दुबई में फंसे बिहार के सात युवकों की वतन वापसी, AIMIM नेता पर लगाए कबूतरबाजी के आरोप
दुबई में 23 दिनों से फंसे सीमांचल के सात युवक सुरक्षित घर लौटे, परिजनों में खुशी, युवकों ने एजेंट पर ठगी के आरोप लगाए.

Published : August 24, 2026 at 9:08 PM IST
किशनगंज: रोजगार और बेहतर भविष्य की तलाश में दुबई गए सीमांचल के सात युवक आखिरकार सकुशल अपने घर लौट आए. रविवार को सभी युवक दुबई से नई दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से शाम में बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचे. इसके बाद निजी वाहनों से अपने पैतृक गांव पहुंचे. लंबे इंतजार के बाद बेटों की सकुशल वापसी से परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
किशनगंज के चार और पूर्णिया के तीन युवक शामिल : वतन लौटने वाले युवकों में किशनगंज जिले के कोचाधामन विधानसभा क्षेत्र की पूर्णदहा पंचायत के मिर्चान टोला निवासी रब्बान आलम, अबु अजहर, सलमान और नासिर शामिल हैं. वहीं पूर्णिया जिले के रौटा थाना क्षेत्र के मीरगंज निवासी दानिश, नाजिश और शमशाद भी सुरक्षित घर लौट आए हैं.
घर पहुंचते ही छलके खुशी के आंसू : करीब 23 दिनों तक दुबई में फंसे रहने के बाद घर लौटे युवकों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े. परिजनों ने युवकों के घर पहुंचते ही राहत की सांस ली. गांवों में भी युवकों की वापसी को लेकर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला.
पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने माला पहनाकर किया स्वागत : युवकों की सुरक्षित वापसी पर कोचाधामन के पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने खुशी जताई. घर लौटने पर उन्होंने युवकों का माला पहनाकर स्वागत किया. उन्होंने कहा कि सभी युवक बेहतर आजीविका की तलाश में दुबई गए थे, लेकिन वहां परिस्थितियां उनके लिए मुश्किल हो गई थीं.
सोशल मीडिया के जरिए मदद की लगाई थी गुहार : दुबई में फंसे युवकों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए भारत सरकार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से वतन वापसी में मदद की गुहार लगाई थी. मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर प्रयास शुरू हुए और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद उनकी वापसी का रास्ता साफ हुआ.
दिल्ली पहुंचकर परिजनों को दी सकुशल होने की जानकारी : नई दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद युवकों ने अपने परिजनों से फोन पर बात की और सकुशल भारत पहुंचने की जानकारी दी. इसके बाद बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचने पर परिजन और स्थानीय लोग उनकी घर वापसी का इंतजार करते रहे. एयरपोर्ट से सभी युवक निजी वाहनों से अपने गांव पहुंचे.
रोजगार के नाम पर ठगी का आरोप : घर लौटे युवकों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए रोजगार दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप लगाया. युवकों के मुताबिक, उनसे करीब डेढ़-डेढ़ लाख रुपये लिए गए थे और दुबई में मोजा फैक्टरी में काम दिलाने का वादा किया गया था.
दुबई पहुंचते ही पासपोर्ट जब्त करने का आरोप : युवकों का आरोप है कि दुबई पहुंचने के बाद उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए गए. काम के वादे के मुताबिक रोजगार नहीं मिलने के बाद वे वहां फंस गए. इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने परिजनों को अपनी स्थिति की जानकारी दी और मदद की अपील की.
AIMIM नेता पर युवकों ने लगाए गंभीर आरोप : इस मामले में युवकों और उनके परिजनों की ओर से AIMIM के युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव हाजी नाहिद गनी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. युवकों का आरोप है कि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे रकम ली गई थी. नाहिद गनी को AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का करीबी बताया जाता है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का बयान सामने आना बाकी है.
युवकों की वापसी से इलाके में राजनीतिक सरगर्मी : मामले में राजनीतिक आरोप सामने आने के बाद किशनगंज जिले में भी सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. हालांकि, फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि दुबई में फंसे सभी सात युवक सुरक्षित अपने परिवार के बीच पहुंच गए हैं.
खबर प्रकाशित होने के बाद मामला सामने आया : युवकों की परेशानी को लेकर स्थानीय स्तर पर खबर प्रकाशित होने के बाद मामला व्यापक रूप से सामने आया. इसके बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से उनकी सुरक्षित वतन वापसी के प्रयास किए गए. करीब 23 दिनों की परेशानी के बाद युवकों की घर वापसी से परिवारों ने राहत की सांस ली है.
ये भी पढ़ें-

