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सरगुजा में पीलिया, पानी और मौत पर सियासत , कब सुधरेंगे हालात, जिम्मेदारों के पास नहीं है जवाब

सरगुजा के अंबिकापुर में पीलिया से दो लोगों की मौत हो गई है. 40 से ज्यादा लोग इस बीमारी से पीड़ित है.

Jaundice disease in Surguja
सरगुजा में पीलिया बीमारी (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 25, 2026 at 9:18 PM IST

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सरगुजा: संभाग मुख्यालय सरगुजा के अंबिकापुर में पीलिया का कहर जारी है. पीलिया के प्रकोप के बाद दो लोगों की मौत हो गई है. दो मौतों के बाद अंबिकापुर में पीलिया पर सियासी पारा हाई हो गया है. अब तक 40 से ज्यादा पालिया मरीजों की पहाचन हो चुकी है. दो लोगों की मौत पीलिया से हुई है. एक 13 साल के बच्चे और एक 40 साल के युवक की मौत हुई है. मौतों के बाद अंबिकापुर में सियासी संग्राम छिड़ चुका है.

अंबिकापुर में पीलिया का प्रकोप बढ़ा

अंबिकापुर में पीलिया मरीजों के मिलने के बाद पीलिया प्रभावित इलाकों में जांच तेज कर दी गई है. अंबिकापुर के मोमिनपुरा, नवागढ़, घुटड़ापारा, नमनकला का खटीकपारा, झंझटपारा और जनपदपारा पीलिया से ज्यादा प्रभावित हैं. इन इलाकों स्वास्थ्य विभाग की सघन जांच जारी है. स्वास्थ्य विभाग ने जांच और इलाज के लिए उस इलाके में ही कैम्प लगा दिया. आशंका व्यक्त की गई की पेयजल सप्लाई का पानी दूषित हो सकता है, जिसके बाद नगर निगम की टीम ने पाइप लाइनों की जांच शुरू की.

सरगुजा में पीलिया संक्रमण (ETV BHARAT)

पीलिया पर सियासत तेज

इधर मामले में सियासत भी शुरू हुई कांग्रेस ने लापरवाही का आरोप लगाया तो भाजपा की मेयर ने इसे कांग्रेस का षड्यंत्र बता दिया. लेकिन मामला तब और गंभीर हो गया जब ये बात सामने आ गई की शहर के अन्य इलाकों में भी पीलिया है और दो लोगो की मौत पीलिया से हो चुकी है. ये बात दबी हुई थी, जो मंगलवार की शाम बाहर आई जिसमे एक नमानकला के 13 वर्षीय बच्चे की मौत और जनपद पारा निवासी 40 वर्षीय सोनालाल की मौत पीलिया के वजह से होना पाया गया.

Ambikapur Mayor Manjusha Bhagat
नगर निगम की टीम के साथ अंबिकापुर मेयर मंजूषा भगत (ETV BHARAT)

हरकत में स्वास्थ्य विभाग

आज स्वास्थ्य विभाग ने पूरे शहर में स्क्रीनिंग शुरू करा दी है. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पीएस मार्को ने बताया कि हमने नर्सिंग और पैरामेडिकल के छात्रों के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम को लगाया है. शहर के 48 वार्ड में सघन जांच और पीलिया से बचाव के उपाय सुझाए जा रहे हैं.

Jaundice affected area of ​​Surguja
सरगुजा का पीलिया प्रभावित इलाका (ETV BHARAT)

पानी की स्वच्छता पर निगम की चुप्पी

इस पूरी मामले में नगर निगम का रवैया गैरजिम्मेदाराना प्रतीत हो रहा है, क्योंकि अभी तक नगर निगम ने ये कन्फर्म नही किया है की पानी दूषित है या नहीं. और ना ही इस बात की पुष्टि कर सका है की पाइप लाइन से किसी एक इलाके में ही गंदा पानी गया है. मामले को 5 दिन से अधिक हो चुके हैं, लगातार नगर निगम ने भी पानी की जांच की लेकिन 5 दिन बीतने के बाद भी इनकी जांच रिपोर्ट सामने नही आ सकी है.

Jaundice outbreak in Surguja
सरगुजा में पीलिया का प्रकोप (ETV BHARAT)

पूर्व डिप्टी सीएम ने खोला मोर्चा

इधर इस मामले में पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा है कि "अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र से पिछले तीन-चार दिन से बहुत चिंतित करने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं. पीलिया को लेकर और दूषित पानी को लेकर यह बातें सामने आ रही है. अभी कल परसों नमना से यह जानकारी आई कि वहां भी एक 13 वर्ष के बच्चे की मृत्यु हो गई है जो शहर का पश्चिमी क्षेत्र है. शहर में दूषित पानी की समस्या चिंता पैदा कर रही है.

Congress protest on jaundice in Surguja
सरगुजा में पीलिया पर कांग्रेस का प्रदर्शन (ETV BHARAT)

नगर निगम को सर्वेक्षण कराना चाहिए

टीएस सिंहदेव ने कहा कि नगर निगम प्रबंधन और जिला प्रशासन को तत्काल कारवाई करनी चाहिए. पीलिया प्रभावित और पेयजल प्रभावित इलाकों में एक गहन सर्वेक्षण सर्वे कराना चाहिए. घर घर सर्वे कराना चाहिए ताकि जानकारी लग सके कि शहर के किन क्षेत्रों में वाकई में दूषित पानी आ रहा है. एक वातावरण डर का भी बन जाता है कि पानी खराब आ रहा है, पीलिया फैल रहा है. यदि पानी ठीक है तो क्या दूसरा कारण हो सकता है. इसकी भी जांच साथ में हो जाएगी. जिस इलाके में पीलिया की बीमारी हो रही है वहां लगातार सघन खून की जांच कराई जानी चाहिए. इसके बाद इलाज के लिए मॉनिट्रिंग होनी चाहिए. यह सारी कार्रवाई करना और साथ में जवाबदेही तय करना कि आखिर यह लापरवाही कैसे हो रही है क्यों हो रही है यह अति आवश्यक है.

