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चारधाम यात्रा रूट जल्द होगा चकाचक, 119 स्लोप का चल रहा ट्रीटमेंट, जानिए अभी की स्थिति?

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा से पहले सड़कें की जा रही दुरुस्त, लैंडस्लाइड जोन के साथ ही स्लोप ट्रीटमेंट का हो रहा युद्धस्तर पर काम

Char Dham Route Slope Treatment
चारधाम यात्रा रूट का चल रहा ट्रीटमेंट (फोटो- ETV Bharat GFX)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 27, 2026 at 7:12 PM IST

6 Min Read
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धीरज सजवाण

देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 अब नजदीक आ रही है. ऐसे में सड़कों को दुरुस्त करने का काम जारी है. जिसके तहत चारधाम यात्रा रूट पर 207 भूस्खलन जोन के साथ ही स्लोप ट्रीटमेंट का काम किया जा रहा है. जिसमें से 88 स्लोप ट्रीटमेंट का काम पूरा हो चुका है. जबकि, 119 स्लोप पर काम जारी है. जल्द ही चारधाम यात्रा मार्ग को चकाचक कर लिया जाएगा.

चारधाम यात्रा से पहले नेशनल हाईवे किए जा रहे दुरुस्त: उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग में एनएच के चीफ इंजीनियर मुकेश परमार का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग चारधाम यात्रा को जोड़ते हैं. ऐसे में चारधाम यात्रा विभाग के लिए एक प्राथमिक लक्ष्य होता है. उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों की भूमिका सबसे अहम होती है.

चारधाम यात्रा रूट जल्द होगा चकाचक (वीडियो- ETV Bharat)

ऐसे में चारों धाम को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की व्यवस्थाओं को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा से लेकर उत्तराखंड में शासन स्तर पर कई महत्वपूर्ण बैठकें की जा चुकी हैं. बीती 18 और 19 फरवरी को भी शासन स्तर के अफसरों ने लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग के अधिकारियों के साथ मिलकर निरीक्षण किया था.

Char Dham Route Slope Treatment
पिछले साल मानसून में गंगोत्री हाईवे पर गिरे बोल्डर (फाइल फोटो- ETV Bharat)

इसके तहत अधिकारियों ने ऋषिकेश-बदरीनाथ नेशनल हाईवे (NH 7) का ऋषिकेश से लेकर रुद्रप्रयाग, सोनप्रयाग, गौरीकुंड और फिर चमोली होते हुए बदरीनाथ तक का धरातलीय निरीक्षण किया था. उसके बाद बदरीनाथ से वापस आकर गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे का भी निरीक्षण किया गया.

Char Dham Route Slope Treatment
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (फोटो- ETV Bharat)

चारधाम रूट लैंडस्लाइड जोन पर स्लोप ट्रीटमेंट का काम जारी: एनएच विंग के चीफ इंजीनियर मुकेश परमार बताते हैं कि चारों धामों में से सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाले केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के रूट के सभी लैंडस्लाइड जोन पर स्लोप ट्रीटमेंट के सभी काम भारत सरकार की ओर से स्वीकृत कर दिए गए हैं.

LANDSLIDE ZONE IN CHAR DHAM ROUTE
हिमालयी राज्यों में लैंडस्लाइड जोन (फोटो- ETV Bharat GFX)

वहीं, इनमें से काफी काम पूरे हो गए हैं और बाकियों पर काम चल रहा है. उन्होंने बताया कि चारधाम रूट पर स्लोप ट्रीटमेंट में मुख्यतौर पर बड़े लैंडस्लाइड सिरोबगढ़, बछेलीखाल, चमधार इन पर नया काम शुरू कर दिया गया है. जहां युद्धस्तर पर ट्रीटमेंट का काम किया जा रहा है.

Landslide Zone in Char Dham Route
भूस्खलन जोन के स्लोप का ट्रीटमेंट (फाइल फोटो- ETV Bharat)

बता दें कि बछेलीखाल में पिछले मानसून सीजन में सबसे ज्यादा चुनौतियां देखने को मिली थी. जहां बछेलीखाल चमधार में काफी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया था. जिससे वाहनों के पहिए थम गए थे. ऐसे में लोगों को जाम से भी दो चार होना पड़ा था. हालांकि, बाद में मलबा हटाकर यातायात सुचारू कर दिया गया था.

LANDSLIDE ZONE IN CHAR DHAM ROUTE
चार तरह के होते हैं भूस्खलन (फोटो- ETV Bharat GFX)

इस तरह से अगर देखा जाए तो सड़क पर पड़े हुए मलबे की वजह से काफी दिक्कतें आ रही थी. ऐसे में अब चारधाम के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सभी जगहों से सड़क से मलबा हटा दिया गया है. कई जगहों पर मलबे की वजह से सड़क संकरी हो गई थी, उन सभी जगहों पर मलबा हटने के बाद अब सड़क को पूरी चौड़ाई मिल चुकी है.

