JEE MAIN 2026: देश के 27 स्टेट नहीं कर पाए ये कमाल, इन 8 स्टेट टॉपर्स ने ही हासिल किए 100 परसेंटाइल
इस बार 2026 में 27 स्टेट के स्टूडेंट 100 परसेंटाइल के क्लब में शामिल नहीं हो पाए हैं.

Published : February 20, 2026 at 1:26 PM IST
|Updated : February 20, 2026 at 2:42 PM IST
कोटा : जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम मेन (JEE MAIN 2026) के जनवरी सेशन के परिणाम में 12 स्टूडेंट 100 परसेंटाइल लेकर आए हैं. जबकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 43 स्टूडेंट्स को स्टेट टॉप पर घोषित किया है. एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि देश में 28 स्टेट और 8 यूनियन टेरिटरी में 100 परसेंटाइल लाने वाले महज 12 कैंडिडेट है. ये केवल 8 स्टेट और 1 यूनियन टेरिटरी के हैं. बाकी 20 स्टेट और 7 यूनियन टेरिटरी से एक भी स्टूडेंट 100 परसेंटाइल के क्लब में शामिल नहीं हुआ है. कई स्टेट के स्टेट टॉपर तो 99 परसेंटाइल के भी नीचे हैं.
देव शर्मा ने बताया कि बीते 3 सालों में देखा जाए तो 100 परसेंटाइल लाने वाले स्टूडेंट्स 11 स्टेट के है. इनमें राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, तमिलनाडु, कर्नाटक व उड़ीसा का ही बोल बाला रहा है. इस बार 2026 में 27 स्टेट के स्टूडेंट हंड्रेड परसेंटाइल के क्लब में शामिल नहीं हो पाए हैं. इसी तरह से साल 2025 में जहां पर 14 स्टूडेंट 100 परसेंटाइल के क्लब में थे, लेकिन यह केवल आठ स्टेट के थे. जबकि 28 स्टेटस के स्टूडेंट इसमें शामिल नहीं थे. साल 2024 में 23 से कैंडिडेट 100 परसेंटाइल के क्लब में थे. इस साल में भी 27 स्टेट से बच्चे यह कारनामा नहीं कर पाए थे, केवल 9 स्टेट से 100 परसेंटाइल वाले स्टूडेंट्स थे.

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7 स्टेट और यूनियन टेरिटरी में 99 परसेंटाइल से कम अंक : अरुणाचल प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, गोवा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, लक्षद्वीप, व पांडिचेरी से एक भी विद्यार्थी 100 परसेंटाइल नहीं ला पाया है. इसके अलावा 7 स्टेट और यूनियन टेरिटरी ऐसे हैं. जहां से 99 परसेंटाइल के नीचे विद्यार्थियों के अंक हैं. इनमें लक्षद्वीप, मिजोरम, नागालैंड, लद्दाख, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, मणिपुर व मेघालय शामिल है.

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68 विद्यार्थियों का रोका रिजल्ट : एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि इस बार परीक्षा में 68 विद्यार्थियों के रिजल्ट को रोक लिया गया है. यह अनफेयर मिंस और आईडेंटिफाई वेरिफिकेशन की विसंगतियों के चलते रोका गया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इस बार परीक्षा में 311 सिटी कोऑर्डिनेटर, 726 ऑब्जर्वर , 311 फ्लाइंग स्क्वॉड और 215 रिप्रेजेंटेटिव गवर्नमेंट एजेंसीज के बनाए थे. इसके अलावा ए बेस्ट वीडियो एनालिटिक और विजुअल ऑब्जर्वर सिस्टम देखा गया था 5G जैमर लगाए गए थे, वहीं सीसीटीवी सर्विलेंस भी किया गया था.

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इन कारण से नहीं आ रहे टॉपर
- शिक्षा का स्तर कॉम्पिटेटिव के लिए कमजोर होना.
- स्टूडेंट के बीच में कंपटीशन की भावना भी कम.
- कॉम्पिटेटिव परीक्षा जेईई मेन व एडवांस जैसी परीक्षा की प्रॉपर तैयारी और गाइडेंस का अभाव.
- परीक्षा की तैयारी का माहौल नहीं होना.
- परीक्षा, एग्जामिनेशन प्रिपरेशन, पेपर अटेम्प्ट स्ट्रैटेजी का मार्गदर्शन नहीं.
- कोटा और बड़े शहरों जैसी कोचिंग सुविधा नहीं.
- स्टूडेंट और फैकल्टी में जुनून का भी अभाव है.

