KIMS हॉस्पिटल्स ने स्पोर्ट्स इंजरी और आर्थ्रोस्कोपी में लॉन्च किया फेलोशिप प्रोग्राम
डॉ. आर.ए. पूर्णचंद्र तेजस्वी इस फेलोशिप प्रोग्राम को लीड कर रहे हैं, जो आर्थ्रोस्कोपी और स्पोर्ट्स मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर और हेड हैं.

Published : May 6, 2026 at 9:13 PM IST
हैदराबाद: KIMS हॉस्पिटल्स (KIMS Hospitals) ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में स्पोर्ट्स इंजरी और आर्थ्रोस्कोपी (Sports Injuries and Arthroscopy) में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त पहला फेलोशिप प्रोग्राम शुरू किया है, जो ऑर्थोपेडिक एजुकेशन (Orthopedic education) और स्पोर्ट्स मेडिसिन (खेल चिकित्सा) में अहम उपलब्धि है.
यह प्रतिष्ठित फेलोशिप प्रोग्राम जनरल ऑर्थोपेडिक ट्रेनिंग और एथलीट और फिजिकली एक्टिव लोगों के इलाज के लिए आवश्यक बहुत स्पेशलाइज्ड स्किल्स के बीच के अंतर को भरने के लिए डिजाइन किया गया है. कम से कम आक्रामक सर्जिकल तकनीक की बढ़ती मांग के साथ, स्पोर्ट्स मेडिसिन में एडवांस्ड ट्रेनिंग की जरूरत और भी जरूरी हो गई है.
आर्थ्रोस्कोपी (Arthroscopy), एक न्यूनतम आक्रामक सर्जिकल तकनीक है, जिसके लिए उन्नत उपकरणों और फाइबर-ऑप्टिक कैमरों का इस्तेमाल करके छोटे जॉइंट स्पेस (जोड़ों के बीच की जगह) में काम करने में सटीकता और विशेषज्ञता की जरूरत होती है.
ACL रिकंस्ट्रक्शन, लेब्रल रिपेयर (Labral Repair) और कार्टिलेज रेस्टोरेशन (Cartilage Restoration) जैसे प्रोसीजर में बहुत ज्यादा सटीकता और स्किल की जरूरत होती है. इस फेलोशिप का उद्देश्य डॉक्टरों को इन उन्नत प्रोसीजर में पूरी ट्रेनिंग देना है.
यह प्रोग्राम घुटने, कंधे और कूल्हे की रिकंस्ट्रक्टिव आर्थ्रोस्कोपी के साथ-साथ स्पोर्ट्स मेडिसिन और जॉइंट प्रिजर्वेशन सर्जरी में विशेष ट्रेनिंग देता है. यह व्यावहारिक सर्जिकल अनुभव को सुव्यवस्थित एकेडमिक लर्निंग के साथ जोड़ता है, जिसमें सर्जरी में सटीकता (Surgical Precision), चोट का आकलन, रिहैबिलिटेशन प्रोटोकॉल और साक्ष्य-आधारित मेडिकल प्रैक्टिस पर फोकस किया जाता है.
इस फेलोशिप की एक खास बात इसका एकीकृत दृष्टिकोण है, जिसमें सर्जरी में निपुणता (Surgical Expertise) को रिसर्च और रोगी-केंद्रित देखभाल के साथ जोड़ा गया है. इसका उद्देश्य डॉक्टरों की स्पोर्ट्स से जुड़ी गतिविधि और चोट के पैटर्न की समझ को बढ़ाना भी है, जिससे वे छोटी या मुश्किल चोटों का भी ज्यादा प्रभावी तरीके से पता लगा सकें.
एक बयान में कहा गया, "KIMS हॉस्पिटल्स ने हमेशा उत्कृष्टता केंद्रों (Centres of Excellence) के विकास को प्राथमिकता दी है, न सिर्फ बेहतर नैदानिक नतीजे देने पर बल्कि कुशल स्पेशलिस्ट को तैयार करने पर भी ध्यान दिया है. इस फेलोशिप की अंतरराष्ट्रीय पहचान क्लिनिकल एक्सीलेंस और ग्लोबल स्टैंडर्ड्स को मानने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता को दिखाती है."
इस फेलोशिप को डॉ. आर.ए. पूर्णचंद्र तेजस्वी (Dr RA Poornachandra Tejaswi) लीड कर रहे हैं, जो आर्थ्रोस्कोपी और स्पोर्ट्स मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर और हेड हैं. उनकी लीडरशिप में, यह प्रोग्राम देश में एडवांस्ड ऑर्थोपेडिक ट्रेनिंग में एक मानक बनने के लिए तैयार है.
डॉ. तेजस्वी ने कहा कि यह फेलोशिप डॉक्टरों को एडवांस्ड आर्थ्रोस्कोपिक तकनीक में ट्रेनिंग देकर इस क्षेत्र में स्पोर्ट्स इंजरी मैनेजमेंट की गुणवत्ता को काफी बेहतर बनाएगी. उन्होंने कहा कि इस पहल के साथ, KIMS हॉस्पिटल्स एडवांस्ड मेडिकल एजुकेशन और स्पेशल सर्जिकल केयर में अपने दबदबे को मजबूत कर रहा है, और नए राष्ट्रीय मानक स्थापित कर रहा है.
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