चारधाम यात्रा रूट पर स्लोप ट्रीटमेंट की स्थिति-

  • चारधाम यात्रा रूट पर कुल 343 लैंडस्लाइड जोन चिह्नित किए गए हैं.
  • भारत सरकार की ओर से 207 स्लोप ट्रीटमेंट के लिए स्वीकृत किए गए हैं.
  • चारधाम यात्रा रूट पर 119 स्लोप का ट्रीटमेंट गतिमान है.
  • चारधाम यात्रा रूट पर 88 स्लोप का ट्रीटमेंट हो चुका है.

ऋषिकेश-बदरीनाथ नेशनल हाईवे (NH 7) पर इन जगहों पर चल रहा काम-

  • शिवपुरी से कोड़ियाला तक 12 जगहों पर चल रहा स्लोप ट्रीटमेंट का काम
  • कोड़ियाला से देवप्रयाग तक 10 जगहों पर चल रहा स्लोप ट्रीटमेंट का काम
  • चमधार से रुद्रप्रयाग तक 8 जगहों पर चल रहा स्लोप ट्रीटमेंट का काम
  • शिवपुरी से चमधार तक 15 जगहों पर चल रहा स्लोप ट्रीटमेंट का काम

धरासू-यमुनोत्री नेशनल हाईवे (NH 134) पर इन जगहों पर चल रहा काम-

  • धरासू से यमुनोत्री हाईवे पर 9 में से 7 जगहों पर स्लोप ट्रीटमेंट का पूरा हो चुका है. जबकि, 3 जगहों पर गतिमान है.
  • पालीगाड़ से जानकी चट्टी तक सड़क का चौड़ीकरण और सुधारीकरण का काम गतिमान है.

रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड नेशनल हाईवे (NH 107) पर इन जगहों पर चल रहा काम-

  • रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक 21 जगहों पर स्लोप ट्रीटमेंट प्रस्तावित हैं. जिसमे से 10 पर काम पूरा हो चुका है और 11 स्लोप पर काम चल रहा है.

वैकल्पिक मार्गों को भी किया जा रहा दुरुस्त: इसके अलावा चारधाम यात्रा रूट के वैकल्पिक मार्गों को भी दुरुस्त किया जा रहा है. इसके अलावा चारधाम यात्रा रूट पर पड़ने वाले सभी नेशनल हाईवे पर लोक निर्माण विभाग की नेशनल हाईवे (एनएच) विंग की ओर से 68 मशीन तैनाती की गई है.

Char Dham Route Slope Treatment
सड़क चौड़ीकरण में जुटी जेसीबी मशीन (फाइल फोटो- ETV Bharat)

स्लोप ट्रीटमेंट वाली जगहों पर सड़क सर्फेस भी जल्द होगी स्मूथ: चारधाम यात्रा रूट पर जहां एक तरफ सड़क के ऊपर से आने वाली मुसीबत यानी लैंडस्लाइड पर तेज गति से ट्रीटमेंट का काम चल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सड़क की सर्फेस को यात्रा के लिए स्मूथ बनाए रखने को लेकर भी लगातार काम चल रहा है.

हालांकि, जिन जगहों पर लैंडस्लाइड हुआ था या जहां पर स्लोप ट्रीटमेंट का काम चल रहा है, वहां पर सड़क के सर्फेस को लेकर थोड़ी चुनौतियां देखने को जरूर मिल रही है. उत्तराखंड लोनिवि में एनएच चीफ इंजीनियर मुकेश परमार बताते हैं कि चारधाम ऑल वेदर रोड़ का काम काफी सालों से चल रहा है.

Char Dham Route Slope Treatment
सड़क को दुरुस्त करने का काम (फाइल फोटो- ETV Bharat)

जो सड़क शुरुआती चरण में बन कर तैयार हो गई थी, लेकिन पिछले साल मानसून में काफी ज्यादा बरसात हुई. जिससे काफी मात्रा में इन सड़कों पर पानी या मलबा आ गया था. हालांकि, इन सड़कों को साफ करवा दिया गया है, लेकिन इन पर दोबारा से ब्लैक टॉप यानी डामरीकरण की कमी जरूर है.

Char Dham Route Slope Treatment
धरासू बैंड पर लैंडस्लाइड (फाइल फोटो- ETV Bharat)

इसके अलावा स्लोप ट्रीटमेंट का काम जिन लोकेशन हुए हैं, वहां पर सड़क की सर्फेस को काफी नुकसान हुआ है, जो कि एजेंसी के लिए बड़ी चुनौती है और जल्द इसे सही किया जाएगा. उन्हें फिर से दुरुस्त कर आवाजाही के लिए तैयार कर लिया जाएगा.

Char Dham Route Slope Treatment
मलबा हटाती जेसीबी मशीन (फाइल फोटो- ETV Bharat)

पूरे यात्रा रूट पर नेशनल हाईवे की सड़क सर्फेस की सुधार को लेकर डीपीआर यानी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) भारत सरकार को भेजी जा चुकी है. सैद्धांतिक स्वीकृति भी आ चुकी है और जल्द ही इसके टेंडर जारी कर ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग तक सड़क की सर्फेस को चकाचक कर दिया जाएगा.

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