अनुच्छेद 370 हटाने के बाद भी जम्मू-कश्मीर के हालात नहीं सुधरे: उमर अब्दुल्ला
अमृतसर आए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 370 हटाने के बाद प्रभाव, पंजाब के साथ रिश्तों और मनरेगा स्कीम पर विचार साझा किए.

Published : January 10, 2026 at 1:43 PM IST
अमृतसर (पंजाब): जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला शुक्रवार को अमृतसर में एक खास प्रोग्राम में हिस्सा लिया. यहां मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने अमृतसर के बारे में बहुत सुना है लेकिन आज मुझे पहली बार अमृतसर आने का मौका मिला. मैंने सुना था कि अमृतसर का पानी बहुत खास है, आज मुझे भी उसे पीने का मौका मिला.
उमर अब्दुल्ला ने कहा, "केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटा दिया है, लेकिन फिर भी जम्मू-कश्मीर के हालात नहीं सुधरे हैं. हिंसा, आतंकवाद और बेरोजगारी में कोई बदलाव नहीं आया है. आतंकवाद का पूरे राज्य में पर्यटन पर बड़ा असर पड़ा है. पहलगाम हमले और उसके बाद दिल्ली में हुए ब्लास्ट में बेगुनाहों की जान जाने का असर जम्मू-कश्मीर के पर्यटन पर पड़ रहा है. पर्यटन धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रहा है.
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार MGNREGA स्कीम में कई बदलाव कर रही है और नाम बदला जा रहा है. महात्मा गांधी का नाम हटाकर VB-G RAM G करना भी गलत है. अब राज्यों को पैसे का मैनेजमेंट खुद करना है, जिसका बोझ केंद्र ने डाल दिया है. इसलिए इन दोनों बातों को लेकर हमारी आपत्ति है."
उमर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को अलग राज्य बनाने की कोशिश हो रही है. केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर का जहाज डुबोना चाहती है. लद्दाख का जहाज पहले ही डूब चुका है. अब जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स का चलन बढ़ गया है. जम्मू-कश्मीर में अब ड्रग्स एक बड़ी समस्या बन गई है.
केंद्र सरकार MGNREGA में जो बदलाव कर रही है, वे गलत हैं. VB-G RAM G योजना को बदलकर केंद्र सरकार ने इसका वित्तीय बोझ राज्यों के कंधों पर डाल दिया है. केंद्र ने मनरेगा स्कीम के उद्देश्य को ही कमजोर कर दिया है. पहले मनरेगा के लिए सारा फंड केंद्र सरकार से आता था, लेकिन अब केंद्र ने यह बोझ अपने कंधों से हटाकर वित्तीय बोझ काफी हद तक राज्य सरकारों पर डाल दिया है. - उमर अब्दुल्ला
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस के बंद होने पर दुख जताया, जो जम्मू-कश्मीर का एकमात्र मेडिकल कॉलेज था. बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा बांग्लादेश सरकार की जिम्मेदारी है.
उन्होंने कहा कि पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच रिश्ते अच्छे हैं. यहां जो भी सरकार बने, व्यक्तिगत और राजनीतिक तौर पर उसके रिश्ते अच्छे हैं.
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