ETV Bharat / bharat

Explainer: कौन होगा JDU का नया 'बॉस'.. नीतीश के पास ही रहेगी कुर्सी या निशांत की होगी 'ताजपोशी?

खरमास के बाद जेडीयू को नया बॉस मिल सकता है. नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी चयन के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है. पढ़ें स्पेशल रिपोर्ट..

new Boss of JDU
जेडीयू में नए 'बॉस' की खोज शुरू (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Bihar Team

Published : January 9, 2026 at 7:55 PM IST

11 Min Read
Choose ETV Bharat

रिपोर्ट: अविनाश कुमार

पटना: बिहार की सत्ताधारी पार्टी जेडीयू का नया बॉस कौन होगा? इसको लेकर इन दिनों खूब चर्चा चल रही है. राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष बदले जा सकते हैं. इसके साथ ही ये भी तय हो जाएगा कि नीतीश कुमार का राजनीतिक उत्तराधिकारी कौन होगा? मुख्यमंत्री के साथ-साथ वह जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष भी हैं. ऐसे में अगर वह पार्टी प्रमुख का पद छोड़ते हैं तो जेडीयू को नया सुप्रीम लीडर मिल जाएगा. पिछले कुछ समय से उनके बेटे निशांत कुमार को संगठन की जिम्मेदारी सौंपने की जोर-शोर से मांग हो रही है. ऐसे में उन पर भी नजर रहेगी.

नीतीश कुमार ही सबसे बड़े चेहरे: जेडीयू पिछले 20 सालों से बिहार की सत्ता पर काबिज है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इर्द गिर्द ही बिहार की राजनीति होती रही है. जिस गठबंधन के साथ वह जाते हैं, उसकी सरकार बनती है और सीएम भी वे ही बनते हैं. हालिया विधानसभा चुनाव में भी एनडीए को जबरदस्त जीत मिली है. जेडीयू का भी प्रदर्शन शानदार हुआ है. वहीं अब पार्टी में संगठन चुनाव के लिए प्रक्रिया शुरू होने वाली है. दिसंबर से सदस्यता अभियान चल रहा है. इस बार पार्टी ने एक करोड़ लक्ष्य रखा है. 15 जनवरी के बाद संगठन चुनाव की घोषणा हीगी. पंचायत स्तर से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद तक का चुनाव होगा.

ETV Bharat GFX
ETV Bharat GFX (ETV Bharat)

खरमास बाद चुनाव की घोषणा?: ईटीवी भारत से बातचीत में जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि हमारी पार्टी में हर 3 साल पर संगठन का चुनाव होता है. इसके लिए सदस्यता अभियान चल रहा है. वर्ष 2022 से 2025 तक जो सदस्यता अभियान चला, उसमें 75 लाख का लक्ष्य रखा गया था लेकिन अब 2025 से 2028 तक के लिए एक करोड़ का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि 15 जनवरी तक सदस्यता अभियान का लक्ष्य रखा गया है, उस पर तेजी से काम हो रहा है. उसके बाद संगठन चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी.

जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा (ETV Bharat)

क्या सभी पदों के लिए चुनाव होगा?: इस पर प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि पंचायत स्तर से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का चुनाव होगा. चुनाव पंचायत, प्रखंड और राज्य स्तर पर होता है. उसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर भी चुनाव होता है. जो भी निर्वाचन अधिकारी होंगे, घोषणा के बाद उसके बारे में विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी.

Nitish Kumar
जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार (ETV Bharat)

क्या नए चेहरे को मिलेगी कमान?: इस सवाल का जवाब देते हुए उमेश कुशवाहा ने कहा पार्टी में लोकतांत्रिक प्रक्रिया है. उसके तहत ही चुनाव होता है. विधानसभा चुनाव में लोगों ने हमारे नेता पर विश्वास जताया है. 14 करोड़ जनता के लिए हमारे नेता काम करते हैं, अब संगठन का भी चुनाव होना है. उसमें भी लोकतांत्रिक तरीके से सदस्यों और कार्यकर्ताओं की पसंद से सब कुछ तय होगा.

Nishant Kumar
निशांत कुमार (ETV Bharat)

चुनावी जीत का इनाम मिलेगा?: विधानसभा चुनाव में जिन्होंने अच्छा काम किया है, क्या उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा? इस पर उमेश कुशवाहा ने कहा कि समय-समय पर तो बदलाव होते ही हैं. जो लोग बेहतर करते हैं, संगठन में उनको मौका मिलता है. परिवर्तन तो लगातार होता रहा है, आगे भी जरूर होगा.

क्या आप मंत्री बनेंगे?: खरमास के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और खुद के मत्री बनाए जाने के सवाल पर उमेश कुशवाहा ने कहा कि वह तो पार्टी के सिपाही हैं और एक सिपाही के तौर पर पार्टी में काम कर रहे हैं. जहां तक मंत्री बनने की बात है तो यह विशेषाधिकार मुख्यमंत्री का होता है, यह तो मुख्यमंत्री ही बताएंगे कि किनको मंत्री बना रहे हैं और मंत्रिमंडल विस्तार में किनको ला रहे हैं.

