLySdX7
— Uttarkashi Police Uttarakhand (@UttarkashiPol) June 8, 2026
दयारा बुग्याल तकनीकी रूप से उत्तराखंड के सबसे कठिन ट्रेकों में शामिल नहीं है, लेकिन इसे पूरी तरह आसान भी नहीं माना जा सकता है. खासकर ऐसे लोगों के लिए जो पहली बार पहाड़ों में ट्रेकिंग कर रहे हों. कई स्थानों पर गहरी ढलानें, घने जंगल और दूर-दूर तक फैला निर्जन क्षेत्र मौजूद है. ऐसे में यदि कोई व्यक्ति समूह से अलग हो जाए, तो उसकी तलाश करना बेहद मुश्किल हो जाता है. -चिराग, दयारा बुग्याल से ट्रेकिंग कर लौटे ट्रेकर-
ये बात सही है कि ये ट्रेक बहुत खूबसूरत और सुरक्षित है. मतलब किसी तरह का कोई अन्य कोई खतरा नहीं है. अब पहाड़, पानी और आग में अगर आप सावधानी नहीं रखेंगे, तो हर चीज आपको नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए हमें खुद ही सावधान रहना चाहिए. ये सुरक्षित और खूबसूरत है. इसीलिए इस ट्रेक पर हर साल हजारों लोग आते हैं.
-चिराग, दयारा बुग्याल से ट्रेकिंग कर लौटे ट्रेकर-
दो हफ्ते बाद भी नहीं मिला कोई सुराग: बबीता के खो जाने के बाद लगातार इस ट्रेक की चर्चा हो रही है. उधर बबीता पांडे के लापता होने के बाद प्रशासन ने व्यापक खोज अभियान शुरू किया है. एसडीआरएफ की टीमें लगातार क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं. खोज अभियान अब जंगलों और ट्रेकिंग मार्गों से आगे बढ़कर उन जल स्रोतों तक भी पहुंच चुका है, जहां किसी दुर्घटना की आशंका हो सकती है. इसके बावजूद अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है, जिससे रहस्य और गहराता जा रहा है.
दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता महिला ट्रेकर की तलाश हेतु सर्च एवं बचाव अभियान के साथ प्रकरण की जांच निरंतर जारी है। https://t.co/VUa9KCAbcn pic.twitter.com/XNnWLySdX7
— Uttarkashi Police Uttarakhand (@UttarkashiPol) June 8, 2026
एसडीआरएफ कमांडेंट अर्पण यदुवंशी के अनुसार-
खोज अभियान हर संभव स्तर पर जारी है. टीमें लगातार विभिन्न दिशाओं में सर्च कर रही हैं. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौजूद तालाबों नदी-नालों और जल स्रोतों की भी जांच की जा रही है. गोताखोरों को भी उतारा गया है, जो पानी के भीतर जाकर तलाश कर रहे हैं. हालांकि अब तक किसी प्रकार का सुराग नहीं मिला है.
-अर्पण यदुवंशी, एसडीआरएफ कमांडेंट-
गांव में चर्चा और अटकलों का दौर: बबीता के लापता होने के मामले ने स्थानीय स्तर पर भी कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया है. इस क्षेत्र के पूर्व प्रधान महेंद्र पोखरियाल का कहते हैं कि-
दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता महिला ट्रेकर की तलाश हेतु सर्च एवं बचाव अभियान के साथ प्रकरण की जांच निरंतर जारी है। https://t.co/VUa9KCAbcn pic.twitter.com/XNnWLySdX7
— Uttarkashi Police Uttarakhand (@UttarkashiPol) June 8, 2026
कुछ लोग हत्या कर शव को दफनाने जैसी आशंकाएं जता रहे हैं, लेकिन ऐसा करना आसान नहीं है. इसके लिए खुदाई और अन्य उपकरणों की आवश्यकता होती है. यदि बबीता कहीं गई है, तो वह अपने पैरों पर चलकर गई है. आज के समय में कई संभावनाएं हो सकती हैं, लेकिन जब तक वह नहीं मिल जाती, तब तक उन्हें जीवित मानकर ही खोज जारी रखनी चाहिए.
