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मोबाइल हैक कर ऑर्डर करते महंगे सामान, नेपाल के रास्ते विदेश भेजते मोबाइल, पुलिस ने गिरोह के दो बदमाशों को पकड़ा

गिरोह के सदस्य पुलिस से बचने और वित्तीय लेनदेन को छिपाने के लिए क्रिप्टोकरेंसी के जरिए लेनदेन करते हैं.

Cyber fraudster arrested
गिरफ्तार आरोपी. (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 1, 2026 at 7:05 PM IST

3 Min Read
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जयपुर: जयपुर की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो लोगों के मोबाइल हैक कर ई कॉमर्स वेबसाइट के जरिए महंगे सामान ऑर्डर करते. इसके लिए वे पीड़ितों के डेबिट-क्रेडिट कार्ड की जानकारी उपयोग करते थे. पुलिस ने इस गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है. इनसे पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है. प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि ये आरोपी लोगों को फर्जी लिंक भेजकर उनका मोबाइल हैक कर लेते और फिर महंगे सामान ऑर्डर कर ठगी की वारदात को अंजाम देते. पड़ताल में यह भी सामने आया है कि ठगी के जरिए मंगवाए गए मोबाइल को ये आरोपी नेपाल के रास्ते विदेश भेज देते हैं. अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है.

डीसीपी (क्राइम) अभिजीत सिंह ने बताया कि ई कॉमर्स वेबसाइट के जरिए ठगी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) निवासी अमोल चौपड़ा और प्रताप नगर (जयपुर) निवासी सक्षम खंडेलवाल को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपियों से पूछताछ में इस गिरोह के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. अमोल चौपड़ा को न्यायिक अभिरक्षा में भिजवा दिया गया है, जबकि सक्षम को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. इस गिरोह में शामिल अन्य संदिग्ध बदमाशों की तलाश जारी है.

डीसीपी (क्राइम) अभिजीत सिंह (ETV Bharat Jaipur)

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इस तरह देते हैं ठगी की वारदातों को अंजाम: उन्होंने बताया कि इस गिरोह से जुड़े बदमाश लोगों को फर्जी (मैलिशियस) लिंक भेजकर उनका मोबाइल हैक कर लेते हैं. इसके बाद उनके डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड की जानकारी का दुरूपयोग कर ई कॉमर्स वेबसाइट के जरिए महंगे सामान और मोबाइल खरीद लेते थे. आरोपी थर्ड पार्टी एप्लिकेशन और डिजिटल पहचान चोरी के जरिए पीड़ितों के डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड से सामान खरीदने के लिए भुगतान करते थे.

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तत्काल डिलीवरी सेवाओं का करते उपयोग: उनका कहना है कि इस गिरोह से जुड़े बदमाश ई कॉमर्स वेबसाइट की तत्काल डिलीवरी वाली सेवाओं के जरिए सामान ऑर्डर करते हैं. इससे जब तक पीड़ित समझ पाता कि उसके साथ ठगी हो रही है और वह कार्ड को ब्लॉक करवाता. तब तक वे वारदात को अंजाम दे चुके होते. पड़ताल में सामने आया है ई कॉमर्स वेबसाइट की तत्काल डिलीवरी सुविधा बड़े शहरों में ही उपलब्ध है, इसलिए ये बड़े शहरों में डिलीवरी लेते और वह सामान कम दाम में छोटे शहरों में बेच देते. इसके साथ ही महंगे मोबाइल को देश से बाहर भेजने की बात भी सामने आई है.

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क्रिप्टोकरेंसी में किया जाता लेनदेन: उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है. पड़ताल में यह भी सामने आया है कि पुलिस से बचने और वित्तीय लेनदेन को छिपाने के लिए आरोपी क्रिप्टोकरेंसी के जरिए लेनदेन करते हैं. उनका कहना है कि फिलहाल, जो दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए हैं. वह इस गिरोह की एक कड़ी है. इस गिरोह में शामिल बदमाशों का अलग-अलग काम होता है और इससे जुड़े अपराधी अलग-अलग लोकेशन से अपना काम करते हैं.