10वीं तक नहीं ली कोई ट्यूशन..अब JEE Mains 2026 में टॉपर बने शुभम, जानें सफलता के राज
बिहार के गया के रहने वाले शुभम कुमार JEE Mains 2026 में टॉपर बने हैं. जानिए क्या है इनके सफलता के राज?

Published : February 17, 2026 at 6:15 PM IST
गयाजी: JEE Mains 2026 में टॉपर बनने वाले शुभम कुमार 10वीं तक कभी कोई ट्यूशन नहीं लिए. पांचवीं कक्षा तक मां ने पढ़ाया और इसके बाद सेल्फ स्टडी की बदौलत 10वीं की परीक्षा पास की. आज शुभम की चर्चा देश स्तर पर हो रही है. आइये जानते हैं शुभम कुमार की सफलता की कहानी.
12 छात्रों में तीसरे नंबर पर शुभम: सोमवार को जेई मेन्स 2026 का रिजल्ट जारी किया गया. जारी रिजल्ट में कुल 12 छात्रों को 100 परसेंटाइल हासिल हुए. इन 12 छात्रों में शुभम कुमार तीसरे नंबर पर रहे. बिहार के 100 परसेंटाइल लाने वाले शुभम कुमार एकलौते छात्र हैं, जिन्हें स्टेट टॉपर का दर्जा मिला. शुभम बताते हैं कि आईआईटी बॉम्बे में में एडमिशन लेना है.
14 घंटे की मेहनत: शुभम कुमार मूल रूप से गयाजी के नादरा गंज मोहल्ले के रहने वाले हैं. अपनी तैयारी को लेकर कहते हैं कि 11th में एलन में ऑनलाइन क्लास किया था. इसके बाद स्कॉलरशिप मिलने के बाद 12th में एलन के कोटा सेंटर में ऑफलाइन क्लास किया. पढ़ाई के शेड्यूल पर शुभम बताते हैं कि सुबह में 6 घंटे की तीन क्लासेज होती थी. इसके अलावे 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे.
जेईई एडवांस की तैयारी में जुटे शुभम: शुभम ने बताया कि मेंस की परीक्षा उन्होंने पास कर लिया है. अब एडवांस की परीक्षा देंगे. एडवांस क्वालिफाई करने के बाद कंप्यूट साइंस से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करेंगे. शुभम ने बताया कि अगर मौका मिला तो आगे रिसर्च फिल्ड में करियर बनाने का सपना है.

इंजीनियरिंग ही क्यों चुना?: इसपर शुभम कहते हैं कि इंजीनियरिंग एक माध्यम है, जिसके माध्यम से सारे फिल्डस को अपने आंखों के सामने देख सके. शुभम कहते हैं कि उन्हें आईआईटी बाम्बे में एडमिशन मिल जाए. अभी फिलहाल एडवांस की तैयारी में लग जाना है.
छात्रों का हौसला बढ़ाया: ईटीवी भारत से बातचीत में शुभम ने ऐसे छात्रों का हौसला बढ़ाया जो इसबार पिछड़ गए हैं. कहा कि किसी को कमजोर होने की जरूरत नहीं है. मेहनत करने पर सफलता जरूरत मिलती है. शुभन ने अच्छे रैंक लाने वाले कैंडिडेट को कहा कि वे अब एडवांस की तैयारी में जुट जाएं.
वैसे छात्र जो इस बार असफल हुए हैं जिनके अच्छे परसेंटाइल नहीं आए हैं, वो मायूस ना हों बल्कि और मेहनत करें. दूसरे अटेंप्ट में अच्छा प्रदर्शन करें. अगर वो दूसरे में भी 90 परसेंटाइल प्राप्त करते हैं तो उन्हें देश के अच्छे कालेजों में नामांकन मिल सकता है. अपनी मेहनत पर फोकस करें." -शुभम कुमार, स्टेट टॉपर, जेईई मेंस 2026
पिता हार्डवेयर व्यवसायी: शुभम के पिता हार्डवेयर के व्यापारी हैं. शहर के रमना रोड में दुकान है. बड़ी बहन श्रिया कुमारी भी आईआईटी कॉलेज पटना से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग कर रही है. शुभम की सफलता से परिवार खुश है. जेईई मेंस के रिजल्ट आने के बाद गयाजी में स्थित एलन कैरियर इंस्टिट्यूट में शुभम का भव्य स्वागत हुआ. इस दौरान इनके माता-पिता भी मौजूद रहे.
'स्कूल से ही पढ़ने में अच्छा था': पिता शिव कुमार ने कहा कि शुभम स्कूल से ही पढ़ने में अच्छा था, उसने इंजीनियरिंग में अपनी रुचि दिखाई. जिसको लेकर हमने उसको आगे तैयारी के लिए भेज दिया. हमारे सामने आर्थिक परेशानी नहीं थी और ना कि शुभम की पढ़ाई में किसी तरह की कोई बाधा थी. इसलिए इन्हें पढ़ने के लिए पूरी छूट थी. आगे भी इन्हें पढ़ाने के लिए हम पीछे नहीं हटेंगे.

