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Kakinada Explosion: चार अधिकारी निलंबित, पीड़ित परिवारों को 20-20 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान

आंध्र प्रदेश सरकार ने काकीनाडा जिले में पटाखा फैक्ट्री में धमाके की घटना के बाद कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया.

Kakinada Firecracker Factory Explosion Four Officers suspended Compensation for victims families
काकीनाडा में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद का दृश्य (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : March 1, 2026 at 8:54 AM IST

4 Min Read
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काकीनाडा (आंध्र प्रदेश): काकीनाडा जिले में पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके में 20 लोगों की मौत के बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया. सरकार इस घटना के लिए RDO, DSP, जिला श्रम अधिकारी और अग्निशमन अधिकारी को जिम्मेदार माना है. वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मृतकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार 2 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर देगी.

मुख्यमंत्री नायडू ने शनिवार रात काकीनाडा सरकारी जनरल हॉस्पिटल में भर्ती घायलों से मुलाकात की. इसके बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, "यह घटना बहुत दुखद है. सभी पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर तबके के हैं. मरने वालों में 12 अनुसूचित जाति के लोग और 8 महिलाएं हैं. हम इस घटना को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं. हाल ही में ऐसी ही एक घटना हुई थी और हमने जांच और कार्रवाई के आदेश दिए थे. इसके बावजूद, ऐसी घटना दोबारा होना बहुत दुखद है. हम घायलों को सबसे अच्छा इलाज दिलाने की कोशिश कर रहे हैं. इस हादसे में एक पति-पत्नी की भी मौत हो गई. मरने वालों के बच्चों को उनकी पढ़ाई के लिए आवासीय स्कूलों में एडमिशन दिलाया जाएगा."

चार अधिकारी निलंबित
मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान बहुत खतरनाक होता है और सावधानी बरतने में लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ. इसकी टेक्निकल जांच भी की जाएगी. उन्होंने इस घटना के लिए राजस्व मंडल अधिकारी (RDO), DSP, जिला श्रम अधिकारी और अग्निशमन अधिकारी को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें निलंबित करने की घोषणा की.

उन्होंने कहा, "पूरी जांच की जाएगी. जो भी लोग जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी. पटाखा फैक्ट्री मालिक को ढूंढा जाएगा, चाहे वह कहीं भी हो और सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी. अगर जरूरी हुआ, तो उसकी संपत्ति जब्त करके पीड़ितों को सौंप दी जाएगी."

कई पीड़ितों ने कथित तौर पर बताया कि वे लंबे समय से फैक्ट्री में काम कर रहे थे. उन्होंने कहा कि वे वहां हर दिन 700 रुपये कमाते थे, जबकि MGNREGA के तहत उन्हें हर दिन सिर्फ 300 रुपये मिलते थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत 125 दिन का काम दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे इलाकों में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए कमांड कंट्रोल सिस्टम से उन पर नजर रखी जाएगी.

छोटी सी लापरवाही से 20 लोग जिंदा जले
शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि काकीनाडा जिले के वेतलापलेम में एक छोटी सी लापरवाही की वजह से यह बड़ा हादसा हुआ. पटाखों की छोटी-छोटी गोली (pellets) में विस्फोटक पाउडर को दबाते समय, जब उस पर लोहे की रॉड से वार किया गया, तो चिंगारियां निकलीं. चिंगारियां पास के पटाखों के कच्चे माल पर गिरीं, जिससे कुछ ही सेकंड में आग फैल गई. यूनिट में रखे विस्फोटक एक साथ फट गए, जिससे एक बड़ा धमाका हुआ.

छोटे से शेड में करीब 10 मजदूर बैठे थे. जब आग लगी और धमाके हुए, तो मजदूर शेड से बाहर नहीं निकल पाए और मौके पर ही जिंदा जल गए.

पुलिस ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि लाशें क्षत-विक्षत हो गईं. शुरुआती जांच से पता चलता है कि पटाखों में सल्फर को ठीक से हैंडल न करने की वजह से धमाका हुआ होगा. एसपी बिंदु माधव ने कहा कि फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने मौके से केमिकल्स और विस्फोटक पदार्थ के सैंपल इकट्ठा किए हैं, और विस्तृत विश्लेषण के बाद ही सही वजह का पता चलेगा. उन्होंने आगे कहा कि जब वे मौके पर पहुंचे तो फैक्ट्री दो छोटे धमाके हुए.

एसपी ने कहा कि सूर्यश्री फायर क्रैकर्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के मालिक अदबाला अर्जुन, और उनके भाई वीरबाबू (नानी) हादसे के बाद भाग गए. बाद में पुलिस टीमों ने उन्हें ट्रैक किया और कस्टडी में ले लिया. उनके पिता, अदबाला श्रीनिवास राव (55) की विस्फोट में मौत हो गई है.

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