-महेंद्र पोखरियाल, पूर्व प्रधान-
ट्रेकिंग एजेंसी की लापरवाही आई सामने: इस मामले में जांच के दौरान ट्रेकिंग और कैंपिंग एजेंसी की लापरवाही भी सामने आई है. उत्तरकाशी के जिला पर्यटन अधिकारी के अनुसार एजेंसी ने ट्रेक पर गए लोगों का पंजीकरण सही तरीके से नहीं किया था. कुछ नामों में भी अनियमितताएं पाई गई हैं. इसे गंभीर चूक मानते हुए संबंधित एजेंसी का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है. विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई भी की जा रही है.
Aerial survey and intensive search operation are being conducted via helicopter across the Dayara Bugyal trek route and the entire surrounding area to locate a missing female trecker.#RescueUpdate #DayaraTrek #SDRF #NDRF #UttarakhandPolice pic.twitter.com/zm7WAu6jgT
— Uttarkashi Police Uttarakhand (@UttarkashiPol) June 7, 2026
सीसीटीवी, कॉल डिटेल और हर पहलू की जांच: उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है. टीम क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है. पुलिस किसी एक संभावना तक सीमित नहीं है और हर कोण से मामले की पड़ताल की जा रही है.
दयारा बुग्याल ट्रेक क्षेत्र से लापता महिला की तलाश हेतु पुलिस एवं विभिन्न रेस्क्यू एजेंसियों द्वारा व्यापक स्तर पर खोज एवं बचाव अभियान लगातार जारी है,युकाडा से हेलीकॉप्टर के माध्यम से दयारा ट्रेक के सम्पूर्ण क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण एवं गहन सर्च अभियान संचालित किया जा रहा है pic.twitter.com/YGmGOqBTrM
— Uttarkashi Police Uttarakhand (@UttarkashiPol) June 7, 2026
सवाल अब भी वही आखिर कहां गई बबीता? दो सप्ताह बीतने के बाद बबीता पांडे का कोई पता नहीं चल सका है. दयारा बुग्याल की खूबसूरती के पीछे छिपी भौगोलिक चुनौतियां ट्रेकिंग एजेंसी की कथित लापरवाही और अब तक न मिलने वाला कोई सुराग इस मामले को और रहस्यमय बना रहा है. हेलीकॉप्टर से लेकर गोताखोरों तक हर संसाधन लगाया जा चुका है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी अनुत्तरित है कि आखिर बबीता पांडे कहां है?
दयारा खोज एवं बचाव अभियान अपडेट:
— Uttarkashi Police Uttarakhand (@UttarkashiPol) June 7, 2026
आज युकाडा से हेलीकॉप्टर के माध्यम से दयारा ट्रेक एवं आसपास के सम्पूर्ण क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण एवं गहन सर्च अभियान संचालित किया जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित स्थान की बारीकी से जांच की जा सके । pic.twitter.com/iWXQKvggF8
उत्तरकाशी में है दयारा बुग्याल: विश्व प्रसिद्ध दयारा बुग्याल उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित है. ये एक बेहद खूबसूरत और प्रसिद्ध अल्पाइन घास का मैदान है. स्थानीय भाषा में इसे बुग्याल कहते हैं.
Please help find the missing person if you have seen this face, try to tell them.
— Uttarkashi Police Uttarakhand (@UttarkashiPol) June 1, 2026
SP Office Uttarkashi- 01374-222116
SHO Maneri- 9411112863
IO- 8193990347
Family Members- 7465949032 pic.twitter.com/vLDNXw4WXI
ये भी पढ़ें:
- दयारा बुग्याल लापता बबीता पांडे मामला, सर्च ऑपरेशन में लगे हेलीकॉप्टर, जानिये क्या निकला
- 12 हजार फीट की ऊंचाई पर गुम हुई बबीता पांडे, एक हफ्ते बाद भी हाथ खाली, आखिर कहां हुई गायब?
- उत्तराखंड के दयारा बुग्याल ट्रेक से महिला ट्रेकर लापता, सर्च ऑपरेशन जारी
- दयारा बुग्याल से महिला ट्रेकर लापता, ड्रोन और स्निफर डॉग्स से सर्च ऑपरेशन शुरू