सरगुजा सांसद का बयान

वहीं सरगुजा से भाजपा सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि "वार्ड क्रमांक 40 में यह दिक्कत है. मै कल भी बात किया था. ऐसा बताया गया कि जो पाइप लाइन है वो कहीं लीकेज हो रहा है. उसमें से गंदा पानी गया है. यह चूक हुई है तो नगर निगम को तुरंत इसे ठीक करना चाहिए. सांसद जी से पूछा गया की आपकी महापौर मंजूषा भगत का बयान आता है कि यहां पर गंदगी है. अगर गंदगी है तो सफाई करने की जिम्मेदारी किसकी है? इस पर सांसद ने कहा नहीं बिल्कुल सफाई करना निगम की जिम्मेदारी है. मैं प्रशासन और नगर निगम को तुरंत फोन कर बता दे रहा हूं.मैं तुरंत महापौर से भी बात करूंगा

पीलिया पर स्वास्थ्य विभाग का बयान

महामारी नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र गुप्ता ने बताया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हर महीने करीब सौ मरीज पीलिया के भर्ती होते हैं. जो यहां से स्वस्थ होकर जाते हैं. ऐसी कोई बात नहीं है कि शहर में पीलिया फैला हुआ है. इस बात की स्वास्थ्य विभाग तस्दीक करता है. कोई घबराने की बात नहीं है कि इससे कोई जानलेवा स्थित निर्मित हो. अभी डोर टू डोर सर्वे हो रहा है, मौसम भी है इसलिए इस तरह की घटना हो सकती है, इसके लिए नगर निगम और पीचई विभाग के लगातार हम संपर्क में है, ताकि पेयजल की सफाई और नालियों की सफाई कर सकें.

जिन दो लोगों की मौत हुई है उन लोगों को यहां से रायपुर रेफर किया गया था, लेकिन वो लोग अपने हिसाब से इलाज करा रहे थे, जिस कारण उनकी मौत हुई है. पानी के प्रदूषण से सामान्य रूप से उल्टी दस्त होती है पीलिया नही होता है. स्वास्थ्य विभाग ने आठ सैम्पल लिए थे जिसमे से 4 की रिपोर्ट संक्रमित आई है- शैलेन्द्र गुप्ता, नोडल अधिकारी, महामारी नियंत्रण, सरगुजा

कांग्रेस का अंबिकापुर में प्रदर्शन

पीलिया से मौत के मुद्दे पर सरगुजा में कांग्रेस ने जमकर बवाल काटा है. बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने नगर निगम ने नए भवन का घेराव कर दिया. भारी संख्या में कांग्रेसी स्थानीय कोठघर से रैली की शक्ल में नारेबाजी करते निकले और नगर निगम का घेराव कर दिया. पुलिस के द्वारा की गई बेरिकेटिंग को कांग्रेसियों ने तोड़ दिया और निगम के प्रशासनिक भवन के अंदर प्रवेश कर गये. घंटो नारेबाजी के बाद जल विभाग के प्रभारी को ज्ञापन सौंपा गया.

कांग्रेस नेता शफी अहमद ने कहा कि "अंबिकापुर शहर में जो पेयजल की आपूर्ति निगम के माध्यम से की जा रही है. दूषित पेयजल की शिकायत लगातार आ रही है और जांच में भी यह प्रमाणित हो रहा है कि दूषित पेयजल की सप्लाई हुई है. हम लोग जो शिकायत करते आ रहे थे उसका परिणाम यह भी निकला कि समय पे उपचार नहीं होने के कारण दो लोगों को जान गंवानी पड़ी है. आज अंबिकापुर शहर में अलग-अलग क्षेत्रों में पीलिया के पेशेंट दिखाई दे रहे हैं, लेकिन, फिर भी जो गैर जिम्मेदाराना तरीक़े से महापौर के द्वारा कल का बयान दिया गया, उससे यह लगता है कि वह इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है.

"आज भी हम लोग कांग्रेस की ओर से मांग करते हैं कि ऐसे गैर जिम्मेदार लोग अपने पद से त्यागपत्र दें और साथ ही जो पूरे अंबिकापुर शहर में जो भय का वातावरण नगर निगम के कुशासन के कारण बनी हुई है. उसमें उच्च स्तरीय जांच कराई जाए-शफी अहमद, कांग्रेस नेता, अंबिकापुर

नगर निगम ने कराई पानी की जांच

नगर निगम के जल विभाग के प्रभारी प्रशांत खुल्लर ने बताया कि नगर निगम अंबिकापुर को 20-21 तारीख के बाद अहम सूचना प्राप्त हुई थी. इसमें बताया गया कि मोमिनपुरा इलाके और नवागढ़ कुछ इलाकों में गंदे पानी के कारण पीलिया फैल रहा है. जैसे ही सूचना प्राप्त हुई हमारी टीम तत्काल मौके पर पहुंची. वहां पर पूरी टीम के साथ हमने सर्वे किया है. रेंडमली वहां पर सैंपल कलेक्ट किए गए हैं. कुछ सैंपल जो है रायपुर भेजे गए हैं टेस्टिंग के लिए. जिसमें इकोलाई नाम का एक बैक्टीरिया होता है. उसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अपन बता पाएंगे कितना क्या है.

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