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जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने की ईरान पर US-इजराइल हमले की कड़ी निंदा की, कहीं ये बड़ी बात

जमाअत ए इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मलिक मोअतसिम खान की भारत को अपने पारंपरिक गुटनिरपेक्ष और सिद्धांत आधारित रुख को कायम रखने की अपील .

ईरान पर अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त सैन्य हमले की जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने की कड़ी निंदा
ईरान पर अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त सैन्य हमले की जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने की कड़ी निंदा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : February 28, 2026 at 9:01 PM IST

3 Min Read
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नई दिल्ली: जमाअत ए इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मलिक मोअतसिम खान ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि हम ईरान पर अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त सैन्य हमले की कड़ी निंदा करते हैं. यह हमला न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है बल्कि इससे आम नागरिकों की जान और आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है.सैन्य टकराव का रास्ता कभी भी स्थायी शांति की ओर नहीं ले जाता यह कदम पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ाएगा और प्रतिशोध की कार्रवाई की आशंकाएं पैदा करेगा.

अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान वार्ता, संवाद से करने की अपील

जमाअत ए इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष ने कहा हम मानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान वार्ता, संवाद और अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर होना चाहिए,इसलिए हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हैं कि वह तुरंत तनाव कम कराने के लिए हस्तक्षेप करे और संघर्षविराम सुनिश्चित करे.जमाअत नेतृत्व का कहना है कि पश्चिम एशिया पहले ही कई युद्धों और संघर्षों का दंश झेल चुका है.

ईरान पर हमले की जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने की कड़ी निंदा (ETV Bharat)

नए सैन्य टकराव से हालात और गंभीर होने की आशंका

पिछले दशकों में इस क्षेत्र में हुए सैन्य अभियानों के कारण बड़े पैमाने पर जनहानि, विस्थापन, आर्थिक गिरावट और लंबी अस्थिरता देखी गई है.ऐसे में किसी भी नए सैन्य टकराव से हालात और गंभीर हो सकते हैं, जिसका असर सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि कई पड़ोसी देशों तक फैल सकता है.

आम नागरिकों की सुरक्षा हो सर्वोच्च प्राथमिकता
संगठन ने तेहरान और अन्य इलाकों में धमाकों की खबरों पर गहरी चिंता जताई और कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. अपने बयान में जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने भारत सरकार से भी अपील की है कि वह अपने पारंपरिक गुटनिरपेक्ष और सिद्धांत आधारित रुख को कायम रखे.

संयम, युद्धविराम और अंतरराष्ट्रीय कानून की वकालत
संगठन ने कहा कि भारत को वैश्विक मंचों पर संयम, युद्धविराम और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान की वकालत करनी चाहिए.साथ ही मुस्लिम देशों से भी अपील की गई है कि वे एकजुट होकर इस संकट को बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदलने से रोकने के लिए ज़िम्मेदाराना भूमिका निभाएं.


सैन्य कार्रवाई के बजाय हो कूटनीतिक समाधान
कुल मिलाकर, ईरान पर कथित संयुक्त हमले को लेकर जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया है. संगठन ने सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक समाधान, संयम और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन पर ज़ोर दिया है. अब देखना होगा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बढ़ते तनाव को कम करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं.


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