Nitish Kumar
जेडीयू नेताओं के साथ नीतीश कुमार (ETV Bharat)

"15 जनवरी तक हमने सदस्यता अभियान का लक्ष्य तय समय निर्धारित किया है. उसके बाद संगठन चुनाव की घोषणा होगी, निर्वाचन पदाधिकारी तय होंगे. लोकतांत्रिक तरीके से संगठन का चुनाव होगा. पंचायत स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर अध्यक्ष पद का चयन होगा. जहां तक मेरे मंत्री बनने की बात है तो पार्टी का सिपाही होने के नाते मुझे मुख्यमंत्री जी जो भी जिम्मेदारी देंगे, उसका पालन करेंगे."- उमेश कुशवाहा, प्रदेश अध्यक्ष, जनता दल यूनाइटेड

इन नेताओं को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी: बिहार में इस साल खरमास के बाद मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव होना है. इसी साल 19 विधान परिषद सदस्यों का भी चयन होना है, जो विभिन्न माध्यमों से होगा. केंद्र सरकार में जेडीयू कोटे से कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर मंत्री हैं लेकिन राज्यसभा की सदस्यता इस साल समाप्त हो रही है. चर्चा है कि उनको संगठन में बड़ी जिम्मेवारी दी जा सकती है. वहीं नीतीश कुमार के बेटे निशांत को लेकर भी चर्चा है कि उन्हें भी पार्टी में महत्वपूर्ण जिमवादी दी जा सकती है. आईएएस से राजनीति में कदम रखने वाले मनीष वर्मा पार्टी में राष्ट्रीय महासचिव है लेकिन उन्हें भी नई जिम्मेदारी देने की चर्चा है.

Nitish Kumar
नीतीश कुमार की अगुवाई में जेडीयू की शानदार जीत (ETV Bharat)

क्या निशांत की होगी पॉलिटिकल लॉन्चिंग?: नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अबतक सक्रिय राजनीति से दूर हैं लेकिन राजनीति में उनकी एंट्री की चर्चा पिछले साल से लगातार चल रही है. पार्टी के नेता और कार्यकर्ता लगातार डिमांड कर रहे हैं. यहां तक कि राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी उन्हें राजनीति में जल्द आने का आग्रह किया है. परिवार के लोग भी चाहते हैं कि निशांत राजनीति में आएं. ऐसे में मुख्यमंत्री पर भी दबाव है. साथ ही उनके स्वास्थ्य को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं.

Nitish Kumar
पिता नीतीश कुमार के साथ निशांत कुमार (ETV Bharat)

निशांत अगर पार्टी में आते हैं और कमान संभालते हैं तो पार्टी पर टूट का खतरा भी कम रहेगा. पार्टी का जो कोर वोटर कुर्मी कुशवाहा और अति पिछड़ा है, वह एकजुट रहेगा लेकिन फैसला नीतीश कुमार और निशांत कुमार को लेना है. नीतीश कुमार का ग्रीन सिग्नल मिला और निशांत की स्वीकृति हुई तो तय है कि इस बार निशांत राजनीति में दिखेंगे और पार्टी में कोई बड़ी भूमिका में होंगे.

Nishant Kumar
निशांत कुमार (ETV Bharat)

प्रदेश अध्यक्ष पद पर भी नए चेहरे की नियुक्ति: वहीं उमेश कुशवाहा यदि मंत्री बनाए जाते हैं तो प्रदेश अध्यक्ष का पद भी खाली हो जाएगा. बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 में और उससे पहले लोकसभा चुनाव 2024 में भी उनके नेतृत्व में पार्टी का प्रदर्श शानदार रहा. वह महनार से विधायक भी चुने गए हैं. ऐसे में अब नीतीश कुमार उन्हें दो चुनाव में किए गए बेहतर कार्य को लेकर इनाम भी दे सकते हैं. उनको मंत्री बनाने की चर्चा है. ऐसे में रामनाथ ठाकुर, मनीष वर्मा या चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिल सकती है.

Nitish Kumar
उमेश कुशवाहा के साथ नीतीश कुमार (ETV Bharat)

एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत: नीतीश कुमार ने जेडीयू में 'एक व्यक्ति एक पद' का सिद्धांत तय किया है. इसी के आधार पर जब आरसीपी सिंह केंद्र में मंत्री बने तो उनको राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़ना पड़ा था. खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसी तर्क का हवाला देकर 2016 में अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था लेकिन 2024 में ललन सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की कुर्सी छोड़ने के बाद से नीतीश कुमार इस पद पर बने हुए हैं.

