झारखंड विजन 2050: दस हजार करोड़ निवेश! AI नीति और 1 लाख रोजगार का रोडमैप
नेशनल स्टेकहोल्डर्स कन्सल्टेशन के अंतिम दिन हेमंत सरकार ने 10 हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है.

Published : July 9, 2026 at 5:34 PM IST
रांची: नेशनल स्टेकहोल्डर्स कन्सल्टेशन के दूसरे एवं अंतिम दिन झारखंड सरकार ने राज्य के डिजिटल परिवर्तन को गति देने तथा झारखंड को सार्वजनिक प्रशासन आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया है.
नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दौरान राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत इस विजन का उद्देश्य शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग एवं नागरिक सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करते हुए पारदर्शी, त्वरित, जवाबदेह एवं डेटा आधारित निर्णय प्रणाली विकसित करना है, ताकि आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी एवं सुलभ सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें.

झारखंड एआई नीति 2026-2031 प्रस्तुत
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार ने प्रस्तावित झारखंड कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) नीति 2026-2031 की रूपरेखा भी प्रस्तुत की. इस नीति के माध्यम से शासन, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, खनन, पर्यावरण संरक्षण तथा आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे. साथ ही डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जिम्मेदार तकनीकी उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी.

मुख्यमंत्री डाटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP) का प्रस्ताव
सुशासन को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री डाटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है. यह एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विभिन्न सरकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं तथा विभागीय कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगी.
इसके साथ ही बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप आधारित नागरिक सेवाएं, डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली तथा पंचायत स्तर तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की योजना भी प्रस्तुत की गई है.
एआई पॉलिसी पर खुली चर्चा, मिले अनेक सुझाव
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नेशनल स्टेकहोल्डर्स कन्सल्टेशन के दूसरे एवं अंतिम दिन राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत एआई पॉलिसी पर खुलकर चर्चा हुई और कई महत्वपूर्ण सुझाव भी प्राप्त हुए.
परामर्श बैठक में तीन प्रमुख एआई आधारित पहलों, मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP), हेल्थ एंड न्यूट्रिशन विजिलेंस सिस्टम (HNVS) तथा क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम (CMAS)—पर विशेष जोर दिया गया. इन पहलों के माध्यम से शासन, स्वास्थ्य सेवाओं एवं खनिज प्रशासन को आधुनिक डेटा विश्लेषण तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाया जाएगा.
स्टेट एआई मिशन समेत कई बड़ी घोषणाएं
इस अवसर पर राज्य सरकार ने दीर्घकालिक डिजिटल विकास की दिशा में स्टेट एआई मिशन, झारखंड एआई क्लाउड, एआई इनोवेशन हब, एआई पार्क, एआई इनोवेशन जोन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा एक समेकित स्टार्टअप एवं स्किलिंग इकोसिस्टम विकसित करने की भी घोषणा की. इन पहलों के माध्यम से अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा.
पांच वर्षों में 1150 करोड़ निवेश का प्रस्ताव
इस डिजिटल परिवर्तन को गति देने के लिए राज्य सरकार ने आगामी पांच वर्षों में 1,150 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है. यह निवेश एआई अवसंरचना के विकास, डिजिटल क्षमताओं के विस्तार, नवाचार को प्रोत्साहन तथा विभिन्न विभागों में एआई के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा.
रांची में 100.97 एकड़ का आईटी पार्क बनेगा
बैठक में रांची में प्रस्तावित 100.97 एकड़ के आईटी पार्क की भी जानकारी साझा की गई, जिसे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स एवं नवाचार आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा.
विजन-2050: 10,000 करोड़ निवेश, एक लाख एआई रोजगार का लक्ष्य
विजन-2050 के अंतर्गत राज्य सरकार का लक्ष्य ₹10,000 करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित करना, 50 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करना, 1,000 से अधिक एआई स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना तथा एक लाख से अधिक एआई आधारित रोजगार के अवसर सृजित करना है.
रोडमैप में एआई शिक्षा, उन्नत कौशल विकास, शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी तथा सरकारी अधिकारियों एवं युवाओं के क्षमता निर्माण पर भी विशेष बल दिया गया है, ताकि राज्य में भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार किया जा सके.
उद्योग जगत से साझेदारी की अपील
इस अवसर पर प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों, निवेशकों एवं उद्योग जगत से झारखंड के साथ साझेदारी करते हुए एआई आधारित सुशासन, डिजिटल अवसंरचना, नवाचार कार्यक्रमों तथा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विकास में सहयोग प्रदान करने की अपेक्षा की गई.
विजन-2050 के माध्यम से झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक, तकनीक आधारित एवं भविष्य उन्मुख डिजिटल अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने की रणनीति प्रस्तुत की गई है. कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार, प्रभावी नीतिगत सुधार एवं रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से नागरिक केंद्रित सुशासन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए झारखंड को डिजिटल गवर्नेंस एवं प्रौद्योगिकी आधारित विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
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