ETV Bharat / bharat

पायलट बाबा धाम के बाहर युवक की मौत, केरल का रहने वाला था अभिजीत केडी

बिहार में केरला के युवक की मौत हो गयी. रोहतास के पायलट बाबा धाम में उसका शव फंदे से लटका मिला.

Kerala Youth Died in Bihar
बिहार में केरला के युवक की मौत (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Bihar Team

Published : July 7, 2026 at 11:44 AM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

रोहतास: बिहार के रोहतास जिले में स्थित प्रसिद्ध पायलट बाबा धाम के मुख्य प्रवेश द्वार पर उस वक्त अचानक हड़कंप मच गया, जब वहां एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ. इस सनसनीखेज घटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने तुरंत मुफ़स्सिल थाना पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने फौरन शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया.

केरल का रहने वाला था मृतक: पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच में मृतक युवक की शिनाख्त केरल राज्य के एर्नाकुलम जिले के निवासी अभिजीत केडी (30), पिता मोहन केडी के रूप में की गई है. मुफ़स्सिल थानाध्यक्ष राजीव रंजन सिंह और एसडीपीओ-2 संजीव कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला खुदकुशी का लग रहा है. धाम के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पता चला है कि युवक सोमवार रात वहां पहुंचा था.

्
् (्)

"सोमवार रात करीब 10 बजे पायलट बाबा धाम के पास एक दुकान के बाहर बांस के सहारे फंदा लगाकर युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात सामने आई है. मृतक केरल का पर्यटक था. पुलिस हर पहलू की बारीकी से छानबीन कर रही है. घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है." -संजीव कुमार (एसडीपीओ-2) सासाराम

सासाराम एसडीपीओ-2 संजीव कुमार (ETV Bharat)

बाबा धाम की अनकही कहानी: बिहार के सासाराम में स्थित पायलट बाबा धाम की कहानी बेहद अनोखी है. दरअसल, यहाँ भारतीय वायु सेना के एक पूर्व विंग कमांडर की स्मृतियाँ जुड़ी हैं. पायलट बाबा का वास्तविक नाम कपिल सिंह था, जिनका जन्म सासाराम में ही हुआ था. काशी हिंदू विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे भारतीय वायु सेना में विंग कमांडर के पद पर तैनात हुए थे.

युद्ध के मैदान में अदम्य साहस: विंग कमांडर कपिल सिंह ने देश की रक्षा के लिए अग्रिम मोर्चे पर रहकर लड़ाकू विमान उड़ाए थे. उन्होंने 1962 में चीन के खिलाफ, तथा 1965 और 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्धों में अपने अदम्य साहस का परिचय दिया था. युद्ध के मैदान में उनकी बहादुरी के किस्से आज भी वायु सेना के इतिहास में बड़े गर्व के साथ याद किए जाते हैं.

नौकरी छोड़ अध्यात्म का सफर: एक बार युद्ध के दौरान कपिल सिंह के लड़ाकू विमान का रेडियो संपर्क टूट गया और विमान बेकाबू हो गया. उस कठिन समय में उन्होंने अपने गुरु हरि बाबा को याद किया, जिससे विमान सुरक्षित लैंड हो गया. इस चमत्कारिक घटना के बाद उन्होंने वायु सेना की नौकरी छोड़ दी और संन्यास लेकर जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर बन गए.

Kerala Youth Died in Bihar
पायलट बाबा धाम (ETV Bharat)

हिमालय में घोर तप और समाधि: संन्यास धारण करने के बाद कपिल सिंह ने लगातार 16 वर्षों तक हिमालय की नंदा देवी घाटी के दुर्गम इलाकों में कठिन तपस्या की. उन्हें बिना ऑक्सीजन और अन्न-जल के जल समाधि तथा भू-समाधि लेने में महारत हासिल थी. इसी साधना की बदौलत उन्होंने दुनिया भर में 110 से अधिक बार समाधियां लीं और सनातन धर्म का वैश्विक प्रचार किया.

महाप्रयाण और सासाराम में विरासत: पायलट बाबा ने 20 अगस्त 2024 को अंतिम सांस ली, जिसके बाद उन्हें उत्तराखंड के हरिद्वार में भू-समाधि दी गई. उनकी पावन स्मृति में बिहार के सासाराम में 'पायलट बाबा धाम' स्थापित है. यह भव्य और सुंदर धाम आज देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों तथा आध्यात्मिक श्रद्धालुओं के आकर्षण का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है.

ये भी पढ़ें: