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केरल की तर्ज पर अब कोलकाता में भी शुरू होगी 'वाटर मेट्रो' सेवा, सीएम शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान

पश्चिम बंगाल सरकार, केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय और राष्ट्रीय जलमार्ग निदेशालय के बीच हुई बैठक में कई अभूतपूर्व फैसले लिए गए.

Kolkata Water Metro service
केंद्रीय पोर्ट्स, शिपिंग और वाटरवेज मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार, 04 जून, 2026 को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से मुलाकात की. केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर भी मौजूद थे. (IANS/X/@SuvenduWB)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : June 4, 2026 at 6:55 PM IST

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कोलकाताः केरल की तर्ज पर कोलकाता में भी 'वाटर मेट्रो' सेवा शुरू होने जा रही है. इसके साथ ही, 'सिटी ऑफ जॉय' (कोलकाता) जल-आधारित मेट्रो सेवा की पेशकश करने वाले आधुनिक महानगरीय क्षेत्रों के नक्शे में शामिल होने वाला देश का 18वां शहर बनने के लिए तैयार है. गुरुवार को नबन्ना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जल परिवहन और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास को लेकर कई अभूतपूर्व योजनाओं की घोषणा की.

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को राज्य सरकार, केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय और राष्ट्रीय जलमार्ग निदेशालय के बीच बुलाई गई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान कई अभूतपूर्व फैसले लिए गए. आज की बैठक में केंद्रीय जहाजरानी राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर, जहाजरानी विभाग के शीर्ष अधिकारी और कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के चेयरमैन मौजूद थे.

Kolkata Water Metro service
केंद्रीय पोर्ट्स, शिपिंग और वाटरवेज मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार, 04 जून, 2026 को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की. (IANS/X/@SuvenduWB)

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पिछली सरकार के सागरमाला परियोजना में शामिल न होने के फैसले से पैदा हुआ मलाल अब दूर हो गया है. राज्य सरकार हाल ही में सकारात्मक और सक्रिय दृष्टिकोण के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वीकृत 'सागरमाला 2' परियोजना में शामिल हो गई है. लगभग 22,700 करोड़ रुपये की इस मेगा-परियोजना के लिए अगले पांच वर्षों का एक व्यापक ब्लूप्रिंट तैयार किया जाना तय है.

इस पहल के तहत, बंदरगाहों की कनेक्टिविटी बढ़ाने, तटीय नौवहन को बढ़ावा देने, तटीय मछुआरा समुदायों के लिए बुनियादी ढांचा विकसित करने और समुद्र व नदियों के किनारे स्थित क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे.

उन्होंने आगे घोषणा की कि कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट और जहाजरानी विभाग हुगली नदी के नीचे बनने वाली प्रस्तावित अंडरग्राउंड टनल (भूमिगत सुरंग) के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) देने पर सहमत हो गए हैं. यह एक ऐसी परियोजना है जिसका उद्देश्य जल परिवहन प्रणाली को और अधिक सुचारू बनाना है. राज्य के विभिन्न हिस्सों में 44 नए जेटी (घाटों) के निर्माण का काम जल्द ही शुरू होने वाला है.

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को राज्य के पर्यटन और आध्यात्मिक विरासत को संजोने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण उपायों की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि गंगासागर मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के प्रयासों के साथ-साथ, केंद्र सरकार कपिल मुनि आश्रम के पास स्थित सागर द्वीप के तट को ठीक करने और उसका सौंदर्यीकरण करने में पूरा सहयोग देगी.

गंगा नदी के किनारे विभिन्न घाटों को सुंदर बनाने के लिए भी विशेष पहल की गई है. आगामी दुर्गा पूजा उत्सव से पहले कोलकाता के बागबाजार, अहीरीटोला, शोभाबाजार, मल्लिक घाट और बाबू घाट- साथ ही हावड़ा के रामकृष्णपुर और बांधा घाट के सौंदर्यीकरण का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि "विकास और विरासत" के सिद्धांत पर चलते हुए, रामकृष्ण देव, सारदा देवी और स्वामी विवेकानंद की यादों से जुड़े इन घाटों के खोए हुए गौरव को पूरी तरह से बहाल किया जाएगा.

बंदरगाह क्षेत्र के भीतर नशीले पदार्थों की तस्करी, स्मगलिंग और सिंडिकेट के दबदबे पर लगाम लगाने के लिए, कोलकाता नगर निगम, पोर्ट ट्रस्ट, कस्टम, सीआईएसएफ (CISF) और कोलकाता पुलिस के उच्च अधिकारी अब से हर महीने केंद्रीय और राज्य की खुफिया एजेंसियों के साथ संयुक्त बैठकें करेंगे. इस व्यापक योजना को बिना किसी कमी के लागू करने के लिए, राज्य सरकार एक प्रोजेक्ट डायरेक्टर या नोडल ऑफिसर नियुक्त कर रही है, जो अगले तीन महीनों तक विभिन्न विभागों के कामों के बीच तालमेल बिठाएंगे और इन मेगा-प्रोजेक्ट्स के वास्तविक नतीजों को जनता के सामने पेश करेंगे.

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