श्रीनगर के सांसद रूहुल्लाह मेहदी और पूर्व मेयर मट्टू के खिलाफ केस दर्ज, भड़काऊ कंटेंट साझा करने के आरोप
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बयान में कहा कि सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी द्वारा प्रसारित किए गए कंटेंट से सार्वजनिक व्यवस्था खराब होने का खतरा है.

Published : March 4, 2026 at 10:26 AM IST
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी और श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद अजीम मट्टू के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कथित तौर पर गलत और 'गुमराह करने वाला कंटेंट' फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक, ऐसे कंटेंट सार्वजनिक व्यवस्था खराब होने का खतरा है.
डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर झूठे, मनगढ़ंत और गुमराह करने वाले कंटेंट के सर्कुलेशन के बारे में 'पुख्ता इनपुट' मिलने के बाद श्रीनगर के साइबर पुलिस स्टेशन में ये केस दर्ज किए गए. पुलिस ने एक बयान में कहा कि कंटेंट का उद्देश्य 'डर पैदा करना, सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ना और गैर-कानूनी कामों को भड़काना' था. दोनों नेताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए हैं.
पुलिस ने कहा कि जिस कंटेंट के लिए श्रीनगर के सांसद मेहदी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था, "पहली नजर में वह गलत बातें और बिना सत्यापित की गई जानकारी फैलाना दिखाता है, जिससे लोगों में अशांति और समाज में अशांति फैल सकती है."
श्रीनगर में पुलिस ने कहा, "गलत जानकारी फैलाने की ऐसी जानबूझकर की गई कोशिशें शांति, सुरक्षा और पूरी स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं."
पुलिस प्रवक्ता ने कहा, "दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी गई है और चल रही है."
पुलिस प्रवक्ता ने लोगों को सलाह दी कि ऑनलाइन कंटेंट साझा करने से पहले ऑफिशियल और भरोसेमंद सोर्स से जानकारी सत्यापित कर लें और ऐसा असत्यापित सामग्री साझा करने से बचें जिससे सांप्रदायिक सद्भाव या सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ सकती है. कानून के तहत आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
दरअसल, अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के विरोध में कश्मीर घाटी में प्रदर्शन हो रहे थे. मंगलवार को श्रीनगर और घाटी के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन रोकने के लिए पाबंदियां लगाई गईं और इंटरनेट की स्पीड कम कर दी गई. छात्रों की सुरक्षा के लिए एहतियात के तौर पर 7 मार्च तक शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं.
सांसद मेहदी की प्रतिक्रिया
अपने खिलाफ केस पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद मेहदी ने कहा, "वही सरकार जो एक आजाद देश के नेता की शहादत की बुराई करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई, अब उस व्यक्ति पर केस करने की हिम्मत जुटा रही है जिसने ऐसा किया था."
उन्होंने कहा कि श्रीनगर के लोगों ने उन्हें सरकार की मंजूरी वाले शोक संदेश पढ़ने के लिए नहीं चुना. उन्होंने पुलिस के बयान के साथ एक्स पर पोस्ट किया, "उन्होंने उन्हें सच बोलने के लिए चुना. यह अधिकार FIR से खत्म नहीं होता."
एक अलग बयान में, मट्टू ने दावा किया कि ईरान और खामेनेई पर उनके बयानों और ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों पर बीजेपी की सरकार के नैतिक त्याग के खिलाफ बोलने की वजह से उनकी सुरक्षा 'वापस ले ली गई' है. पूर्व मेयर ने कहा, "आपको शोक मनाने वालों को उपदेश देते हुए प्रशासन और पुलिस की तारीफ करनी होगी. माफ करें, मैं इनमें से कोई भी काम नहीं कर सकता."
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