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कर्नाटक में 56432 रिक्त पदों के लिए शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया, कैबिनेट ने दी मंजूरी

कर्नाटक सरकार ने 56,432 रिक्त पदों को भरने के लिए मंजूरी दे दी है. 30 दिनों के भीतर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

Karnataka Govt Clears 56432 post recruitment in 30 days under per old reservation formula
कैबिनेट बैठक में कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार और अन्य मंत्री (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : February 27, 2026 at 9:06 AM IST

3 Min Read
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बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने 30 दिनों के भीतर विभिन्न विभागों में 56,432 रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है. गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि ये भर्तियां 50% आरक्षण सीमा के तहत की जाएंगी.

राज्य सरकार की तरफ से ये फैसला धारवाड़ जिले में सरकारी नौकरी के लिए तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद लिया गया. कई वर्षों से अलग-अलग विभागों और सरकारी निगमों में 2.7 लाख से अधिक पद खाली हैं.

कानून और संसदीय मामलों के मंत्री एचके पाटिल ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को बताया कि राज्य के स्नातक युवाओं की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए, कैबिनेट ने विभिन्न विभागों में 56,432 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है. सभी विभाग प्रमुखों को 30 दिनों के भीतर प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है.

दो साल से अधिक समय से नहीं हुई भर्ती
कर्नाटक में सरकारी भर्तियां लगभग दो साल से अधिक समय से रुकी हुई हैं, क्योंकि पिछली भाजपा सरकार ने SCs और STs के लिए आरक्षण कोटा 15% से बढ़ाकर 17% और 3% से 7% करने का फैसला किया था. इस फैसले को कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है. याचिकाकर्ताओं ने कहा कि SCs और STs के लिए कोटा बढ़ाना गैर-कानूनी है, क्योंकि यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण पर लगाई गई 50% की सीमा से अधिक है.

याचिकाओं को स्वीकार करते हुए, हाई कोर्ट ने SC/ST कोटा में बढ़ोतरी को लागू करने वाले राज्य सरकार के 2022 के आदेश पर रोक लगा दी थी. फिलहाल यह मामला हाई कोर्ट में लंबित है, इसलिए सरकार ने फैसला आने तक सभी भर्तियों पर रोक लगा दी है, यहां तक ​​कि उन भर्तियों पर भी जिनके लिए नोटिफिकेशन जारी किए गए थे.

इसके अलावा, विभिन्न एससी समूहों के बीच 18% के उनके कोटे के भीतर आंतरिक आरक्षण प्रदान करने के राज्य सरकार के फैसले को भी अदालत में चुनौती दी गई है, जिससे सरकार को रिक्त पदों को न भरने का एक और कारण मिल गया था.

पाटिल ने कहा, "अब जब ये मामले कोर्ट में हैं, तो हम SCs और STs के लिए पहले के 15% और 3% कोटे के हिसाब से भर्ती करेंगे. हालांकि, हम नए कोटे के हिसाब से SCs के लिए 2% और STs के लिए 4% पद आरक्षित रखेंगे और अगर कोर्ट कोटा में बढ़ोतरी को सही ठहराता है तो उन्हें भर दिया जाएगा."

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