Nitish Kumar
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (ETV Bharat)

वैसे तो मुख्यमंत्री ने संजय झा को जेडीयू का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया है लेकिन संगठन की मजबूती के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी किसी और को सौंप सकते हैं, क्योंकि नीतीश कुमार राजनीति की अंतिम पारी खेल रहे हैं. इसलिए पार्टी के कई नेताओं की तरफ से उन्हें ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की वकालत भी की जा सकती है लेकिन यदि कोई नया चेहरा बना तो नीतीश कुमार का विश्वासपात्र ही होगा, यह तय है.

क्या कहते हैं जानकार?: राजनीतिक विशेषज्ञ प्रो. प्रमोद कुमार कहते हैं कि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर पिछड़ा वर्ग से आने वाले नेताओं को ही नियुक्त किया जाता रहा है. पहले जॉर्ज फर्नांडीज फिर शरद यादव लंबे समय तक इस पद पर रहे. नीतीश कुमार ने बाद में आरसीपी सिंह को ये जिम्मेदारी दी. हालांकि सवर्ण समाज से आने वाले ललन सिंह भी इस पद पर रहे लेकिन उनका कार्यकाल बहुत छोटा रहा.

ETV Bharat GFX
ETV Bharat GFX (ETV Bharat)

प्रो. प्रमोद कुमार कहते हैं कि जहां तक प्रदेश अध्यक्ष का सवाल है तो ज्यादातर सवर्ण समाज से आने वाले नेताओं को जिम्मेदारी दी जाती रही है. सिर्फ पहले और जो अभी के प्रदेश अध्यक्ष हैं, वही पिछड़ा वर्ग से है. वशिष्ठ नारायण सिंह सबसे लंबे समय तक प्रदेश अध्यक्ष रहे. स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने पद छोड़ा था. अब फिर से प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होने वाला है. चर्चा है कि उमेश कुशवाहा सरकार में मंत्री की कुर्सी संभाल सकते हैं. ऐसी स्थिति में इस पद पर कोई नया चेहरा देखने को मिल सकता है.

ETV Bharat GFX
ETV Bharat GFX (ETV Bharat)

"जदयू के संविधान में पहले दो बार ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने का प्रावधान था और शरद यादव को तीसरी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के लिए पार्टी में संशोधन तक किया गया. नीतीश कुमार के पाला बदलकर एनडीए में आने के बाद के बाद नीतीश कुमार के साथ शरद यादव का विवाद हो गया. नीतीश कुमार शरद यादव को हटाकर खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए. अभी भी नीतीश कुमार के पास दो पद है. ऐसे में इस बार यदि नीतीश कुमार राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनेंगे तो किसी और को जिम्मेदारी सौंप सकते हैं. प्रदेश अध्यक्ष पद पर भी नया चेहरा देखने को मिल सकता है."- प्रो. प्रमोद कुमार, राजनीतिक विशेषज्ञ

हालांकि राजनीतिक विशेषज्ञ अरुण पांडे की राय अलग है. उनके मुताबिक भले ही प्रदेश अध्यक्ष पद पर किसी नए चेहरे की नियुक्ति हो जाए लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बदलेगा. वे कहते हैं कि नीतीश कुमार अपने पास ही पार्टी की कमान रखेंगे. हां कोर वोट बैंक के साथ-साथ अन्य समीकरणों को साधने के लिए जरूर कुछ बड़े बदलाव कर सकते हैं.

Nitish Kumar
जेडीयू की बैठक में नीतीश कुमार (ETV Bharat)

"जेडीयू में प्रदेश अध्यक्ष स्तर पर ही कोई बड़ा उलट फेर हो सकता है, कोई नया चेहरा देखने को मिल सकता है लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष में किसी प्रकार के बदलाव की संभावना कम है. नीतीश कुमार पार्टी की कमान पूरी तरह से अपने पास ही रखना चाहेंगे. सबको पता है कि बिहार में ही जदयू का आधार है. इस बार विधानसभा चुनाव में जदयू का प्रदर्शन भी शानदार रहा है. नीतीश कुमार पूरी कोशिश करेंगे कि जो कोर वोट बैंक है, वह पूरी तरह से पार्टी के साथ जुड़ा रहे. उसके हिसाब से ही संगठन में कोई बड़ा बदलाव करेंगे."- अरुण पांडे, राजनीतिक विशेषज्ञ

ये भी पढ़ें:

JDU ने रखा एक करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य, 'मिशन इम्पॉसिबल' को कैसे पॉसिबल करेंगे नीतीश कुमार?

'अगले जनरेशन का भविष्य संवारें भाई निशांत कुमार', JDU नेता ने पोस्टर लगाकर नीतीश कुमार से की मांग

'JDU को बचाना है तो निशांत संभालें पार्टी की कमान', नीतीश के करीबी सांसद की मांग

Explainer: BJP के साथ या खिलाफ.. बंगाल में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा JDU?

बदल चुके हैं नीतीश कुमार! लोगों से संवाद बंद, कार्यकर्ताओं से मिलना कम और मीडिया से भी बनाई दूरी

2026 में नीतीश कुमार की सरकार और JDU की 10 बड़ी चुनौती?