"पहले से टैलेंटेड रहा है. मैट्रिक की परीक्षा के बाद से ही तैयारी में जुट गया था. हमने भी मोटिवेट किया कि परीक्षा के बाद से ही तैयारी में लग जाओ. आज एलन से जुड़ने के बाद अच्छा रिजल्ट आया है. आगे भी बहुत कुछ करना चाहेगा तो मेरा सपोर्ट रहेगा. " -शिव कुमार, शुभम के पिता
मां से मिला ट्यूशन: जबकि मां कंचन देवी ने कहा कि वो अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए शुरू से मेहनत करती थी. 5वीं क्लास तक वो खुद उन्हें पढ़ाती रही है. इसके बाद सेल्फ स्टडी ही पढ़ाई की. मां कहती हैं कि उनके दोनों बच्चों ने कभी ट्यूशन नहीं ली. स्कूल में जो पढ़ाया जाता था और सेल्फ स्टडी से मैट्रिक की परीक्षा पास की. इसके बाद एलन से तैयारी शुरू की.
"शुरुआत से पढ़ने में अच्छा था. कक्षा 4 से 5 तक मैंने ही पढ़ाया. इसके आले खुद से सेल्फ स्टडी किया. कभी कोई ट्यूशन नहीं लिया. सेल्प स्टडी से सफलता मिली है. बोर्ड के बाद कई स्कॉलरशिप में 100 प्रतिशत सफल रहा." -कंचन देवी, शुभम की मां
'मेहनत से मिलती है सफलता': एलेन करियर इंस्टीट्यूट गया ब्रांच के हेड करुण गुप्ता ने कहा कि जिन बच्चों ने अच्छी परफॉर्मेंस नहीं की है, उन्हें मायूस होने की जरूरत नहीं है. अप्रैल के दूसरे अटेम्प्ट की तैयारी करें. बस मेहनत पर पूरा फोकस करें और उसके लिए जान लगा दें. यकीन मानिए मेहनत में भगवान बसते हैं. अगर आप मन से पढ़ाई करेंगे तो निश्चित सफल होंगे.

जेईई क्यों जरूरी है?: इंजीनियरिंग प्रतिस्थान जैसे आईआईटी, एनआईटी में प्रवेश के लिए जेईई की परीक्षा पास करनी होती है. मेंस क्लालिफाई स्टूटेंट को अच्छे संस्थान में एडमिशन मिल जाते हैं. एडवांस क्लालिफाई किया तो आईआईटी जैसे संस्थान में एडमिशन मिलता है. जेईई की परीक्षा NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) लेती है. 12वीं पास परीक्षार्थी या फिर 12वीं परीक्षा में बैठने वाले छात्र जेईई की परीक्षा देते हैं.
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