डीके शिवकुमार बने कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल में केवल दो नए मंत्री, पिछली सरकार के मंत्रियों ने भी ली शपथ
कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार को राज्यपाल ने शपथ दिलाई.

Published : June 3, 2026 at 8:14 AM IST
बेंगलुरु : कर्नाटक में बुधवार को डी. के. शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र और पिछली सरकार के 11 अन्य विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली.
एआईसीसी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता विपक्ष राहुल गांधी और निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की उपस्थिति में, शिवकुमार ने संविधान की प्रति हाथ में लेकर संत "गंगाधर अज्जा" के नाम से शपथ ली.
#WATCH | Bengaluru: Karnataka CM-designate DK Shivakumar bows down to people before taking oath as the Chief Minister of Karnataka.
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राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने लोक भवन में शिवकुमार, परमेश्वर और अन्य विधायकों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. दिलचस्प बात यह है कि सिद्धारमैया के बेटे और एमएलसी यतींद्र को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है. हालांकि, मंत्रिमंडल गठन के पहले चरण में किसी भी महिला प्रतिनिधि को शामिल नहीं किया गया.
यतींद्र और यू. टी. खादर ही मंत्रिमंडल में नए चेहर हैं, बाकी सभी मंत्री वही हैं जो पिछली सरकार में भी थे. शपथ लेने वाले वरिष्ठ दलित विधायक जी. परमेश्वर को जल्द ही उप मुख्यमंत्री के रूप में नामित किया जाएगा.
अन्य जिन मंत्रियों ने शपथ ली, उनमें के एच मुनियप्पा, के जे जॉर्ज, एम बी पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरेगौड़ा, प्रियांक खड़गे, यू टी खादर, ईश्वर खंड्रे, यतींद्र सिद्धारमैया, बायराथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल शामिल हैं.
कांग्रेस के एक नेता ने कहा, "इस नए मंत्रिमंडल को देखकर ऐसा लग सकता है कि इस पर सिद्धारमैया की छाप स्पष्ट है. हालांकि, इसका यह भी अर्थ हो सकता है कि मंत्रिमंडल गठन के अगले चरण में कई नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है." मुख्यमंत्री सहित कर्नाटक के मंत्रिमंडल की स्वीकृत संख्या 34 है.
Carrying a copy of the Constitution of India, DK Shivakumar takes oath as the Chief Minister of Karnataka.
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जातिगत संरचना की बात करें तो, मंत्रिमंडल में राजनीतिक रूप से प्रभावशाली वोक्कालिगा (शिवकुमार और रामलिंगा रेड्डी सहित) और वीरशैव-लिंगायत समुदायों से तीन-तीन मंत्रियों के साथ-साथ दलित मंत्रियों की भी समान संख्या है.
सिद्धारमैया जिस कुरुबा समुदाय से संबंध रखते हैं, उससे दो मंत्री हैं; अनुसूचित जनजाति, ईसाई और मुस्लिम समुदायों से एक-एक मंत्री हैं. जिलावार प्रतिनिधित्व देखें तो सबसे अधिक चार मंत्री बेंगलुरु शहरी से, दो कलबुर्गी से और एक-एक बेंगलुरु दक्षिण, बेंगलुरु ग्रामीण, तुमकुरु, विजयपुरा, बीदर, दक्षिण कन्नड़, बेलगावी और मैसूर जिलों से हैं.
यतींद्र सिद्धारमैया एकमात्र एमएलसी हैं जिन्हें मंत्री पद मिला है, बाकी सभी विधायक हैं. विभिन्न मठों के प्रमुखों सहित सभी प्रमुख समुदायों के धार्मिक नेता भी शपथ ग्रहण के दौरान मौजूद रहे.
अधिकारियों के अनुसार, आमंत्रितों में कनकपुरा के डोड्डालाहल्ली स्थित एक सरकारी स्कूल के छात्र भी शामिल थे, जो शिवकुमार का पैतृक गांव है. मजदूरों, नगर निगम कार्यकर्ताओं, किसान नेताओं, महिला स्वयं सहायता समूहों और कन्नड़ समर्थक संगठनों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
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