शराब घोटाला मामले में केजरीवाल-मनीष सिसोदिया बरी, कांग्रेस नेता राजा वारिंग ने फैसले पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि, न्यायपालिका, केजरीवाल या पीएम मोदी, अमित शाह ही बता सकते हैं कि यह कैसे हुआ.

Published : February 27, 2026 at 3:58 PM IST
चंडीगढ़: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर मनीष सिसोदिया को राउज कोर्ट ने शराब घोटाला केस में बरी कर दिया है. कोर्ट के इस फैसले से आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है.
चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी कार्यालय में ढोल बजाए गए और भांगड़ा किया गया और मिठाइयां भी बांटी गईं. वहीं दूसरी तरफ, विपक्षी कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अदालत के फैसले पर सवाल उठाए.
क्या बोले राजा वारिंग
कांग्रेस नेता वारिंग ने केजरीवाल और सिसोदिया को बधाई देते हुए कहा कि, केंद्र सरकार ने बहुत बड़े आरोप लगाए. उन्हें डेढ़ साल तक जेल में रखा. कांग्रेस नेता ने कहा कि, वे सभी 6-8 महीने से लेकर डेढ़ साल तक जेल में रहे. वारिंग ने कहा, "मैंने सुना है कि मर्डर या गंभीर मामलों में लेट बेल मिल जाती है. लेकिन, अगर इतने बड़े आरोप नहीं थे, तो वे इतने लंबे समय तक जेल में क्यों रहे? तो अगर इतने बड़े आरोप थे, तो उन्हें क्लीन चिट कैसे मिली? अब तो सम्मानित न्यायपालिका, केजरीवाल या पीएम मोदी, अमित शाह ही बता सकते हैं कि यह कैसे हुआ? उनसे यह सवाल पूछिए."
दूसरी तरफ, इस मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स पर पोस्ट किया-
"सच्चाई की हमेशा जीत होती है. AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को दिल्ली की कोर्ट ने शराब घोटाले के मामले में बरी कर दिया है. माननीय कोर्ट के इस फैसले ने सच्चाई सबके सामने ला दी है. समय के साथ बाकी सभी मामलों की सच्चाई सामने आ जाएगी... क्रांति जिंदाबाद."
पंजाब के वित्त मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि भाजपा ने भारत के संविधान के खिलाफ एक खतरनाक साजिश रची है. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया का बरी होना सच्चाई की जीत है. उन्होंने कहा कि, भाजपा संविधान को खत्म करके देश पर कब्जा करना चाहती है. चीमा ने कहा कि, कोर्ट के फैसले के बाद संविधान में विश्वास रखने वाले लोगों में खुशी की लहर है.
शराब नीति मामले में अदालत द्वारा दोषमुक्त किए जाने से पहले करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण केजरीवाल और सिसोदिया को लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा था. जेल जाने के बाद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और यह संकल्प लिया था कि वह तभी पद पर लौटेंगे जब वह निर्दोष साबित हो जाएंगे.
केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें उसी वर्ष 13 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी. वह पद पर रहते हुए गिरफ्तार होने वाले दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री थे. पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया को जमानत पर रिहा होने से पहले लगभग 17 महीने जेल में बिताने पड़े थे.
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