Explainer : राज्यसभा चुनाव में RJD के लिए संख्याबल का गणित और चुनौती?
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों में से 4 पर NDA की जीत पक्की है. पांचवीं सीट पर तेजस्वी संख्या बल कहां से लाएंगे? पढ़ें

Published : February 28, 2026 at 8:33 PM IST
रिपोर्ट: रंजीत कुमार
पटना: बिहार में राज्यसभा की पांचवीं सीट को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर है. एक ओर सत्ताधारी गठबंधन अपने विधायकों की एकजुटता बनाए रखने में जुटा है, तो दूसरी ओर तेजस्वी यादव लगातार बैठकें कर महागठबंधन के पक्ष में समीकरण साधने की कोशिश कर रहे हैं. पांचवीं सीट को लेकर संघर्ष अब अंकगणित को लेकर हो गया है. राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन की साख दांव पर है.
5वीं सीट के लिए जोर आजमाइश: बिहार में राज्यसभा की पांचवीं सीट को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. राजनीतिक दल जोड़ तोड़ में जुट चुके हैं. चार सीटों पर तो तस्वीर लगभग साफ दिख रहा है, लेकिन पांचवें सीट का मुकाबला पूरे तौर पर अंकगणित और रणनीति पर टिका है.
तेजस्वी ने क्या कहा?: तेजस्वी यादव ने राज्यसभा चुनाव में जीत का दावा करते हुए कहा कि महागठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल है. संख्या बल को लेकर उनके दावे के बाद सियासी गलियारों में 'खेला' होने की संभावना पर चर्चा शुरू हो गई है. एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए तेजस्वी को 6 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है. ऐसे में सवाल उठता है कि तेजस्वी संख्या बल कहां से लाएंगे और इसके पीछे की चुनौती क्या है?
"आरजेडी अपना उम्मीदवार उतारेगी और हम जीतेंगे. हमारे पास पर्याप्त संख्या बल है. उम्मीदवार के नाम पर आधिकारिक फैसला कुछ दिनों में हो जाएगा."- तेजस्वी यादव, नेता प्रतिपक्ष

महागठबंधन के पास है 35 विधायक: समीकरण के जरिए समझिए महागठबंधन की ताकत क्या है और पक्ष में कितने विधायक हैं. आपको बता दें कि राष्ट्रीय जनता दल के 25 विधायक हैं, वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 06, CPI (ML) लिबरेशन 02, CPI (M) 01, इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) 01, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) 00 विधायक हैं. महागठबंधन के पक्ष में कुल सीटें 35 हैं, जबकि जरूरत 41 विधायकों की है. महागठबंधन को अतिरिक्त 6 सीटों की जरूरत होगी.

AIMIM और BSP से उम्मीद : महागठबंधन के घटक दलों को उम्मीद बहुजन समाजवादी पार्टी (1 विधायक) और एआईएमआईएम (5 विधायक) से है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान से बातचीत भी की है. महागठबंधन को बहुजन समाजवादी पार्टी के एक विधायक से भी उम्मीद है. हालांकि बहुजन समाजवादी पार्टी ने स्टैंड क्लियर नहीं किया है और अंतिम फैसला बहन मायावती को लेना है.
अख्तरुल ईमान ने मांगा अपनी पार्टी के लिए सपोर्ट: इस बीच एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान के बयान से महागठबंधन में खलबली मची है. उन्होंने तेजस्वी यादव से ही राज्यसभा चुनाव में अपनी पार्टी को समर्थन देने की अपील कर डाली है. शुक्रवार को विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने ये बयान दिया था.
"राज्यसभा के चुनाव में महागठबंधन के घटक दलों को हमारा समर्थन करना चाहिए. हम उम्मीदवार देने की तैयारी में है और राज्यसभा में हमारा कोई नुमाइंदा नहीं है, इसलिए महागठबंधन के अन्य दलों को हमारा समर्थन करना चाहिए. हम आने वाले दिनों में उनका समर्थन करेंगे."- अख्तरुल ईमान,प्रदेश अध्यक्ष, एआईएमआईएम

तीन दशक बाद RJD के लिए बड़ा संकट: अगर आरजेडी पांचवीं राज्यसभा की सीट जीतने से चूक जाती है, तो तीन दशक के इतिहास में ऐसा पहली बार होगी कि राज्यसभा प्रतिनिधित्व शून्य की ओर बढ़ने लगे. वर्तमान में आरजेडी के दो सांसद का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है.
RJD जीत को लेकर आश्वसत: राष्ट्रीय जनता दल प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा है कि पांचवीं सीट पर हम उम्मीदवार खड़े करने जा रहे हैं और जल्द ही उम्मीदवार के नाम का ऐलान हो जाएगा. भाजपा के खिलाफ जिसको जनता का समर्थन मिला है, वह हमारे साथ होंगे. एजाज अहमद ने कहा है कि राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव तमाम दलों के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं.

"हम उम्मीद करते हैं कि एआईएमआई एम और बहुजन समाजवादी पार्टी हमें समर्थन देगी. शर्तों को लेकर राजनीति नहीं होती है, राजनीति सिद्धांतों को लेकर होती है."- एजाज अहमद, राजद प्रवक्ता
CPI ने क्या कहा?: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव रामनरेश सिंह ने ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान कहा कि हम लोग महागठबंधन के साथ इंटैक्ट है. जो भी उम्मीदवार तय होंगे हम लोग उसके पक्ष में खड़े होंगे. रामनरेश सिंह ने कहा कि एआईएमआईएम और बहुजन समाजवादी पार्टी का समर्थन भी हमें मिलेगा. वह एनडीए के पक्ष में जाने वाले नहीं हैं.
"पांचवीं सीट हमारे खाते में आएगी. यह सीट हमें मिलगी. उम्मीदवार के नाम पर मंथन चल रहा है."- रामनरेश सिंह,राज्य सचिव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी

NDA की चार सीटें पक्की: आंकडों के हिसाब से अब तक तक 4 सीटें सुनिश्चित मानी जाती हैं, क्योंकि एनडीए के पास मतों की संख्या बहुत ऊपर है.पांचवीं सीट पर अतिरिक्त वोटिंग संयोजन का जुगाड़ NDA करेगा. महागठबंधन के लिए पांचवीं सीट जीतना संख्या का खेल बन चुका है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एआईएमआईएम और बसपा के साथ संपर्क साधा है. तेजस्वी यादव एआईएमआईएम और बहुजन समाजवादी पार्टी विधायक को साथ जोड़कर 41 का आंकड़ा छूना चाहते हैं.
बिहा विधानसभा में NDA की स्थिति : बिहार विधानसभा के समीकरण की बात करें तो 243 सीटें हैं. एनडीए के पास 202 विधायक है, जिसमें बीजेपी के 89, जदयू के 85, एलजेपीआर के 19, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के 5 और राष्ट्रीय लोक मार्चा के 4 MLA हैं.
5वीं सीट पर कौन जाएगा कब्जा?: पांचवीं सीट के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और महागठबंधन दोनों ओर से रणनीति बनाई जा रही है और अंकगणित को दुरुस्त करने के लिए जोड़-तोड़ किया जा रहे हैं. वर्तमान में बिहार विधानसभा की कुल प्रभावी सदस्य संख्या 243 है. राज्यसभा की 5 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में एक उम्मीदवार को जीत के लिए लगभग 41 वोटों (प्राथमिकता मत के कोटे के अनुसार) की जरूरत होगी. यानी कि जो भी राजनीतिक दल या गठबंधन 41 का आंकड़ा पार करेगा, वही पांचवीं सीट पर कब्जा जमाएगा.

एक्सपर्ट की राय: राजनीतिक विश्लेषक डॉक्टर संजय कुमार का मानना है कि पांचवीं सीट के लिए कांटे की लड़ाई होने वाली है. महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं, और उन्हें 6 विधायकों की जरूरत होगी. एआईएमआईएम और बहुजन समाजवादी पार्टी के रुख पर बहुत कुछ निर्भर करेगा.
"हालांकि एआईएमआईएम ने शर्त डाल रखा है. एनडीए भी उम्मीदवार खड़े करने की तैयारी में है. एनडीए कुछ विधायकों का क्रॉस वोटिंग अपने पक्ष में कराकर पांचवीं सीट पर कब्जा करना चाहेगी."- संजय कुमार,राजनीतिक विश्लेषक डॉक्टर
क्या दिल्ली से राजनीति करेंगे तेजस्वी? : सूत्रों के अनुसार तेजस्वी यादव के राज्यसभा जाने की भी चर्चा है. हालांकि अभी तक इसपर पार्टी ने कोई बयान जारी नहीं किया है. लेकिन कहा जा रहा है कि तेजस्वी यादव ने रविवार को पार्टी की अहम बैठक बुलाई है. 1 मार्च को पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक होनी है,जिसमें कोई बड़ा फैसला हो सकता है. अगर तेजस्वी यादव राज्यसभा जाते हैं तो एआईएमआईएम और बसपा का समर्थन मिलने की पूरी उम्मीद है.

राज्यसभा चुनाव के नियम: विधायकों की संख्या के आधार पर ही जीत या हार का निर्णय होता है. नियम के अनुसार विधानसभा के चुनाव में कुल विधायकों की संख्या में रिक्त पदों की संख्या के साथ एक जोड़कर भाग दिया जाता है. 1 सीट के लिए 41 वोट होना जरूरी है. इस तरह से चार राज्यसभा सांसद एनडीए को मिलना तय है.पांचवीं सीट के लिए 38 वोट एनडीए के पास है और उसे 3 वोट की जरूरत है.
किनकी सीटें हो रही खाली: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों में से दो पर जदयू के सांसद हैं. दो पर आरजेडी और एक पर आरएलएम का कब्जा है. जदयू के हरिवंश नारायण सिंह (उपसभापति, राज्यसभा), रामनाथ ठाकुर (केंद्रीय राज्य मंत्री), आरजेडी के प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह और आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा की सीटें खाली हो रही हैं. 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव है और उसी शाम को रिजल्ट आ जाएगा.
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