सबरीमला मंदिर, एशिया का सबसे बड़ा नि:शुल्क भोजनालय, पवित्र भोजन से तृप्त हो रहे भक्त
केरल के सबरीमला मंदिर में प्रतिदिन 10 हजार भक्त भोजन करते हैं. इस साल मंदिर खुलने के बाद से लाख से अधिक भक्तों भोजन किया.

Published : November 23, 2025 at 11:33 AM IST
|Updated : November 23, 2025 at 1:53 PM IST
पथानामथिट्टा: देवस्वोम बोर्ड की 'अन्नदानम' (मुफ्त भोजन) सुविधा सबरीमाला सन्निधानम में आने वाले अयप्पा भक्तों के लिए एक बड़ी राहत है. भक्त अन्नदानम मंडपम (डाइनिंग हॉल) से पेट और मन दोनों को संतुष्ट करने वाला भोजन करने के बाद अपनी खुशी शेयर करते हुए निकलते हैं. रोजाना दस हजार से अधिक लोग अन्नदानम में भोजन करते हैं. इस साल मंदिर खुलने के बाद से शनिवार तक यहां खाना खाने वालों की संख्या एक लाख को पार कर गई है. यह एशिया के सबसे बड़े अन्नदानम मंडपम में से एक है.
अन्नदानम कार्यक्रम
खाना दिन में तीन बार दिया जाता है:
सुबह (6:00 AM से 11:00 AM): उपमा, कडाला करी, सुक्कू कॉफी और गर्म और ठंडा पानी दिया जाता है.
लंच (12:00 PM से 3:30 PM): पुलाव, दाल करी, और अचार दिया जाता है.

डिनर (6:45 PM से मंदिर बंद होने तक): कांजी (चावल का दलिया) और पुझुक्कू (एक साइड डिश जिसे अस्त्रम कहते हैं) दिया जाता है.
मंदिर खुलने पर हर दिन भक्तों को भोजन की व्यवस्था की जाती है. मकरविलक्कू सीजन के लिए खास इंतजाम किए जाएंगे. अन्नदानम के इंचार्ज स्पेशल ऑफिसर सुनील कुमार ने बहुत खुशी जताई कि भक्तों की ज़्यादा संख्या के बावजूद वे बिना किसी शिकायत के साफ-सफाई से खाना परोस पा रहे हैं. खाना पकाने, परोसने और सफाई के लिए 235 स्टाफ मेंबर रखे गए हैं.
भक्त जो प्लेटें और गिलास इस्तेमाल करते हैं, उन्हें पहले वे धोते हैं और फिर डिशवॉशर में गर्म पानी से दोबारा साफ करते हैं. हॉल में एक बार में लगभग एक हजार लोग खाना खा सकते हैं. भीड़ बढ़ने पर और लोगों के लिए इंतजाम किए जाते हैं. सबरीमाला अन्नदानम मंडपम एशिया के सबसे बड़े मंडपों में से एक है, जो मलिकप्पुरम मंदिर के पीछे है.
सुरक्षा के लिए RAF तैनात
पिछले सालों की तरह सबरीमाला में सुरक्षा सुनिश्चत करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की एक टुकड़ी तैनात की गई है. कोल्लम से डिप्टी कमांडर बिजुराम की लीडरशिप में 140 लोगों की एक टीम ने शनिवार को सन्निधानम में चार्ज संभाला. यह टीम सीआरपीएफ के कोयंबटूर बेस कैंप से है. उनकी सर्विस अभी सन्निधानम और मरक्कूट्टम में उपलब्ध हैं.
वे तीन शिफ्ट में काम करते हैं. हर शिफ्ट में 32 लोग होते हैं. इसके अलावा इमरजेंसी से निपटने के लिए 10 लोगों की एक क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) 24 घंटे तैयार रहेगी. यह टीम मंडला-मकरविलक्कू सीजन खत्म होने तक सबरीमाला में रहेगी.
तीर्थयात्रा अपडेट
16 नवंबर को मंडला-मकरविलक्कू तीर्थयात्रा के लिए सबरीमाला मंदिर खुलने के बाद से लगभग पांच लाख तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं. 21 नवंबर को शाम 7 बजे तक, 4,94,151 तीर्थयात्री मंदिर जा चुके थे. अकेले 21 नवंबर को शाम 7 बजे तक 72,037 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए. हाईकोर्ट ने कहा कि देवास्वोम बोर्ड हालात के हिसाब से यह तय कर सकता है कि स्पॉट बुकिंग लिमिट में कितने लोगों को छूट दी जानी चाहिए.
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड और सबरीमाला में पुलिस चीफ कोऑर्डिनेटर मौजूदा हालात के आधार पर स्पॉट बुकिंग की संख्या तय कर सकते हैं. निर्देश यह है कि किसी भी समय भीड़ को ध्यान में रखकर स्पॉट बुकिंग की संख्या तय की जाए.
कोर्ट ने हाल ही में आदेश दिया था कि स्पॉट बुकिंग 5,000 तक सीमित की जाए. इसी फैसले में हाईकोर्ट देवस्वोम बेंच ने निर्देश दिया था कि देवस्वोम एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और सन्निधानम के इंचार्ज एडीजीपी हालात के आधार पर जरूरी फैसले ले सकते हैं. स्पॉट बुकिंग की सुविधा निलक्कल में उपलब्ध है. रोजाना स्पॉट बुकिंग को 5,000 तक सीमित करने से पहले सबरीमला में भीड़ कम हो गई थी.

