रामलला को समर्पित होगा अद्भुत धनुष, ओडिशा से निकल पड़ा है भक्तों का जत्था, जानें कब पहुंचेगा अयोध्या
रामलला को समर्पित कोदंड धनुष ओडिशा से राममंदिर अयोध्या आ रहा है. ओडिशा के सभी 30 जिलों से होकर ये 22 जनवरी को अयोध्या पहुंचेगा.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 8, 2026 at 2:46 PM IST
अयोध्या: अयोध्या के राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे हो चुके है और आज भी बहुत से लोग नायाब तोहफे भेंट कर रहे हैं.
इसी कड़ी में ओडिशा के राउरकेला से पंचधातु से बने 286 किलोग्राम के धनुष रामलला को समर्पित करने के लिए अयोध्या लाया जा रहा है.
ओडिशा से 3 जनवरी को विशाल शोभायात्रा के रूप में धनुष को लेकर भक्तों का जत्था रवाना हो चुका है. सनातन जागरण मंच राउरकेला द्वारा निकाली गयी शोभायात्रा ओडिशा के सभी 30 जिलों से होकर 19 जनवरी को भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी पहुंचेगी और फिर वहां से चलकर 22 जनवरी को अयोध्या पहुंचेगी.
मिली जानकारी के मुताबिक रामलला को पंचधातु से निर्मित धनुष समर्पण की अनुमति प्राप्त करने के लिए ओडिशा से राम भक्तों का एक दल अयोध्या पहुंचा था.
तमिलनाडु के कांचीपुरम के कारीगरों द्वारा पंचधातु से इस धनुष का निर्माण कराया गया. ये धनुष सोना, चांदी, एल्युमीनियम, जस्ता और लोहे जैसी पांच धातुओं से निर्मित है. ओडिशा के सभी जिलों से होकर गुजरने वाली शोभायात्रा का कार्यक्रम पूर्व नियोजित है.
इस यात्रा को केन्द्रीय मंत्री दिलीप राम व भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार समेत अन्य ने भगवा ध्वज दिखाकर रवाना किया है.
इस धनुष में लगभग 986 ग्राम सोना और 2.5 किलोग्राम चांदी का उपयोग किया गया है. इसकी अनुमानित लागत सवा करोड़ रुपये बताई जा रही है.
बताया जा रहा है कि ये शिल्प कौशल और राष्ट्रीय गौरव का संगम है. धनुष पर कारगिल युद्ध से लेकर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता तक भारत की सैन्य उपलब्धियों के साथ-साथ शहीद सैनिकों के नाम भी अंकित हैं.
तकरीबन 8 फीट लंबा और साढ़े तीन फीट चौड़ा यह धनुष शक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है. तमिलनाडु के कांचीपुरम की 48 महिला कारीगरों द्वारा इसे अत्यंत कुशलता और समर्पण के साथ 8 महीने में तैयार किया गया है.
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